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मेरी रूपा को ढूंढ दो साहब: गूंजती रही मां की पुकार, अलीगढ़ रेलवे स्टेशन का सुरक्षा तंत्र फेल, मासूम का अपहरण
Fri, 20 Jun 2025 08:05 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 20 Jun 2025 08:05 AM IST
सार
अलीगढ़ के भरे रेलवे स्टेशन से दिनदहाड़े एक बच्ची को उठा लिया गया। देर रात तक भी पता नहीं चला। वैसे भी यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी यहां वारदातें हो चुकी हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई। यह स्थिति तब है जब जीआरपी और आरपीएफ की लंबी चौड़ी फौज है।
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मासूम रूपा, जिसे स्टेशन से उठा ले गया बदमाश
- फोटो : परिजन
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विस्तार
मेरी रूपा को ढूंढ दो साहब। वह रो रही होगी। हम नहीं जी पाएंगे उसके बिना। सोना मांझी की यह पुकार अलीगढ़ रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक गूंजती रही। धर्मेंद्र और उसकी पत्नी ने एक-एक हिस्सा छान मारा। लोगों को उसका फोटो दिखाते। देर रात तक तलाश होती रही मगर बच्ची कहीं नजर नहीं आई। परिवार ने कहा कि जब तक उनकी बच्ची नहीं मिलेगी वह यहां से हटेंगे नहीं।
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परिवार वालों ने बताया कि धर्मेंद्र आज बड़ा खुश था। बच्चों को नए कपड़े बनवाए थे। वह लंबे समय बाद अपने परिवार के साथ गांव जा रहा था। लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी खुशियों को इस तरह से नजर लग जाएगी। रेलवे स्टेशन की खामोशी को इस दंपती की पुकार तोड़ रही थी। आसपास मौजूद लोग इन्हें समझाने की कोशिश करते मगर जिसकी बच्ची गायब हो जाए उसे भला कौन हिम्मत बंधा सकता है।
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फेल है अलीगढ़ रेलवे स्टेशन की सुरक्षा, आए दिन होती वारदात
अलीगढ़ के भरे रेलवे स्टेशन से दिनदहाड़े एक बच्ची को उठा लिया गया। देर रात तक भी पता नहीं चला। वैसे भी यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी यहां वारदातें हो चुकी हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई। यह स्थिति तब है जब जीआरपी और आरपीएफ की लंबी चौड़ी फौज है। लेकिन फिर भी सुरक्षा घेरा मजबूत नहीं किया जा रहा है। अब तो सुरक्षा कर्मियों की सक्रियता पर ही सवाल उठने लगे हैं। बताया जाता है कि यह बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। इस गिरोह के लोग मौका देखते ही बच्चों को गायब कर देते हैं। रेलवे पुलिस इस गिरोह पर अंकुश लगाना तो छोड़िए पीड़ितों का मुकदमा तक दर्ज नहीं करती है।
छह साल पहले भी हो चुका है बच्ची का अपहरण
स्टेशन से करीब छह साल पहले भी एक बच्ची का अपहरण हो चुका है। जिसे पुलिस अब तक नहीं तलाश पाई है। दिव्यांग मालती पत्नी झम्मन लाल निवासी नया बांस, सुरीर, मथुरा अपनी तीन बेटियों और एक बेटे को लेकर पति के साथ दिल्ली के शाहदरा थाना क्षेत्र के मीत नगर में रहती है। पति ई-रिक्शा चलाकर परिवार को पालन-पोषण करता है। रक्षाबंधन पर मालती गंगीरी निवासी अपने भाई को राखी बांधने के आई थी। स्टेशन पर वापसी के दाैरान एक महिला उसकी एक साल की बेटी लक्ष्मी को खिलाने के बहाने लेकर गायब हो गई। पुलिस इस घटना में अब तक अगवा बच्ची को तलाश नहीं सकी है।