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लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों का कराएं निस्तारण : जिला जज
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राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन को लेकर बैठक करते जिला जज डॉ. बब्बू सारंग।
- फोटो : CITY OFFICE
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 12 नवंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होगा। इसकी सफलता को लेकर शुक्रवार को जिला न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अध्यक्षता में विश्राम कक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।
जिला जज ने श्रम विभाग द्वारा मात्र छह मामले निस्तारित करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लोक अदालतें जनसामान्य के वादों के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित की जातीं हैं, इसके आयोजन को गंभीरता से लेते हुए अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराए जाएं। लोक अदालत में विद्युत विभाग द्वारा 1680 मामलों का निस्तारण किया गया था। विद्युत विभाग को 2200 मामलों का निस्तारण करने का लक्ष्य देते हुए जिला जज ने अधिकाधिक नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए। नगर निगम द्वारा गत लोक अदालत में 101 मामलों का निराकरण किया गया था, नगर निगम को 960 का लक्ष्य दिया गया था। परिवहन विभाग द्वारा अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर एआरटीओ को विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को शनिवार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गत लोक अदालत में 17 हजार चालान के मामलों में से तीन हजार का निराकरण कराया गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि जो जुर्माना जमा न हो उसे पोर्टल पर अपलोड न किया जाए।
उन्होंने एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी को निर्देशित किया कि लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को लगवाने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर लें। संचालन सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण महेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को 12 नवंबर को आयोजित हो रही लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक वादों के निस्तारण करने के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर मामलों को प्रस्तुत कर निस्तारण के निर्देश दिए। बैंकों से लगाए गए मामलों में जारी हो रहे नोटिस के लिए सभी बैंकों को दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही जिन नोटिस का तामिला पुलिस प्रशासन द्वारा किया जा सकता है उनके तामिल के लिए भी निर्देश जारी किए गए। बैठक में एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी, सीजेएम राघवेंद्र मणि, डॉ. एस चंद्रा, उप नगर आयुक्त राज किशोर प्रसाद समेत विभिन्न न्यायिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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जिला जज ने श्रम विभाग द्वारा मात्र छह मामले निस्तारित करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि लोक अदालतें जनसामान्य के वादों के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित की जातीं हैं, इसके आयोजन को गंभीरता से लेते हुए अधिक से अधिक वाद निस्तारित कराए जाएं। लोक अदालत में विद्युत विभाग द्वारा 1680 मामलों का निस्तारण किया गया था। विद्युत विभाग को 2200 मामलों का निस्तारण करने का लक्ष्य देते हुए जिला जज ने अधिकाधिक नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए। नगर निगम द्वारा गत लोक अदालत में 101 मामलों का निराकरण किया गया था, नगर निगम को 960 का लक्ष्य दिया गया था। परिवहन विभाग द्वारा अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर एआरटीओ को विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव को शनिवार को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। गत लोक अदालत में 17 हजार चालान के मामलों में से तीन हजार का निराकरण कराया गया था। उन्होंने निर्देश दिए कि जो जुर्माना जमा न हो उसे पोर्टल पर अपलोड न किया जाए।
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उन्होंने एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी को निर्देशित किया कि लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को लगवाने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ अलग से बैठक कर लें। संचालन सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण महेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को 12 नवंबर को आयोजित हो रही लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक वादों के निस्तारण करने के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर मामलों को प्रस्तुत कर निस्तारण के निर्देश दिए। बैंकों से लगाए गए मामलों में जारी हो रहे नोटिस के लिए सभी बैंकों को दिशा निर्देश दिए गए। साथ ही जिन नोटिस का तामिला पुलिस प्रशासन द्वारा किया जा सकता है उनके तामिल के लिए भी निर्देश जारी किए गए। बैठक में एडीएम सिटी विवेक चतुर्वेदी, सीजेएम राघवेंद्र मणि, डॉ. एस चंद्रा, उप नगर आयुक्त राज किशोर प्रसाद समेत विभिन्न न्यायिक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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