{"_id":"686621265d2bd424f2024bb2","slug":"ganga-yamuna-water-level-increased-in-aligarh-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: गंगा-यमुना का बढ़ा जलस्तर, खतरे के निशान के पहुंचा करीब, प्रशासन हुआ अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: गंगा-यमुना का बढ़ा जलस्तर, खतरे के निशान के पहुंचा करीब, प्रशासन हुआ अलर्ट
Thu, 03 Jul 2025 11:50 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 03 Jul 2025 11:50 AM IST
सार
2 जुलाई को नरौरा बैराज (बुलंदशहर) से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर 178.04 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 178.765 मीटर के बेहद करीब है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि खतरे का निशान पार करने के लिए अभी करीब 2.50 लाख क्यूसेक पानी और डिस्चार्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
सांकरा गंगा घाट पर बहता पानी
- फोटो : संवाद
विस्तार
अलीगढ जिले में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नरौरा बैराज से 116513 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, हालांकि अभी तक खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है।
विज्ञापन
अतरौली तहसील क्षेत्र के दीनापुर, गनेशपुर, सांकरा, अलिया नगला और किरतौली सहित कई गांव गंगा के किनारे बसे हैं। इन गांवों से सटकर गंगा गुजरती है और बाढ़ आने पर लगभग 16 गांव प्रभावित होते हैं। इनमें से कई गांव तो गंगा से मुश्किल से 250 मीटर की दूरी पर हैं। 2 जुलाई को नरौरा बैराज (बुलंदशहर) से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर 178.04 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 178.765 मीटर के बेहद करीब है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि खतरे का निशान पार करने के लिए अभी करीब 2.50 लाख क्यूसेक पानी और डिस्चार्ज होना चाहिए।
विज्ञापन
दूसरी ओर यमुना नदी में ओखला बैराज (नई दिल्ली) पर सुबह आठ बजे जलस्तर 195.75 मीटर दर्ज किया गया। यहां से 14917 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यमुना का जलस्तर अभी खतरे के निशान (200.600 मीटर) से काफी नीचे है। खैर तहसील के महाराजगढ़ और शेरपुर गांव यमुना के किनारे स्थित हैं।
विज्ञापन
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रमोद कुमार ने बताया कि गंगा-यमुना के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि फिलहाल खतरे जैसी कोई बात नहीं है। दोनों क्षेत्रों का तहसील प्रशासन पहले से ही सजग है और जलस्तर को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को भी अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।