बाढ़ के साय में है अलीगढ़!: गंगा का घटा जलस्तर, ग्रामीणों की मुसीबतें और बढ़ीं; अभी भी खतरे के निशान से ऊपर
सांकरा क्षेत्र में गंगा का जलस्तर शुक्रवार रात से बढ़ना शुरू हो गया था, रविवार को पानी खतरे के निशान 2.5 लाख क्यूसेक को पार करते हुए 3.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था।
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सांकरा में गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर चल रही है लेकिन जलस्तर घटना शुरू हो गया है लेकिन गांवों की आबादी में पहुंचा पानी अभी भरा हुआ है। फसलों में पानी भरा होने से पशुओं के चारे की समस्या पैदा हो गई है। राहत सामग्री का वितरण नहीं किया गया है। वहीं गंगा में बही वृद्धा का अभी पता नहीं चल सका है।
सांकरा क्षेत्र में गंगा का जलस्तर शुक्रवार रात से बढ़ना शुरू हो गया था, रविवार को पानी खतरे के निशान 2.5 लाख क्यूसेक को पार करते हुए 3.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था। इससे मवेशियों के लिए बोए गए चारे और अन्य फसलें पानी में डूबने के कारण नष्ट हो गई हैं। गांवों की आबादी वाले इलाकों में पानी घुसने के कारण मवेशियों का स्थान बदल दिया है। हालांकि सोमवार को पानी 2.67 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया है, जो लोगों के लिए राहत भरी खबर है। प्रशासन भी दावा कर रहा है कि अब पानी बढ़ने के बजाय लगातार घटेगा।
आबादी में पानी भरने से पशु चारे का संकट
खेतों में पानी भरने से फसल के नष्ट होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या पैदा हो गई है। आबादी में पानी अभी भी भरा हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक सामानों की कमी महसूस की जा रही है। लोगों का कहना था कि सोमवार को राहत सामग्री मिलने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा हुआ नहीं है।
बीमारियों की आशंका जता रहे ग्रामीण
ग्रामीण आशंका जता रहे हैं कि तेज धूप निकलने पर पानी के सड़ने और जलभराव की वजह है बीमारियों का खतरा पैदा हो सकता है। आबादी में पानी घुसने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे, वह अभी लौटे नहीं है।
गंगा में बही वृद्धा का दूसरे दिन भी नहीं पता चला
गांव टोडरपुर के माजरा नगला बढ़न निवासी श्रीमती देवी रविवार को गंगा में डूब गई थीं। राजस्व और पुलिस टीम उनकी तलाश में जुटी थी। गोताखोरों ने दूसरे दिन भी उनकी तलाश किया लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला।
सांकरा में लोगों को हर हाल में राहत दे प्रशासन: संदीप सिंह
राज्यमंत्री संदीप सिंह ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से वार्ता कर सांकरा की वर्तमान स्थिति जानी। संदीप सिंह ने बताया कि अधिकारियों से स्पष्ट कह दिया गया है कि सरकार की मंशा के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में अधिकारी स्वयं पहुंचकर निगरानी करें। जनमानस को खाद्यान्न व अन्य प्रकार की जरूरत की चीजें अवश्य उपलब्ध कराते रहें। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जनता को हर प्रकार की राहत पहुंचाना शासन की अतिशीर्ष प्राथमिकता का कार्य है। अधिकारी सांकरा क्षेत्र की हर स्थिति को गंभीरता से देखें और कार्य करें।
सिंचाई, स्वास्थ्य और राजस्व टीम 24 घंटे करें निगरानी: आयुक्त
सांकरा में जलस्तर बढ़ने की खबर का आयुक्त संगीता सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने डीएम, सीएमओ व एसडीएम को पत्र जारी किया है, जिसमें कहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा के किनारे बसे तटवर्ती क्षेत्रों सांकरा आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगतार किए जाएं। प्रभावित नागरिकों की आवश्यकतानुसार वस्तुएं व उन्हें सुरक्षित स्थानों पर सभी आवश्यक जीवन उपयोगी सामग्री व सुविधाओं के साथ प्रतिस्थापित किया जाए। क्षेत्र में सिंचाई, स्वास्थ्य व राजस्व टीमें क्रियाशील करते हुए एक सप्ताह तक शीर्ष प्राथमिकता पर 24 घंटे तैनात रहें। आदेश की अवहेलना न हो और लोगों को जरूरत के अनुसार खाद्यान सामग्री पहुंचाते रहें।
- सांकरा में जलस्तर घटने लगा है। अब आबादी में पानी नहीं है। लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रख रहे हैं। नायब तहसीलदार के साथ राजस्व टीम मौके पर तैनात हैं।- सुमित सिंह, एसडीएम
ग्रामीण बोले
- गंगा में जलस्तर बढ़ने से मवेशियों की फसल पूरी तरह से डूब गई है। फसल नष्ट होने से मवेशियों के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। इसे लेकर बेहद चिंता है।- कालीचरन, रुस्तम नगर
- हर साल इसी तरह फसल नष्ट होती है। प्रशासन द्वारा सहायता दिलाने के लिए सर्वे तो किया जाता है लेकिन मिलता कभी कुछ नहीं है। मवेशियों की परेशानी अधिक है।- चंद्रकेश, किरतोली