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कर्मचारियों और सभासदों में जमकर गालीगलौज हाथापाई
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Wed, 28 Dec 2016 02:39 AM IST
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कर्मचारियों और सभासदों में जमकर गालीगलौज हाथापाई
- फोटो : Dig Vishal
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जवाहर भवन में हुए नगर निगम के अधिवेशन में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। गालीगलौज के बाद नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। बाहें चढ़ीं तो कालर भी खींच गए। बात यूं बढ़ी कि नामित पार्षद मसरूर अली ने नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा पर खुलेआम आरोप लगा दिया कि वो एटूजेड के मामलों में दिलचस्पी लेते हैं..? ऐसा क्यों है कि जब भी एटूजेड के बारे में कुछ पूछा जाता है तो वह नाराज हो जाते हैं..? जवाब नहीं देते हैं..? सीधे सीधे आरोप सुनने के बाद नगर आयुक्त बैठक से उठ कर चले गए।
ये देखकर नगर निगम कर्मी भड़क गए और सभासदों से भिड़ गए। कर्मियों और सभासदों के बीच गालीगलौज के बाद बाहें ऊपर चढ़ गईं। मारपीट होते होते बची। कुछ समझदार लोगों ने बीचबचाव किया। गुस्साए सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सब बाहर निकल गए। तकरीबन एक घंटे की मानमनौव्वल के बाद कुछ बात बनी। उपसभापति कुलदीप पांडेय और मेयर शकुंतला भारती ने सबको समझाया तो दोबारा से सबको बुला कर अधिवेशन की कार्रवाई पूरी कराई गई।
उपसभापति कुलदीप पांडेय ने कहा है कि बैठक में स्मार्ट सिटी पर स्वच्छता मिशन के बजट आवंटन, खर्च और प्रभारी अधिकारी पर चर्चा होनी थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका। क्योंकि इससे पहले ही बेवजह की बात पर हंगामा हो गया। इधर, पार्षद गुनीत मित्तल ने ये आरोप लगा दिया है कि एटूजेड का कूड़ा उठाने का चार्ज बढ़ाने को लेकर सभासदों से रायशुमारी नहीं की गई है। अगर रायशुमारी हुई है तो मेयर इसकी सीडी पेश करें। कोई तथ्य दिखाएं जिससे उनकी बात सही मानी जा सके।
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हंगामे की दो वजहें
1-मेयर चुप क्यों रहीं..?
इससे पहले हुए अधिवेशन में सभासदों ने मेयर से कहा था कि अगर प्रति मीट्रिक टन कूड़ा उठाने का एटूजेड का चार्ज कम है तो उसे 150 रुपये तक बढ़ा दिया जाए। इसमें सभासद मेयर के साथ है। लेकिन मेयर ने मंगलवार को बैठक के दौरान सभासदों को इसकी याद नहीं दिलाई। अगर मेयर सवाल उठते ही जवाब दे देती तो हंगामा इतना नहीं बढ़ता।
2-एटूजेड का चार्ज क्या है..?
एटूजेड शहर से कूड़ा उठाने के लिए 643 रुपये प्रति मीट्रिक टन का चार्ज नगर निगम से लेता है। इसी चार्ज में 150 रुपये बढ़ाने की बात हो रही थी। मेयर ने इस बढ़ोत्तरी की सिफारिश शासन को भेज दी है। जिसकी मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद ही बढ़ी हुई रकम का भुगतान बजट मिलने के बाद होगा।
नगर निगम बजट
380 करोड़ 67 लाख रुपये की आय का बजट है, जिसमें कर वसूली, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली अलग अलग योजनाओं की आर्थिक अनुदान की राशि शामिल है।
311 करोड़ 25 लाख रुपये का व्यय का बजट है, जिसमें नगर निगम के सभी खर्च और अन्य मदों का खर्च शामिल है। आय और व्यय के बजट में खर्च घटने बढ़ने का पुनरीक्षित बजट अलग से आता है। अधिवेशन बहिष्कार कर सभासद बाहर निकले
नगर निगम बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। डेढ़ बजे हंगामा हुआ और सभासदों ने अधिवेशन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद मेयर शकुंतला भारती की मनुहार पर दोपहर 2.45 बजे बैठक शुरू हुई जो साढ़े तीन बजे तक चली।
जब परिवार बड़ा हो जाता है तो कुछ न कुछ बातें होती हैं। नगर निगम के सभी कर्मी और सभासद एक परिवार का हिस्सा हैं। सबकी बात सुनी गई और उसका समाधान किया गया। पुनरीक्षित बजट पास हो गया है।
शकुंतला भारती, मेयर
नगर निगम का मुख्य बजट वित्तीय वर्ष की शुरुआत में मार्च के अंत में आता है। इसके बाद अक्तूबर में परंपरागत पुनरीक्षित बजट आता है। पुनरीक्षित बजट में अलग अलग मदों में खर्च बढ़ने या घटने की राशि को पास कर लिया जाता है। मंगलवार को अधिवेशन का एजेंडा यही था।
कुलदीप पांडेय, उपसभापति नगर निगम।
380 करोड़ 67 लाख रुपये की आय का बजट है। जिसमें कर वसूली, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली अलग अलग योजनाओं की धनराशि शामिल है। 311 करोड़ 25 लाख रुपये का व्यय का बजट है, जिसमें नगर निगम के सभी खर्च शामिल है।
संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।
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ये देखकर नगर निगम कर्मी भड़क गए और सभासदों से भिड़ गए। कर्मियों और सभासदों के बीच गालीगलौज के बाद बाहें ऊपर चढ़ गईं। मारपीट होते होते बची। कुछ समझदार लोगों ने बीचबचाव किया। गुस्साए सभासदों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और सब बाहर निकल गए। तकरीबन एक घंटे की मानमनौव्वल के बाद कुछ बात बनी। उपसभापति कुलदीप पांडेय और मेयर शकुंतला भारती ने सबको समझाया तो दोबारा से सबको बुला कर अधिवेशन की कार्रवाई पूरी कराई गई।
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उपसभापति कुलदीप पांडेय ने कहा है कि बैठक में स्मार्ट सिटी पर स्वच्छता मिशन के बजट आवंटन, खर्च और प्रभारी अधिकारी पर चर्चा होनी थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिल सका। क्योंकि इससे पहले ही बेवजह की बात पर हंगामा हो गया। इधर, पार्षद गुनीत मित्तल ने ये आरोप लगा दिया है कि एटूजेड का कूड़ा उठाने का चार्ज बढ़ाने को लेकर सभासदों से रायशुमारी नहीं की गई है। अगर रायशुमारी हुई है तो मेयर इसकी सीडी पेश करें। कोई तथ्य दिखाएं जिससे उनकी बात सही मानी जा सके।
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हंगामे की दो वजहें
1-मेयर चुप क्यों रहीं..?
इससे पहले हुए अधिवेशन में सभासदों ने मेयर से कहा था कि अगर प्रति मीट्रिक टन कूड़ा उठाने का एटूजेड का चार्ज कम है तो उसे 150 रुपये तक बढ़ा दिया जाए। इसमें सभासद मेयर के साथ है। लेकिन मेयर ने मंगलवार को बैठक के दौरान सभासदों को इसकी याद नहीं दिलाई। अगर मेयर सवाल उठते ही जवाब दे देती तो हंगामा इतना नहीं बढ़ता।
2-एटूजेड का चार्ज क्या है..?
एटूजेड शहर से कूड़ा उठाने के लिए 643 रुपये प्रति मीट्रिक टन का चार्ज नगर निगम से लेता है। इसी चार्ज में 150 रुपये बढ़ाने की बात हो रही थी। मेयर ने इस बढ़ोत्तरी की सिफारिश शासन को भेज दी है। जिसकी मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद ही बढ़ी हुई रकम का भुगतान बजट मिलने के बाद होगा।
नगर निगम बजट
380 करोड़ 67 लाख रुपये की आय का बजट है, जिसमें कर वसूली, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली अलग अलग योजनाओं की आर्थिक अनुदान की राशि शामिल है।
311 करोड़ 25 लाख रुपये का व्यय का बजट है, जिसमें नगर निगम के सभी खर्च और अन्य मदों का खर्च शामिल है। आय और व्यय के बजट में खर्च घटने बढ़ने का पुनरीक्षित बजट अलग से आता है। अधिवेशन बहिष्कार कर सभासद बाहर निकले
नगर निगम बोर्ड बैठक दोपहर 12 बजे से शुरू हुई। डेढ़ बजे हंगामा हुआ और सभासदों ने अधिवेशन का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद मेयर शकुंतला भारती की मनुहार पर दोपहर 2.45 बजे बैठक शुरू हुई जो साढ़े तीन बजे तक चली।
जब परिवार बड़ा हो जाता है तो कुछ न कुछ बातें होती हैं। नगर निगम के सभी कर्मी और सभासद एक परिवार का हिस्सा हैं। सबकी बात सुनी गई और उसका समाधान किया गया। पुनरीक्षित बजट पास हो गया है।
शकुंतला भारती, मेयर
नगर निगम का मुख्य बजट वित्तीय वर्ष की शुरुआत में मार्च के अंत में आता है। इसके बाद अक्तूबर में परंपरागत पुनरीक्षित बजट आता है। पुनरीक्षित बजट में अलग अलग मदों में खर्च बढ़ने या घटने की राशि को पास कर लिया जाता है। मंगलवार को अधिवेशन का एजेंडा यही था।
कुलदीप पांडेय, उपसभापति नगर निगम।
380 करोड़ 67 लाख रुपये की आय का बजट है। जिसमें कर वसूली, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली अलग अलग योजनाओं की धनराशि शामिल है। 311 करोड़ 25 लाख रुपये का व्यय का बजट है, जिसमें नगर निगम के सभी खर्च शामिल है।
संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त।