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कोविड वैक्सीनेशन में फर्जीवाड़ा ... डोज किसी को, नंबर किसी और का
Sun, 02 Jan 2022 12:46 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अभिषेक शर्मा , अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अभिषेक शर्मा , अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 02 Jan 2022 12:46 AM IST
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कोरोना टीकाकरण।
- फोटो : amar ujala
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जिले में कोविड रोधी वैक्सीनेशन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की बू आ रही है। हालांकि ये बेहद गंभीर और जांच का विषय है। मगर कुछ तो ऐसा है, जो बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा है। अब या तो महकमे के अलंबरदार इस सबसे अंजान हैं या फिर सिर्फ टीकाकरण की संख्या बढ़ाने के फेर में जानबूझकर चुप्पी साधे हैं। यह सवाल इसलिए भी नुमाया हो रहा है कि कोविड टीकाकरण के दौरान किसी अंजान मोबाइल नंबर पर पंजीकरण कराकर कोविड टीकाकरण कराया जाना कैसे संभव है? ऐसा ताजा उदाहरण शुक्रवार को सामने आया है, जिसमें एक अंजान मोबाइल नंबर से पंजीकरण कर मनैना टीकाकरण केंद्र पर तीन लोगों को टीका लगाया गया है।
शुक्रवार दोपहर करीब 11:10 बजे एक मोबाइल नंबर धारक तालानगरी में अपने मोबाइल के साथ मौजूद था। तभी उसके मोबाइल पर एक-एक कर तीन-चार एसएमएस आ गए। एकाएक एसएमएस आने पर उस व्यक्ति ने जब मोबाइल पर गौर किया और एसएमएस पढ़ने पर पता चला कि एक एसएमएस में संदेश था कि आपका कोविड वैक्सीन के लिए यह ओटीपी नंबर है और यह तीन मिनट के लिए वैध है।
इसके बाद दूसरा संदेश था कि आपको वैक्सीन की पहली डोज सफलतापूर्वक लग गई है। आप प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह के एसएमएस एक-एक कर तीन अलग अलग लोगों के नाम से इसी नंबर पर आए। यह देख व्यक्ति दंग रह गया, क्योंकि वह तो पहले से दोनों डोज लगवा चुका है।
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न उसने अब किसी के लिए अपने नंबर से कोविड डोज के लिए पंजीकरण कराया है और न कराने की सहमति दी है। फिर इस व्यक्ति ने कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी वेबसाइट पर जाकर तीनों प्रमाण पत्र जांचे तो ये मनैना वैक्सीनेशन सेंटर से 25 वर्षीय पुरुष, 43 वर्षीय पुरुष व 63 वर्षीय महिला के नाम से पहली डोज लगने के आवंटित थे। जिन्हें एक ही कर्मचारी ने डोज लगाई है।
ये है कोविड डोज का नियम
कोविड की डोज लगवाने के नियम की बात करें तो ये तभी संभव है, जब आप केंद्र पर अपना कोई पहचान पत्र और मोबाइल नंबर बताएंगे। उस नंबर पर आपका पंजीकरण होगा। ओटीपी के जरिये आपको डोज लगेगी और उसी नंबर पर आप भविष्य में ओटीपी की मदद से अपना प्रमाण पत्र डाउन लोड कर सकेंगे। दूसरी डोज लगवाने जाएंगे तो आपको वही पंजीकृत नंबर भी बताना होगा। तभी दूसरी डोज लगेगी और प्रमाण पत्र अपडेट होगा।
अब बड़ी जटिलता से तीनों को मिलेगा प्रमाण पत्र
इन तीन लोगों को अब प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा। इस विषय में महकमे के जानकार बताते हैं कि अब इन्हें दूसरी डोज पर अपना नया पहचान पत्र और नया नंबर लेकर जाना होगा। अपनी तारीख बतानी होगी, तभी अपडेट होने के बाद ये प्रमाण पत्र ले पाएंगे अन्यथा नहीं ले पाएंगे।
इस तरह के फर्जीवाड़े भी हो रहे
ये तो एक उदाहरण मात्र है। इसके अलावा देहात के कुछ केंद्रों और शहर के एक दो केंद्रों से बिना वैक्सीन लगवाए प्रमाण पत्र जारी होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। जो लोग किसी वजह से वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते और योजना का लाभ लेने, यात्रा आदि में उन्हें डोज के प्रमाण पत्र की जरूरत है तो उसमें भी उन्हें कुछ लोग मदद कर प्रमाण पत्र दे दे रहे हैं। साथ में ऐसे प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी पर नाम बदलकर भी फर्जीवाड़ा कर दिए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि ऐसे बिना मोबाइल वाले निरक्षर या कम पढ़े लिखे लोगों के संग वैक्सीन लगाने वाले वॉलंटियर गड़बड़झाला कर रहे हैं।
- ये आवेदक की गलती से हुआ होगा। या तो वह जानने वाले का नंबर दिया होगा या गलत नंबर बताया होगा। अब उसे प्रमाण पत्र लेने में दिक्कत होगी। अगर आफिस में आकर शिकायत देंगे तो इसकी व्यवस्था की जाएगी। - डॉ.एमके माथुर, जिला प्रतिरक्षा अधिकारी
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शुक्रवार दोपहर करीब 11:10 बजे एक मोबाइल नंबर धारक तालानगरी में अपने मोबाइल के साथ मौजूद था। तभी उसके मोबाइल पर एक-एक कर तीन-चार एसएमएस आ गए। एकाएक एसएमएस आने पर उस व्यक्ति ने जब मोबाइल पर गौर किया और एसएमएस पढ़ने पर पता चला कि एक एसएमएस में संदेश था कि आपका कोविड वैक्सीन के लिए यह ओटीपी नंबर है और यह तीन मिनट के लिए वैध है।
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इसके बाद दूसरा संदेश था कि आपको वैक्सीन की पहली डोज सफलतापूर्वक लग गई है। आप प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। इस तरह के एसएमएस एक-एक कर तीन अलग अलग लोगों के नाम से इसी नंबर पर आए। यह देख व्यक्ति दंग रह गया, क्योंकि वह तो पहले से दोनों डोज लगवा चुका है।
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न उसने अब किसी के लिए अपने नंबर से कोविड डोज के लिए पंजीकरण कराया है और न कराने की सहमति दी है। फिर इस व्यक्ति ने कोविड वैक्सीनेशन से जुड़ी वेबसाइट पर जाकर तीनों प्रमाण पत्र जांचे तो ये मनैना वैक्सीनेशन सेंटर से 25 वर्षीय पुरुष, 43 वर्षीय पुरुष व 63 वर्षीय महिला के नाम से पहली डोज लगने के आवंटित थे। जिन्हें एक ही कर्मचारी ने डोज लगाई है।
ये है कोविड डोज का नियम
कोविड की डोज लगवाने के नियम की बात करें तो ये तभी संभव है, जब आप केंद्र पर अपना कोई पहचान पत्र और मोबाइल नंबर बताएंगे। उस नंबर पर आपका पंजीकरण होगा। ओटीपी के जरिये आपको डोज लगेगी और उसी नंबर पर आप भविष्य में ओटीपी की मदद से अपना प्रमाण पत्र डाउन लोड कर सकेंगे। दूसरी डोज लगवाने जाएंगे तो आपको वही पंजीकृत नंबर भी बताना होगा। तभी दूसरी डोज लगेगी और प्रमाण पत्र अपडेट होगा।
अब बड़ी जटिलता से तीनों को मिलेगा प्रमाण पत्र
इन तीन लोगों को अब प्रमाण पत्र कैसे मिलेगा। इस विषय में महकमे के जानकार बताते हैं कि अब इन्हें दूसरी डोज पर अपना नया पहचान पत्र और नया नंबर लेकर जाना होगा। अपनी तारीख बतानी होगी, तभी अपडेट होने के बाद ये प्रमाण पत्र ले पाएंगे अन्यथा नहीं ले पाएंगे।
इस तरह के फर्जीवाड़े भी हो रहे
ये तो एक उदाहरण मात्र है। इसके अलावा देहात के कुछ केंद्रों और शहर के एक दो केंद्रों से बिना वैक्सीन लगवाए प्रमाण पत्र जारी होने की शिकायतें भी मिल रही हैं। जो लोग किसी वजह से वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते और योजना का लाभ लेने, यात्रा आदि में उन्हें डोज के प्रमाण पत्र की जरूरत है तो उसमें भी उन्हें कुछ लोग मदद कर प्रमाण पत्र दे दे रहे हैं। साथ में ऐसे प्रमाण पत्र की स्कैन कॉपी पर नाम बदलकर भी फर्जीवाड़ा कर दिए जा रहे हैं। जानकार बताते हैं कि ऐसे बिना मोबाइल वाले निरक्षर या कम पढ़े लिखे लोगों के संग वैक्सीन लगाने वाले वॉलंटियर गड़बड़झाला कर रहे हैं।
- ये आवेदक की गलती से हुआ होगा। या तो वह जानने वाले का नंबर दिया होगा या गलत नंबर बताया होगा। अब उसे प्रमाण पत्र लेने में दिक्कत होगी। अगर आफिस में आकर शिकायत देंगे तो इसकी व्यवस्था की जाएगी। - डॉ.एमके माथुर, जिला प्रतिरक्षा अधिकारी