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अलीगढ़ में बन रहा था नकली फार्च्यून रिफाइंड...एसटीएफ का छापा

Fri, 24 Sep 2021 01:14 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 01:14 AM IST
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Fortune Refined was being made in Aligarh.
नकली फार्च्यून ऑयल बनाने की सूचना पर पहुंची एसटीएफ आगरा और पुलिस। - फोटो : CITY OFFICE
देश के नामचीन अडानी ग्रुप द्वारा तैयार किए जाने वाले फार्च्यून ब्रांड रिफाइंड का नकली माल अलीगढ़ में तैयार हो रहा था। इस शिकायत पर बृहस्पतिवार को एसटीएफ आगरा यूनिट ने शहर के चार ठिकानों पर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में नकली खाद्य तेल, रैपर व पैकिंग उत्पाद बरामद किए हैं। दो थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई से बाजार में हड़कंप की स्थिति रही। देर रात तक चली कार्रवाई के बाद अडानी ग्रुप के विधि सलाहकार की तहरीरों पर दो मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। एक गिरफ्तारी कर ली गई है।
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सीओ द्वितीय के अनुसार, एसटीएफ आगरा यूनिट इंस्पेक्टर यतेंद्र व प्रमोद की अगुवाई में अडानी ग्रुप के विधि सलाहकार गौरव तिवारी व कंपनी प्रतिनिधि संजय वर्मा संग दोपहर करीब तीन बजे यहां पहुंची। टीम ने बन्नादेवी थाने में आमद कराते हुए छापे के लिए स्थानीय पुलिस से मदद मांगी और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पाया कि छापे दो थाना क्षेत्रों में होने हैं तो देहली गेट पुलिस को भी बुला लिया। खबर देकर एफडीए टीम को भी बुला लिया गया। इसके बाद टीम दो भागों में बंट गई और देहली गेट के मोरनी वाला पेच में योगेश उर्फ काका की श्री जगन्नाथ ट्रेडर्स फर्म के अलावा बन्नादेवी के जामाजी पेच में अमित गोयल की तिरुपति ट्रेडर्स फर्म, प्रवीन वार्ष्णेय की भगवती एंटरप्राइजेज, मुकुल वार्ष्णेय की गौरव ट्रेडिंग कंपनी पर पहुंच गई। टीम ने पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों को बाहर जाने से रोक दिया। छापे की खबर कुछ ही देर में बाजार में फैल गई। तमाम व्यापारी नेता ओमप्रकाश मास्टर की अगुवाई में यहां पहुंचे। वे अपनी बात रखकर चले गए।
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रात दस बजे तक चली पड़ताल, कई जिलों में सप्लाई
इलाका पुलिस के अनुसार देर रात 10 बजे तक चली जांच पड़ताल के बाद एसटीएफ व कंपनी प्रतिनिधियों ने मुख्य निर्माता योगेश उर्फ काका की फर्म से 185 नकली फार्च्यून रिफाइंड टिन जब्त किए। गौरव की फर्म से 35, प्रवीन की से 10 व अमित की से 15 टिन जब्त किए। इस दौरान काफी मात्रा में कंपनी के रैफर, ढक्कन, सील व अन्य पैकिंग उत्पाद भी बरामद किए गए। जांच व पूछताछ में स्पष्ट हुआ कि योगेश काका पाम ऑयल आदि मिलाकर ये माल तैयार करता था। योगेश अपने यहां से तैयार माल अन्य थोक विक्रेताओं को बेचता था। वे उसकी फार्च्यून के नाम से पैकिंग कर बाजार में बेचते थे। जब्त किए गए माल के नकली होने की पुष्टि कंपनी प्रतिनिधियों ने की है। साथ में यह भी पाया गया है कि यह माल अलीगढ़ के जिले के विक्रेताओं के अलावा नजदीकी जिलों में भी पहुंचाया जा रहा था। कंपनी प्रतिनिधि ने बताया कि लंबे समय से इन फर्मों द्वारा हमारे ब्रांड के नाम पर नकली रिफाइंड बेचा जा रहा था। कंपनी प्रतिनिधि के अनुसार उनके ब्रांड की कीमत 2200 से 2300 रुपये प्रति टिन होती है। ये उसी कीमत में नकली माल बेच रहे थे।
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अडानी ग्रुप ने सीधे एसटीएफ से साधा संपर्क
अडानी ग्रुप के असली थोक विक्रेताओं की ओर से यह इनपुट कंपनी को कई जिलों से पहुंचाया गया था कि पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों में नकली माल बेचा जा रहा है। इसकी पहले कंपनी ने अपने स्तर से गोपनीय जांच कर पुष्टि की। पूरी पड़ताल के बाद इस विषय में एसटीएफ को शिकायत दी गई। लखनऊ में हुई शिकायत के आधार पर आगरा एसटीएफ को अलीगढ़, आगरा, हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी आदि जिलों में इस अपराध पर कार्रवाई के निर्देश मिले और बृहस्पतिवार को टीम यहां पहुंची।
निर्माता गिरफ्तार, इन दो मुकदमों को दी तहरीर
इंस्पेक्टर देहली गेट प्रमेंद्र कुमार के अनुसार उनके थाने में हुई कार्रवाई के बाद देर रात कंपनी के विधि सलाहकार गौरव तिवारी की ओर से योगेश उर्फ काका के खिलाफ तहरीर दी गई है, जिसमें नकली माल तैयार करने का आरोप है। उस तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर योगेश काका को गिरफ्तार कर लिया गया है। मौके से जब्त माल को सील कर थाने लाया गया है। इंस्पेक्टर बन्नादेवी विनोद कुमार के अनुसार उनके थाने में गौरव तिवारी की ओर से तीन अन्य फर्म स्वामी मुकुल, प्रवीन व अमित के खिलाफ कापी राइट एक्ट के तहत तहरीर दी है, जिसमें नकली माल खरीदकर उस पर नकली रैपर के जरिये पैकिंग कर बेचने का आरोप है। चूंकि इसमें कापी राइट एक्ट का आरोप है। इसलिए इसमें गिरफ्तारी नहीं की गई है। मुकदमा लिखा जा रहा है।
एफडीए की टीम ने भरे चार नमूने
एसटीएफ की सूचना पर दोपहर में ही एफडीए की टीम के अक्षय प्रधान अपनी पूरी टीम के साथ यहां पहुंच गए थे। उन्होंने जांच में पूरे समय एसटीएफ के साथ भूमिका निभाई और चारों फर्मों से रिफाइंड के चार नमूने भरे हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आने के बाद एफडीए के स्तर से भी कार्यवाही की जाएगी। एफडीए अधिकारियों ने स्वीकारा है कि जिस तरह पॉम आयल मिलाकर ये माल तैयार होना पाया गया है, उससे हार्ट अटैक से लेकर किडनी की बीमारी तक होती है। एक ठिकाने पर माल बनाने और बाकी तीन ठिकानों पर माल बेचने के साक्ष्य मिले हैं।
-शहर में एसटीएफ ने नकली खाद्य तेल बनाकर ब्रांडेड नाम के लेबल लगाकर बेचने वाले कुछ ठिकानों छापे मारे गए हैं। इसके लिए हमारी पुलिस की मदद ली है। उनके स्तर से जो तहरीर दी गई हैं। उन पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। बाकी विवेचना में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी

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माल नकली नहीं, इलाके विभाजन की लड़ाई है ये
व्यापारी नेता ओमप्रकाश मास्टर ने इस कार्रवाई के दौरान जब्त माल को नकली न होने की बात कही है। उनका कहना है कि ये एक डिस्ट्रीब्यूटर के इलाके में दूसरे द्वारा माल बेचने की लड़ाई है। उसी में यह छापा मारा गया है। इसे नकली से जोड़कर देखा जाना गलत है। इस मामले में अधिकारियों से वार्ता कर आगे जो होगा तय कराया जाएगा।
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