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एएमयू के नाम पर सरकारी मेहमान बनने वाले पूर्व छात्र फंसे
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:30 AM IST
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अलीगढ़ युनिवर्सिटी
- फोटो : ANI
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के नाम पर राजस्थान का सरकारी मेहमान बनने वाले पूर्व छात्र एवं सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एनजीओ) के अध्यक्ष मो. परवेज सिद्दीकी का भंडा फुट गया है। अब वह जांच के घेरे में है। मामला प्रकाश में आने के बाद एएमयू के छात्र-अधिकारी परवेज सिद्दीकी से अपना पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी एवं गैर सरकारी संगठन सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी एएमयू के कामर्स फैकल्टी के छात्र रह चुके हैं। छात्र जीवन में इन्हें एएमयू के बड़े-बड़े अधिकारियों एवं ईसी सदस्यों का आशीर्वाद प्राप्त था। वह कैंपस में मदरसा शिक्षा पर कई सेमिनार एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
बिहारी सहित कई प्रदेशों के मदरसों में घूम चुके हैं। राजस्थान के जयपुर से परवेज को लेकर नया खुलासा हुआ है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि परवेज सिद्दीकी एएमयू को बदनाम कर रहे हैं। उनकी शिकायत वीसी एवं प्रॉक्टर से की है और कार्यवाही की मांग की है।
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वह एएमयू के नाम का फायदा उठाते हुए फर्जी तरीके से राजस्थान का सरकारी मेहमान बने और सात दिवसीय दौरे (16 सितंबर से) के लिए प्रोटोकॉल मांगा। उन्होंने एवं उनके तथाकथित सेक्रेटरी ने मंत्री की तरह कार्यक्रम जारी करते हुए अल्पसंख्यक विभाग को खत लिखा।
राजस्थान का अल्पसंख्यक विभाग ने भी बिना जांच-पड़ताल के 5 जिलों के अल्पसंख्यक अधिकारियों को उनकी आवभगत के लिए तैनात कर दिया। सरकारी गाड़ी एवं सर्किट हाउस बुक कर दिय गया। मीडिया को शक होने पर पड़ताल शुरू हुई। राज्यपाल से मुलाकात के लिए 23 सितंबर को अपाइंटमेंट मिलने की झूठी बात भी बोला था।
इसके साथ ही केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को मदरसों से संबंधित रिपोर्ट सौंपने की झांसा दिया था। उन्होंने बताया कि राजस्थान में परवेज सिद्दीकी पर इंक्वायरी सेटअप हो चुकी है। वह सरकारी मेहमान बनकर बाघा बार्डर, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में धूम चुके है। वह अपने लैटर पैड पर एएमयू का लोगों आदि इस्तेमाल करते है और कहते है कि सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन एएमयू से संबद्ध है। सभी जानते है कि एएमयू का किसी एनजीओ से संबंध नहीं है।
एएमयू वीसी को पत्र लिखकर माफी....
परवेज सिद्दीकी ने ई-मेल के माध्यम से वीसी को संबोधित पत्र लिखा है। उसमें उन्होंने कहा है कि मदरसों में काम करने की वजह से हमारा काम कुछ असामाजिक तत्वों को रास नहीं आया, जिसकी वजह से हमें फंसाया जा रहा है। हमारे खिलाऊ साजिश की जा रही है। राजस्थान सरकार को जो हमने लेटर लिखा था वो लेटर पैड पुराना होने की वजह से इसमें एएमयू का नाम दर्ज रह गया था। हम आप से माफी मांगते है और साथ ही हम आपको यकीन दिलाते हैं कि हम अपने लेटर पैड को बदल लेंगे। इस नाजुक वक्त में हमें आपके साथ की सख्त जरूर है।
अभी इस मामले में ठीक से ज्ञात नहीं है और ना ही राजस्थान सरकार की तरफ से कोई लेटर आया है। कोई लेटर आता है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। परवेज सिद्ीकी द्वारा वीसी को पत्र लिखा गया है या नहीं, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
- प्रो. शाफे किदवई, मेंबर इंचार्ज, एएमयू पीआरओ आफिस
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के निवासी एवं गैर सरकारी संगठन सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी एएमयू के कामर्स फैकल्टी के छात्र रह चुके हैं। छात्र जीवन में इन्हें एएमयू के बड़े-बड़े अधिकारियों एवं ईसी सदस्यों का आशीर्वाद प्राप्त था। वह कैंपस में मदरसा शिक्षा पर कई सेमिनार एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं।
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बिहारी सहित कई प्रदेशों के मदरसों में घूम चुके हैं। राजस्थान के जयपुर से परवेज को लेकर नया खुलासा हुआ है। एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि परवेज सिद्दीकी एएमयू को बदनाम कर रहे हैं। उनकी शिकायत वीसी एवं प्रॉक्टर से की है और कार्यवाही की मांग की है।
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वह एएमयू के नाम का फायदा उठाते हुए फर्जी तरीके से राजस्थान का सरकारी मेहमान बने और सात दिवसीय दौरे (16 सितंबर से) के लिए प्रोटोकॉल मांगा। उन्होंने एवं उनके तथाकथित सेक्रेटरी ने मंत्री की तरह कार्यक्रम जारी करते हुए अल्पसंख्यक विभाग को खत लिखा।
राजस्थान का अल्पसंख्यक विभाग ने भी बिना जांच-पड़ताल के 5 जिलों के अल्पसंख्यक अधिकारियों को उनकी आवभगत के लिए तैनात कर दिया। सरकारी गाड़ी एवं सर्किट हाउस बुक कर दिय गया। मीडिया को शक होने पर पड़ताल शुरू हुई। राज्यपाल से मुलाकात के लिए 23 सितंबर को अपाइंटमेंट मिलने की झूठी बात भी बोला था।
इसके साथ ही केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय को मदरसों से संबंधित रिपोर्ट सौंपने की झांसा दिया था। उन्होंने बताया कि राजस्थान में परवेज सिद्दीकी पर इंक्वायरी सेटअप हो चुकी है। वह सरकारी मेहमान बनकर बाघा बार्डर, जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में धूम चुके है। वह अपने लैटर पैड पर एएमयू का लोगों आदि इस्तेमाल करते है और कहते है कि सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन एएमयू से संबद्ध है। सभी जानते है कि एएमयू का किसी एनजीओ से संबंध नहीं है।
एएमयू वीसी को पत्र लिखकर माफी....
परवेज सिद्दीकी ने ई-मेल के माध्यम से वीसी को संबोधित पत्र लिखा है। उसमें उन्होंने कहा है कि मदरसों में काम करने की वजह से हमारा काम कुछ असामाजिक तत्वों को रास नहीं आया, जिसकी वजह से हमें फंसाया जा रहा है। हमारे खिलाऊ साजिश की जा रही है। राजस्थान सरकार को जो हमने लेटर लिखा था वो लेटर पैड पुराना होने की वजह से इसमें एएमयू का नाम दर्ज रह गया था। हम आप से माफी मांगते है और साथ ही हम आपको यकीन दिलाते हैं कि हम अपने लेटर पैड को बदल लेंगे। इस नाजुक वक्त में हमें आपके साथ की सख्त जरूर है।
अभी इस मामले में ठीक से ज्ञात नहीं है और ना ही राजस्थान सरकार की तरफ से कोई लेटर आया है। कोई लेटर आता है, उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। परवेज सिद्ीकी द्वारा वीसी को पत्र लिखा गया है या नहीं, इस बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
- प्रो. शाफे किदवई, मेंबर इंचार्ज, एएमयू पीआरओ आफिस