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ऐसे लोगों की जीभ काट लें: भड़काऊ बयान मामले में पूर्व विधायक को मिली राहत, हुए बरी, यह है मामला

Tue, 27 Jun 2023 08:46 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 27 Jun 2023 08:46 PM IST
सार

महावीरगंज छतरी वाला कुआं निवासी भाजपा नेता ब्रजेश कंटक की ओर से 13 अप्रैल 2017 को देहली गेट में यह मुकदमा दर्ज कराया था कि वे सुबह नौ बजे समाचार पत्र पढ़ रहे थे। जिसमें पूर्व विधायक जमीरउल्लाह की ओर से दिया गया यह बयान ऐसे लोगों की जीभ काट लें... प्रकाशित हुआ था।

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Former MLA got relief in inflammatory statement case, acquitted
पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान - फोटो : facevbook

विस्तार

समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह को भाजपा नेता ब्रजेश कंटक की ओर से दर्ज कराए गए विवादित बयान देने संबंधी मुकदमे में राहत मिल गई है। सपा नेता ने वर्ष 2017 में बयान दिया था कि ऐसे लोगों की जीभ काट लें। इसी शीर्षक से समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर से आहत होकर ब्रजेश कंटक ने देहली गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। भडक़ाऊ बयान व धमकी की धाराओं से जुड़े इस मुकदमे में एमपीएमएलए मामलों की सुनवाई वाली अदालत एसीजेएम प्रथम संदीप सिंह ने पूर्व विधायक को बरी कर दिया है।

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महावीरगंज छतरी वाला कुआं निवासी भाजपा नेता ब्रजेश कंटक की ओर से 13 अप्रैल 2017 को देहली गेट में यह मुकदमा दर्ज कराया था कि वे सुबह नौ बजे समाचार पत्र पढ़ रहे थे। जिसमें पूर्व विधायक जमीरउल्लाह की ओर से दिया गया यह बयान प्रकाशित हुआ था। उस समय उनके पास उनके परिचित अंशुल गुप्ता, नितिन राजानी व पारस गुप्ता बैठे थे। इस बयान से वे बहुत आहत हुए। साथ में तीन चार लोग आए और यह कहते हुए चले गए कि तुम बहुत बड़े हिंदूवादी बनते हो। भाजपा की सरकार है। इस बयान को पढक़र तो चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। इससे आहत होकर वे मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे। 
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मामले में पुलिस ने जमीरउल्लाह के खिलाफ भडक़ाऊ बयान की धारा 153 ए व धमकी की धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद पूर्व विधायक के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। न्यायालय में विचारण के दौरान वादी के अलावा तीनों गवाह तलब किए गए और विवेचक आदि को तलब किया गया। मगर न्यायालय में यह बात साबित नहीं हो पाई कि विवेचक ने पूर्व विधायक का बयान लेने वाले और प्रकाशित करने वाले प्रतिनिधियों की गवाही दर्ज नहीं की। साथ में यह भी साबित नहीं हो पाया कि यह बयान व्यक्ति विशेष के लिए था या किसी वर्ग या समाज विशेष के लिए दिया गया था। इन तथ्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने मंगलवार को पूर्व विधायक को बरी कर दिया है। यह जानकारी देते हुए पूर्व विधायक के अधिवक्ता आले-नवी ने बताया कि न्यायालय ने उनकी दलीलों के आधार पर पूर्व विधायक को राहत दी है।

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इस परिपेक्ष्य में दिया था बयान

शहर के गांधी नगर इलाके के युवा भाजपा नेता योगेश वाष्र्णेय के पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सिर कलम करने पर इनाम की घोषणा संबंधी बयान पर सपा के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह ने बयान दिया था कि ऐसे लोगों की जीभ काट दें। यह बयान सभी समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था।

एक अन्य मामले में हो चुकी है पूर्व विधायक को सजा
पूर्व विधायक जमीरउल्लाह को इससे पहले दिसंबर माह में इसी न्यायालय से आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में तीन माह की सजा हो चुकी है। इस मामले में पूर्व विधायक के अधिवक्ता ने बताया कि न्यायालय के फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर है। जिसकी सुनवाई के लिए तीन जुलाई तारीख नियत है।

मेरे खिलाफ जिन लोगों ने मुकदमा दर्ज कराया था। वे ही जानें उन्होंने मुकदमा किस मंशा से कराया था। मुझे अदालत पर पूरा भरोसा था। न्यायालय ने फैसला सुनाया है। उसका मैं सम्मान करता हूं। -जमीरउल्लाह, पूर्व विधायक

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