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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Five cattle, in Goshala, have died from hunger

गोशाला में पांच गोवंशों ने भूख से दम तोड़ा

Sat, 22 Apr 2017 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे
अमर उजाला ब्यूूराे Updated Sat, 22 Apr 2017 01:05 AM IST
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छर्रा मंडी परिसर स्थित गल्ला व्यापारी गोशाला में पांच गोवंशों ने भूख से तड़पकर दम तोड़ दिया, इनमें तीन गायें शामिल हैं। हालांकि गोशाला संचालक का दावा है कि मौत भूख नहीं बल्कि बीमारी से हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीमार गोवंश की जानकारी पशु चिकित्सक को दी गई थी, बावजूद इसके गोवंशों की नियमित जांच नहीं की गई, जिसके चलते उनकी जान चली गई। 
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गल्ला व्यापारियों की ओर से मंडी परिसर में गोशाला संचालित हो रही है। इस गोशाला में 165 गायें और बछड़े-बछिया हैं। गोशाला के लिए मंडी के बड़े व्यापारी आढ़तियों से दो रुपये प्रति क्विंटल दान के रूप में लेते हैं। यह धन गोशाला संचालन के लिए जाता है।
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इसके साथ ही गायों के दूध बिक्री से 25 से 30 हजार रुपया गोशाला को प्राप्त होता है। इसके अलावा छर्रा कस्बे के लोग भी अपनी श्रद्धानुसार गोशाला को दान देते रहते हैं। 
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गोशाला की बूढ़ी गायें पांच-छह दिन से बीमार थीं। स्थानीय पशु चिकित्सा प्रभारी डा. विजय राठौर को सूचना दी गई थी, किंतु वह नहीं आए। डाक्टर ने कहा था कि एक कंपाउंडर प्रतिदिन जांच के लिए आएगा, लेकिन वह भी नहीं आया। इस पर उन्होंने जिला मुख्यालय में सूचना दी। मौत के बाद गुरुवार को पशु चिकित्सक विजय राठौर आए और भड़क उठे। 
- राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, गोशाला संचालक

गोशाला में सालाना खर्च  

सात सेवादारों की सैलरी पर सवा चार लाख रुपये 
पांच हजार रुपये प्रतिदिन भूसा खर्च
चार लाख रुपया प्रति साल खल और चूनी पर खर्च

गोशाला में सालाना आमदनी

13 लाख रुपये व्यापारियों से
सवा चार लाख का दूध बिकता है
एक लाख दस हजार रुपये का गोबर बिका 
सवा लाख रुपया गाय बिक्री और दान में
 
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