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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   FIR lodged against bjp leader Abhay sharma in case of cheating in board exam.

भाजपा नेता अभय शर्मा के खिलाफ मुकदमा

Tue, 03 Mar 2020 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2020 01:54 AM IST
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FIR lodged against bjp leader Abhay sharma in case of cheating in board exam.
अतरौली के भमसोई स्थित ईंट भट्ठे पर हाईस्कूल के विज्ञान के प्रश्न पत्र को हल करने के मामले में ईंट भट्ठा संचालक व भाजपा नेता अभय शर्मा के खिलाफ थाना पालीमुकीमपुर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसडीएम ने छापा मारकर ईंट भट्ठे से प्रश्नपत्र की फोटो कॉपी, 20 उत्तर पुस्तिकाएं, छह बाइक व चार मोबाइल बरामद किए थे। वहीं, डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि विज्ञान की परीक्षा दोबारा कराने और कॉलेज की मान्यता रद्द करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।
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दरअसल, 29 फरवरी को एसडीएम पंकज कुमार ने भाजपा नेता अभय शर्मा (बसपा से अतरौली विधानसभा क्षेत्र का चुनाव लड़ चुके) के भमसोई स्थित ईट-भट्ठे पर हाईस्कूल के विज्ञान के प्रश्नपत्र को हल किए जाने की सूचना पर दल-बल के साथ छापा मारा था। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने विज्ञान की परीक्षा निरस्त करने, परीक्षा केंद्र को डिबार व मान्यता प्रत्याहरण की संस्तुति बोर्ड से की है। साथ ही डीआईओएस ने भट्ठा संचालक अभय शर्मा, सॉल्वर शबाना, गजेंद्र पाल सिंह, यामीन, केंद्र व्यवस्थापक हरपाल सिंह व 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 420, उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 (6) व उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 (10) में मुकदमा दर्ज कराया है। डीआईओएस ने बताया कि परीक्षा केंद्र आदर्श जन उद्धार इंटर कॉलेज बनूपुरा बाढ़ौल के विज्ञान सहित सभी विषयों की विशेष स्क्रीनिंग करने के लिए शासन को लिख दिया है।
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नकल में जेल और जुर्माने का प्रावधान
- उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 (6) के तहत कोई व्यक्ति, जिसे सार्वजनिक परीक्षा से संबंधित कोई कार्य सौंपा न गया हो या जो परीक्षार्थी न हो, सार्वजनिक परीक्षा के जारी रहने के दौरान परीक्षा केंद्र में न तो प्रवेश करेगा, न ऐसे केंद्र में प्रवेश करके वहां बना रहेगा और न सार्वजनिक परीक्षा में किसी परीक्षार्थी को अनुचित साधन के प्रयोग में किसी प्रकार की सहायता या सहयोग प्रदान करेगा।
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- उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 1998 (10) के तहत नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थी को तीन महीने की जेल या दो हजार रुपये का जुर्माना है। केंद्र व्यवस्थापक दंड प्रक्रिया की धारा-436 के परीक्षार्थी को निजी मुचलके पर जमानत दे सकता है। वहीं, अन्य के खिलाफ गैर जमानती धाराओं में मुकदमा पंजीकृत होगा। नकल कराने व सहयोग करने में एक साल की जेल या पांच हजार रुपये का जुर्माना है।
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