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अलीगढ़ः शेखर सराफ परिवार पर लाकडाउन उल्लंघन का मुकदमा
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शहर के नामचीन रीयल स्टेट व सराफा कारोबारी शेखर सराफ की कोरोना से मौत के बाद शहर में मची हलचल के बीच शुक्रवार को सराफ परिवार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। सासनी गेट थाने में शेखर सराफ के दोनों बेटों, तीन भाइयों को नामजद कर 150 अज्ञात लोगों पर लॉकडाउन उल्लंघन, महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मुकदमे में आरोप है कि 28 अप्रैल को सराफ की मां के निधन के दिन इन लोगों ने अंतिम संस्कार में रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ जुटाकर लॉकडाउन का उल्लंघन किया है। इसके बाद से फैले संक्रमण से ही सराफा कारोबारी शेखर की मौत हो गई। यह मुकदमा दर्ज होने के बाद उन लोगों में हलचल मच गई है जो अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे।
एसपी क्राइम डॉ. अरविंद के अनुसार सासनी गेट की एडीए चौकी प्रभारी रुणित तोमर की ओर से यह मुकदमा निषेधाज्ञा उल्लंघन की धारा 188, संक्रमण फैलाने जैसा काम करने की धारा 269, क्वारंटीन नियम तोड़ने की धारा 271 व महामारी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। मुकदमे में मृत कारोबारी शेखर सराफ के बेटे बिल्डर सुमित सराफ, सराफा व्यापारी अमित सराफ, शेखर के भाई क्रमश: दीपक, विष्णु व राजकुमार (लखनऊ में अभियंता) को नामजद व 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
मुकदमे में कहा गया है कि 28 अप्रैल को उनकी मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार से पहले उनके दरवाजे पर 150 करीब लोग एकत्रित थे, जिनके द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। लॉकडाउन का उल्लंघन कर प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इससे संक्रमण फैलने की संभावना प्रबल है। इनमें से शेखर सराफ की मृत्यु हो चुकी है। अत: अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद उन नामदारों के माथे पर पसीना आ गया है, जो इस आयोजन में मौजूद रहे थे।
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सराफ कारोबारी की मां के निधन के दिन अंतिम संस्कार के दौरान के कुछ वीडियो व फोटो पुलिस प्रशासन को मिले हैं, जिसमें लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने जैसे तथ्य सामने आने पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद से खुद सराफ व उनके संपर्क में अन्य लोगों को कोरोना का संक्रमण लगा है। रहा सवाल अज्ञात से जुड़े नामों का तो पुलिस विवेचना में जो नाम सामने आएंगे, उन्हें बढ़ाया जाएगा।
- चंद्रभूषण सिंह, डीएम
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एसपी क्राइम डॉ. अरविंद के अनुसार सासनी गेट की एडीए चौकी प्रभारी रुणित तोमर की ओर से यह मुकदमा निषेधाज्ञा उल्लंघन की धारा 188, संक्रमण फैलाने जैसा काम करने की धारा 269, क्वारंटीन नियम तोड़ने की धारा 271 व महामारी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। मुकदमे में मृत कारोबारी शेखर सराफ के बेटे बिल्डर सुमित सराफ, सराफा व्यापारी अमित सराफ, शेखर के भाई क्रमश: दीपक, विष्णु व राजकुमार (लखनऊ में अभियंता) को नामजद व 150 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
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मुकदमे में कहा गया है कि 28 अप्रैल को उनकी मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार से पहले उनके दरवाजे पर 150 करीब लोग एकत्रित थे, जिनके द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया जा रहा था। लॉकडाउन का उल्लंघन कर प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा था। इससे संक्रमण फैलने की संभावना प्रबल है। इनमें से शेखर सराफ की मृत्यु हो चुकी है। अत: अन्य आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। इधर, मुकदमा दर्ज होने के बाद उन नामदारों के माथे पर पसीना आ गया है, जो इस आयोजन में मौजूद रहे थे।
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सराफ कारोबारी की मां के निधन के दिन अंतिम संस्कार के दौरान के कुछ वीडियो व फोटो पुलिस प्रशासन को मिले हैं, जिसमें लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने जैसे तथ्य सामने आने पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके बाद से खुद सराफ व उनके संपर्क में अन्य लोगों को कोरोना का संक्रमण लगा है। रहा सवाल अज्ञात से जुड़े नामों का तो पुलिस विवेचना में जो नाम सामने आएंगे, उन्हें बढ़ाया जाएगा।
- चंद्रभूषण सिंह, डीएम