फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Feature should not be taken without doubt

सुविधा नहीं हक चाहिए, बिना शक चाहिए

Sun, 07 Apr 2019 01:43 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Sun, 07 Apr 2019 01:43 AM IST
विज्ञापन
Feature should not be taken without doubt
तालानगरी िस्थ्ात अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं। - फोटो : Rupesh
अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत महिलाओं ने शनिवार को तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने आधी आबादी की बेहतरी और सुरक्षा की खातिर अपनी बेबाक राय रखी। महिलाएं बोलीं कि चुनावी शंखनाद हो चुका है, इसलिए साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही महिलाओं को लेकर योजनाओं के संचालन व सफल क्रियान्वयन पर जोर होना चाहिए। अब आधी आबादी को पूरा हक चाहिए। इससे कम पर कोई समझौता नहीं। आप भी जानिए इन महिलाओं की राय...। 
विज्ञापन


साफ-सफाई का माहौल होना चाहिए। हर क्षेत्र में महिलाओं को पुरुषों के समान हक मिलना चाहिए। स्किल इंडिया में महिलाओं के लिए विशेष योजना होनी चाहिए। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता का भरपूर उपयोग हो, ताकि मेधावी बच्चे इन स्कूलों में मिल सकें।
विज्ञापन

-निशात फैज, प्रधानाचार्य वुडबाइन पब्लिक स्कूल

चुनाव में रुपये मिलने का एलान न्याय संगत नहीं है। इससे सभी राजनीतिक पार्टियों को बचना चाहिए, क्योंकि बेरोजगारी बढ़ेगी। महिलाओं को संसद में 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। यह आरक्षण बेहद जरूरी है। समाजसेवियों को भी राजनीतिक पार्टियां टिकट दे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

-रेनू मिश्रा, लेखिका 

सरकारें योजनाएं तो बहुत लाती हैं, लेकिन उसकी जानकारी लोगों को नहीं होती है, इसलिए योजनाओं के संचालन के साथ-साथ उसका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार होना चाहिए। महिलाएं आगे आएं, इसके लिए जरूरी है कि संसद में महिलाओं का 33 फीसदी आरक्षण हो। 
-आरती मित्तल, निदेशक मदर्स टच पब्लिक स्कूल

न्याय प्रक्रिया में और तेजी आ जाए तो निर्भया कांड जैसे मामले में गिरावट आ सकती है। जल्द फैसले आने से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में कानून का भय व्याप्त हो जाएगा। यह समाज और महिलाओं के लिए बेहतर होगा। महिलाओं की सुरक्षा का सरकार को ख्याल रखना होगा। 
-नीता वार्ष्णेय, इनरव्हील क्लब ऑफ अलीगढ़ पहल

मुझे लगता है कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा होना चाहिए, जो राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्र से गायब नजर आ रहा है। उन्हें सिर्फ अपने वोट बैंक पर नजर है। इसलिए लुभावने घोषणाएं की जा रही हैं। जनता को सोच-समझकर अपना वोट देना चाहिए।  
-मनीषा गुप्ता, अध्यक्ष, इनरव्हील क्लब ऑफ अलीगढ़ पहल

सरकारी योजनाओं का लाभ लोग इसलिए नहीं उठा पाते हैं, क्योंकि उन्हें उसके बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं होता है। योजनाओं का प्रचार-प्रसार हो, ताकि लोग लाभान्वित हो सकें। मगर होता है इसके उलट। सरकारी योजनाएं तो ले आती है, लेकिन प्रचार-प्रसार का अभाव होता है। 
-तनुजा गुप्ता, आईएसओ इनरव्हील क्लब ऑफ अलीगढ़ पहल

शहर की समस्याओं का मुद्दा इस चुनाव में नहीं बनाया जा रहा है। सिर्फ बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। शहर में जाम, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था बेपटरी है। मगर, इसकी परवाह किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं को नहीं है। इस पर सरकार का फोकस होना चाहिए।
-वरिजा गुप्ता, समाजसेविका

राजनीति में महिलाओं को आगे आना चाहिए। गांव में महिलाएं प्रधान बन जाती हैं, लेकिन प्रधान से संबंधित सारे कामकाज उनके पति ही करते हैं। जागरूकता से महिलाएं आगे बढ़ेंगी। चुनाव में शहर की समस्याओं का मुद्दा होना चाहिए, जो नहीं है।

-सुरभि अग्रवाल, गृहिणी

महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा बनना चाहिए। महिलाओं को सशक्त बनाने की जरूरत है। इस पर सरकार को जोर देना चाहिए। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं में आत्म विश्वास पैदा करने की जरूरत है। महिलाएं अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं।
-रागिनी शर्मा, समाजसेविका 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed