बेटे की मौत के गम में पिता ने दम तोड़ा: असम राइफल में तैनात था 'लाल', पैर के कैंसर ने लील ली जवान की जिंदगी
परिजनों ने बताया कि करीब छह महीने पहले डॉक्टरों ने पैर में कैंसर घोषित करते हुए जांघ से पैर को करीब चार महीने पहले काट दिया। इसके बाद भी नरेश को कोई राहत नहीं मिली और 15 जुलाई की रात्रि उनका निधन हो गया।
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यूपी के अलीगढ़ स्थित टप्पल क्षेत्र के गांव जैदपुरा के रहने वाले असम राइफल में तैनात बेटे की मौत के गम में पिता की भी पांच दिन बाद मौत हो गई। जैदपुरा के लोगों ने बताया कि गांव के नरेश चौधरी (45) असम राइफल के जवान थे जो कि कुछ समय से दिल्ली में तैनात थे।
डॉक्टरों ने काट दिया था नरेश का पैर, पर नहीं मिला आराम
परिजनों ने बताया कि करीब छह महीने पहले डॉक्टरों ने पैर में कैंसर घोषित करते हुए जांघ से पैर को करीब चार महीने पहले काट दिया। इसके बाद भी नरेश को कोई राहत नहीं मिली और 15 जुलाई की रात्रि उनका निधन हो गया। इससे उनके पिता ओंकार सिंह (65) सदमे में चले गए।
रविवार सुबह उनका निधन हो गया। ग्राम प्रधान योगेश चौधरी ने बताया कि सोमवार को सांसद सतीश गौतम पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए गांव आएंगे।