{"_id":"633f398340720d2cf514c055","slug":"father-died-due-to-shock-of-death-of-young-son-iglass-news-ali302069380","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: जवान बेटे की मौत के सदमे से पिता की गई जान, परिजनों में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: जवान बेटे की मौत के सदमे से पिता की गई जान, परिजनों में मचा कोहराम
Fri, 07 Oct 2022 01:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2022 01:54 AM IST
सार
सूबेदार के पिता सुखवीर सिंह (62) पुत्र विजय सिंह बेटे की मौत की खबर सुनने केे बाद सदमे में आ गए। बुधवार को शाम के समय उनकी भी तबीयत खराब हो गई। उन्हें निजी चिकित्सक को दिखाया गया। डॉक्टर ने उन्हें भई मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
फौजी बेटे के चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट गया। सेना में सूबेदार के पद पर तैनात पुत्र की मौत की खबर से सदमे में आए पिता की भी मौत हो गई। पुत्र के अंतिम संस्कार के दो घंटे बाद पिता की मौत की खबर से गांव में मातम का माहौल है।
विज्ञापन
सहारा कला के ग्राम प्रधान हरवंश सिंह के मौसेरे भाई देवेश कुमार उर्फ राजेश (38) पुत्र सुखवीर सिंह सेना की प्रथम महार रेजीमेंट में सूबेदार थे। उनकी तैनाती पंजाब प्रांत के पठानकोट में थी। सेना से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह देवेश पीटी के बाद गाड़ी से लौट रहे थे।
विज्ञापन
इस दौरान गाड़ी पलटने से वह जख्मी हो गए। उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनका शव मंगलवार को देर रात्रि में पैतृक गांव पहुंचा। बुधवार को दोपहर के समय अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया था।
विज्ञापन
सूबेदार के पिता सुखवीर सिंह (62) पुत्र विजय सिंह बेटे की मौत की खबर सुनने केे बाद सदमे में आ गए। बुधवार को शाम के समय उनकी भी तबीयत खराब हो गई। उन्हें निजी चिकित्सक को दिखाया गया। डॉक्टर ने उन्हें भई मृत घोषित कर दिया। देर रात्रि में उनका भी अंतिम संस्कार किया गया।
एक भाई की भी पहले हो चुकी है मौत
एक साथ दो मौतों से परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। देवेश तीन भाई थे जिनमें से बड़े भाई जयवीर सिंह की 18 माह 42 वर्ष की अवस्था में आकस्मिक मौत हो गई थी। गांववासियों का कहना है कि फौजी की हादसे में हुए बलिदान से परिवार के लोग उबर नहीं पाए थे, अंतिम संस्कार के दो से तीन घंटे के अंतराल पर पिता की सदमे में हुई मौत से गांव में भारी शोक का माहौल है। तीसरा भाई वीरपाल है वह भाई व पिता की मौत से पूरी तरह टूट गया है। फौजी देवेश व बड़े भाई वीरपाल के दो-दो बच्चे हैं।