राजकीय कृषि प्रक्षेत्र कलाई में मंगलवार को कृषि ज्ञान मेला आयोजित हुआ। शुभारंभ मंडलायुक्त गौरव दयाल ने किया। उन्होंने कहा कि रसायन आधारित खेती छोड़ कर किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि रसायन आधारित फसलों में जहां लागत अधिक आती है, वहीं मिट्टी की उर्वरक क्षमता और मनुष्य के स्वास्थ्य को नुकसान होता है। सरकार भी जैविक खेती का बढ़ावा देने के लिए सभी स्तरों पर किसानों के साथ है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही जैविक उत्पादों को बाजार मुहैया कराने में पूरी मदद की जा रही है, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। किसान कल्याण मेलों के माध्यम से सभी जरूरी एवं उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पद्मश्री भारत भूषण त्यागी ने जैविक उत्पादन करने, प्रसंस्करित खाद्य पदार्थों को बेचने के उपाय बताए गए। उप कृषि निदेशक शोध वीके सचान, उपनिदेशक कृषि रक्षा डॉ राजेश कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधीर सारस्वत, कोमलिका फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के आरपी पचौरी एवं ब्रिज किसान फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के संतोष कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ वारिसी, कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने किसानों को उपयोगी जानकारी दी। किसानों को परंपरागत खेती के तौर तरीके बताए। वक्ताओं ने रसायन आधारित खेती छोड़ने को प्रोत्साहित किया। संचालन वीके सचान ने किया। इस मौके पर उप कृषि निदेशक अनिल कुमार, मृदा सर्वेक्षण अधिकारी मनोज कुमार, भूमि सुधार निगम के परियोजना प्रबंधक सौंदर्य सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी निधि राठौर आदि उपस्थित रहे।