{"_id":"6017110e8ebc3e31d1012d64","slug":"farmer-protest-city-office-news-ali2551185161","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है : बिजेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है : बिजेंद्र
विज्ञापन
किसानों के नेता चौधरी राकेश टिकैत को समर्थन देने पहुंचे पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सांसद एवं सपा के वरिष्ठ नेता चौ. बिजेंद्र सिंह ने साथियों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में पहुंचकर किसान नेता चौ. राकेश टिकैत को समर्थन दिया। बिजेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी मेहनत सर्वसमाज के लिए है। इस आंदोलन ने किसानों की मांगों के साथ-साथ देश की एकता अखंडता को मजबूत किया है, क्योंकि ये जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जिसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सर्वसमाज के लोग सहयोग के लिए अग्रसर हैं। केंद्र की भाजपा सरकार की हठधर्मी के खिलाफ किसान सड़क पर आ चुके हैं।
पूर्व सांसद सिंह ने कहा कि सरकार और पुलिस के अत्याचारों से राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकले हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन की तर्ज पर ये देशव्यापी आवाज बन चुका है। इस आंदोलन ने ये सिद्ध कर दिया है कि देश और दुनिया में तानाशाही के खिलाफ अहिंसात्मक आंदोलन ही मूल मंत्र है। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगभग 67 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। कई किसानों की शहादत हो चुकी है, इसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर कोई असर नहीं है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के झंडे के अपमान के नाम पर भाजपा सरकार किसानों को बदनाम करने पर तुली है। प्रधानमंत्री को याद नहीं रह गया है कि जनता का सैलाब न कभी किसी से रुका है, ना रुकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि किसानों को सम्मान देते हुए किसान विरोधी तीनों काले कानूनों को वापस लें। पूर्व सांसद के साथ कपिल शर्मा, विपिन चौधरी, पूजा गौतम, इंद्रदेव सिंह चौहान, सलमान शाहिद, रंजीत चौधरी, चिंटू चौधरी, अर्जुन भोलू, रामप्रकाश प्रधान, फुरकान मिर्जा, मुहम्मद परवेज, वसीम गफूर, जगदीश मल्ल तेवतिया आदि मौजूद रहे।
सलमान भी पहुंचे गाजीपुर बार्डर
अलीगढ़। युवजन सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सलमान शाहिद ने प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी के नेतृत्व में गाजियाबाद गाजीपुर बार्डर पर पहुंच कर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। सपाइयों ने राकेश टिकैत से मुलाकात कर हर समय हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। सलमान ने कहा कि देश का अन्नदाता महीनों से इस भीषण सर्दी में खुले आसमान के नीचे पड़ा है। किसान परिवार छोड़कर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है और शहीद हो रहा है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार किसानों की खेती जमीन पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखना चाहती है। किसानों के प्रदर्शन के बाद भी केंद्र की भाजपा सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। किसान विरोधी इस सरकार को जब तक सपाई उखाड़ नही फेकेंगे तब तक चैन से नहंी बैठेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व सांसद सिंह ने कहा कि सरकार और पुलिस के अत्याचारों से राकेश टिकैत की आंखों से आंसू निकले हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसा आंदोलन की तर्ज पर ये देशव्यापी आवाज बन चुका है। इस आंदोलन ने ये सिद्ध कर दिया है कि देश और दुनिया में तानाशाही के खिलाफ अहिंसात्मक आंदोलन ही मूल मंत्र है। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगभग 67 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। कई किसानों की शहादत हो चुकी है, इसके बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर कोई असर नहीं है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के झंडे के अपमान के नाम पर भाजपा सरकार किसानों को बदनाम करने पर तुली है। प्रधानमंत्री को याद नहीं रह गया है कि जनता का सैलाब न कभी किसी से रुका है, ना रुकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि किसानों को सम्मान देते हुए किसान विरोधी तीनों काले कानूनों को वापस लें। पूर्व सांसद के साथ कपिल शर्मा, विपिन चौधरी, पूजा गौतम, इंद्रदेव सिंह चौहान, सलमान शाहिद, रंजीत चौधरी, चिंटू चौधरी, अर्जुन भोलू, रामप्रकाश प्रधान, फुरकान मिर्जा, मुहम्मद परवेज, वसीम गफूर, जगदीश मल्ल तेवतिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
सलमान भी पहुंचे गाजीपुर बार्डर
अलीगढ़। युवजन सभा के प्रदेश कोषाध्यक्ष सलमान शाहिद ने प्रदेश अध्यक्ष अरविंद गिरी के नेतृत्व में गाजियाबाद गाजीपुर बार्डर पर पहुंच कर किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया। सपाइयों ने राकेश टिकैत से मुलाकात कर हर समय हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। सलमान ने कहा कि देश का अन्नदाता महीनों से इस भीषण सर्दी में खुले आसमान के नीचे पड़ा है। किसान परिवार छोड़कर अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है और शहीद हो रहा है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार किसानों की खेती जमीन पूंजीपतियों के हाथ गिरवी रखना चाहती है। किसानों के प्रदर्शन के बाद भी केंद्र की भाजपा सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। किसान विरोधी इस सरकार को जब तक सपाई उखाड़ नही फेकेंगे तब तक चैन से नहंी बैठेंगे।
विज्ञापन