झूठ की फॉगिंग: आंकड़ों की बाजीगरी, 144 गांवों में फैली मच्छर जनित बीमारी, डेंगू के डंक से अलीगढ़ बेहाल
अलीगढ़ नगर निगम हर महीने फॉगिंग पर पौने चार लाख खर्च कर रहा है। लेकिन मलेरिया विभाग ने फिर भी 63 मोहल्ले मच्छर जनित बीमारियों को लेकर अतिसंवेदनशील घोषित किए हैं। बीस दिन पहले नगर निगम को इन इलाकों की सूची भी दी जा चुकी है लेकिन फॉगिंग फिर भी नहीं हो रही।
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अलीगढ़ नगर निगम, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के रिकार्ड को देखेंगे तो पता चलेगा कि हर रोज मच्छरों से जंग हो रही है। एक बड़े मुहल्ले से लेकर छोटी गली तक में फॉगिंग कराई जा रही है। लेकिन जिला मलेरिया विभाग और स्वास्थ्य महकमे के अफसर कह रहे हैं कि जो 144 गांव और 63 मोहल्ले मच्छर जनित रोगों के लिए अतिसंवेदनशील हैं और बीमारियां फैल रही हैं वहां फागिंग ना के बराबर है। पड़ताल में तो पता चला है कि कई जगह कीटनाशकों का छिड़काव तक नहीं हुआ। जबकि इन इलाकों की सूची नगर निगम व जिला पंचायत राज अधिकारी को दी जा चुकी है।
नगर निगम हर महीने फॉगिंग पर पौने चार लाख खर्च कर रहा है। लेकिन मलेरिया विभाग ने फिर भी 63 मोहल्ले मच्छर जनित बीमारियों को लेकर अतिसंवेदनशील घोषित किए हैं। बीस दिन पहले नगर निगम को इन इलाकों की सूची भी दी जा चुकी है लेकिन फॉगिंग फिर भी नहीं हो रही। अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव का कहना है कि हर रोज शाम को फॉगिंग कराई जा रही है। इसके लिए 16 टीमों को लगाया गया है। वहीं डीपीआरओ धनंजय जायसवाल का कहना है कि ग्राम पंचायतों में निरंतर फॉगिंग हो रही है। कीटनाशकों का भी छिड़काव हो रहा है। कुल मिलाकर मुख्यालय को भेजी जा रिपोर्ट में हर रोज फॉगिंग हो रही है।
शहर के 63 मोहल्ले और ग्रामीण इलाकों के 144 गांव मच्छरों के लिहाज से संवेदनशील हैं। नगर निगम और पंचायत राज विभाग को इसकी सूची सौंप दी गई है। लेकिन, इस बार सफाई व फॉगिंग की कमी देखने को मिल रही है। कई बार इसके लिए कहा गया है। - डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ, जिला मलेरिया अधिकारी
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सालाना 25 करोड़ का कीटनाशक कारोबार
40 लाख से अधिक की आबादी वाले जिले में मच्छर मारने वाली कॉइल, तेल, क्रीम, दवा आदि का सालाना कारोबार करीब 25 करोड़ का है। अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने बताया कि अलीगढ़ हमेशा से ही ताले-नाले और मच्छरों के लिए मशहूर है। यहां मच्छर मारने की दवा का सालाना कारोबार लगभग 25 करोड़ के आसपास का है। एक आम आदमी महीने में करीब 100 से 200 रुपये घरों में मच्छर मारने के लिए खर्च कर देता है।
शहर के संवेदनशील इलाके
मथुरा रोड, तुर्कमान गेट, नगला मसानी, इंदिरा नगर, खैर रोड, शाहजमाल, जमालपुर, जलालपुर, जीवनगढ़, कुंवर नगर, महेंद्र नगर, डोरी नगर, पला साहिबाबाद, आगरा रोड, क्वार्सी बाईपास, देवी नगला, कयामपुर, नौरंगाबाद आदि।
डेंगू के मिल चुके 65 मरीज
अलीगढ़ जिले में शुक्रवार को डेंगू का एक और मरीज मिला है। इसके साथ ही जिले में डेंगू के 65 और मलेरिया के 24 मरीज दो महीने में मिल चुके हैं। पिछले दो दिनों में ही शहर और देहात क्षेत्र में छह मरीज मिल चुके हैं। जबकि बुखार के मरीजों की संख्या भी रोज बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों में ही हर रोज 500 लोग बुखार की दवाई लेने के लिए पहुंच रहे हैं। मगर प्रशासन की नींद फिर भी नहीं टूट रही। डीएमओ डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अब तक जिले में डेंगू के 65 मरीज मिल चुके हैं। मरीज मिलने पर आसपास के इलाके की साफ-सफाई कराई जाती है। कीटनाशक का छिड़काव भी कराया जाता है।