फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   fake finance group caught

फर्जी फाइनेंस रैकेट के साफ्ट टारगेट पर थे चार राज्यों के ग्राहक

Fri, 19 Jul 2019 01:33 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jul 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
fake finance group caught
फर्जी फाइनेंस रैकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद एसएसपी द्वारा गठित एसआईटी हरकत में आ गई है। एसआईटी द्वारा सर्विलांस की मदद से जुटाए गए तथ्यों का अध्ययन शुरू कर दिया गया है। इसके आधार पर यह बात सामने आई है कि इस रैकेट ने चार राज्यों के ग्राहकों को साफ्ट टारगेट बना रखा था। सबसे खास बात यह भी है कि यह रैकेट पश्चिमी यूपी के ग्राहकों को ठगने से बचता था। एसआईटी का प्रयास है कि तकनीकी रूप से जांच में यह साफ हो सके कि अब तक इस गिरोह ने कितने लोगों को ठगा होगा। इसके आधार पर इनके खिलाफ आर्थिक अपराध के तहत भी कार्रवाई की जा सकेगी।
विज्ञापन

गांधीपार्क क्षेत्र में थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच व सर्विलांस की मदद से छापेमारी कर फर्जी फाइनेंस रैकेट चलाने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा था। मंगलवार रात हुई गिरफ्तारी के बाद बुधवार शाम इन पांचों को जेल भेज दिया गया। यह रैकेट देश की नामी-गिरामी 49 कंपनियों के नाम से फर्जी फाइनेंस कंपनियों का रैकेट चला रहे थे। गूगल पर वेब-पेज बनाकर यह लोग बूस्टर प्रक्रिया के तहत अपने जाल में फंसाते थे और उनसे कर्ज दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। अब तक की जांच में पुलिस ने यह पाया है कि यह गिरोह करीब 2000 से अधिक लोगों को 4 करोड़ के आसपास की चपत लगा चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने मामले में एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने इस मामले में तथ्यों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अब तक की जांच में जो बात सामने आई है, उससे यह पता चला है कि अब तक इन लोगों ने सबसे अधिक राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी यूपी के ग्राहकों को चूना लगाया है। पश्चिमी यूपी के ग्राहकों को इन्होंने कम ही ठगा है। इसके पीछे वजह है कि सुदूर के ग्राहक ठगी का अहसास होने के बाद ज्यादा भागदौड़ नहीं करेगा और पुलिस भी उन तक जल्दी नहीं पहुंच पाएगी। अब इसकी गहराई तक पहुंचने के लिए इनके द्वारा प्रयोग किए गए बैंक खातों से संबंधित बैंक अधिकारियों से मदद की जाएगी।
विज्ञापन

इस मामले में एसआईटी को निर्देशित किया गया है कि वह इनके बैंक एकाउंट के इस्टेटमैंट की मदद से अब तक ठगे गए लोगों की संख्या और उनके नाम पते पता लगाए। ताकि इस मामले में आर्थिक अपराध के तहत भी कार्रवाई कराई जा सके। उस दिशा में काम शुरू हो गया है। जल्द ही परिणाम सामने आएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- आकाश कुलहरि, एसएसपी
एक साल पहले रख दी थी फर्जी फाइनेंस कंपनियों की नींव
गूगल से ऊंचे दामों पर प्रतिष्ठित कंपनियों से मिलते-जुलते डोमिन खरीदे
देश की प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती फर्जी फाइनेंस वेबसाइट बनाने की नींव एक साल पहले रखी गई। गैंग सरगना विकास के दिमाग में ठगी की यह कहानी आई। इसके बाद उसने गूगल पर नामी-गिरामी कंपनियों के नाम से मिलते जुलते डोमिन सर्च किए। जैसे-जैसे उसे डोमिन मिलते गए। वह दिल्ली और लखनऊ के एक्सपर्ट से वेबसाइट तैयार करता रहा। साथ ही अपने गैंग में ऊंचे शौक रखने और शातिर दिमाग वाले युवाओं को जोड़ता गया। जब आठ माह पहले उसका पूरा सिस्टम तैयार हो गया तो उसने लोगों कर्ज देने के बहाने अपने जाल में फंसाना शुरू कर दिया।

विकास ने नोएडा स्थित देश की कई मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया है। वह लंबे समय तक कंपनियों के आईटी सेक्शन से जुड़ा रहा। तनख्वाह से उसके लग्जरी गाड़ियों और ऊंचे शौक पूरे न हुआ तो उसने फर्जीवाड़े का नेटवर्क खड़ा करने का प्लान बनाया था। एक साल से वह डोमिन खरीदने लगा। शुरूआत में उसने करीब एक दर्जन डोमिन खरीदे जो कि प्रतिष्ठित कंपनियों से मिलते-जुलते थे। इन डोमिन पर जब वह वेबसाइट बनवाने में सफल रहा तो उसने फिर गूगल से ऊंचे दामों में 100 से अधिक डोमिन खरीद लिए। एक वेबसाइट के लिए 10 से 15 हजार रुपये खर्च करता था। इसके लिए गैंग ने दिल्ली और लखनऊ के वेबसाइट डिजाइनरों से संपर्क साध रखा था। पुलिस इन वेबसाइट डिजाइनरों तक भी पहुंचने की तैयारी में है। पुलिस के अनुसार संभावना है कि इन वेबसाइट डिजाइनरों तक पहुंचने पर गैंग के अन्य माड्यूल्स का पता लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed