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Aligarh: विचाराधीन मुकदमे में समझौते के लिए कोर्ट में लगाए फर्जी शपथपत्र, नौ के खिलाफ रिपोर्ट
Sun, 09 Jun 2024 12:10 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 09 Jun 2024 12:10 AM IST
सार
12 फरवरी 2017 को खैर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने सिविल कोर्ट खैर में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप है कि मुकदमे से बचने के लिए नामजदों ने फर्जी शपथपत्र तैयार कर समझौते के उद्देश्य से कोर्ट में पेश किए थे।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
कोर्ट में विचाराधीन मुकदमे में वादी पक्ष के फर्जी शपथपत्र व प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर मुकदमा समाप्त कराने के धोखाधड़ी के प्रयास के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अलीगढ़ के आदेश पर नौ लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया गया है।
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सत्तू खेड़ा निवासी रवि प्रकाश पुत्र देवप्रकाश द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार 29 जनवरी 2017 को नामजदों ने घर में घुसकर मारपीट की थी। मामले में 12 फरवरी 2017 को खैर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने सिविल कोर्ट खैर में आरोप पत्र प्रस्तुत किया था। आरोप है कि मुकदमे से बचने के लिए नामजदों ने फर्जी शपथपत्र तैयार कर समझौते के उद्देश्य से कोर्ट में पेश किए थे।
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पत्रावली के अवलोकन से पता चला कि नामजद ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर फर्जी स्वीकृति के आधार पर मुकदमा समाप्त किए जाने की मांग की थी। पीड़ित पक्ष ने कोर्ट को गुमराह किए जाने तथा फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने की शिकायत खैर पुलिस से की थी तथा एसएसपी अलीगढ़ को भी डाक से प्रार्थना पत्र भेजा था।
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बाद में कार्रवाही के लिए कोर्ट में गुहार लगाई थी। तहरीर पर अमित, रवी, रजत, सुरेश, चिंटू उर्फ देवेंद्र, विजयपाल, वीरपाल, राधेश्याम, पवन निवासीगण सत्तू खेड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना, षड्यंत्र की धाराओं में कोतवाली खैर में अभियोग पंजीकृत कराया गया है।