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अलीगढ़ः अनुपूरक बजट से साथा चीनी मिल में नई यूनिट की उम्मीद
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आशीष श्रीवास्तव
साथा चीनी मिल में नई यूनिट की मांग जल्द पूरी हो सकती है। अनुपूरक बजट में नई यूनिट अथवा मिल की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट मिल सकता है। बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह के प्रस्ताव पर प्रबंध निदेशक ने यह सुझाव दिया है। फिलहाल, शासन ने मिल की मरम्मत के लिए 1.25 करोड़ रुपया स्वीकृत किया है। इसकी पहली किस्त का 85 लाख रुपया आ गया है।
करीब 44 वर्ष पुरानी 1250 टीसीडी क्षमता की किसान सहकारी चीनी मिल, साथा की स्थापना वर्ष 1976-77 में हुई थी। अब तक मिल की क्षमता बढ़ाने की कोई कोशिश नहीं हुई और न ही इसके मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया गया। मिल की मशीनरी एवं प्लांट जर्जर हो चुका है। जर्जर अवस्था के चलते मिल 498.55 करोड़ के घाटे में चल रही है। इस पर बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक यह मुद्दा उठाते हुए मिल की नई यूनिट की स्थापना की मांग की। इस मामले में विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग को प्रेषित रिपोर्ट में प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय ने सुझाव दिए।
ये हैं सुझाव
अलीगढ़। पांच हजार टीडीसी क्षमता की नई मिल तथा को-जनरेशन प्लांट की स्थापना अथवा 1250 टीसीडी की वर्तमान पेराई क्षमता पर संचालन करने की दशा में जर्जर प्लांट एवं मशीनरी की मरम्मत एवं रखरखाव पर 50 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना अथवा उपरोक्त प्रस्तावों में से किसी एक प्रस्ताव की अनुमति व वित्तीय सहायता उपलब्ध न होने पर साथा मिल क्षेत्र का संपूर्ण गन्ना किसी निकटवर्ती मिल को स्थानांतरित कर दिया जाए और मिल को बंद कर दिया जाए।
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चार साल में मरम्मत के नाम पर बर्बाद हो गए 4.70 करोड़ रुपये
साथा चीनी मिल की मशीनरी व प्लांट की मरम्मत के नाम पर पिछले चार साल में 4.70 करोड़ रुपया मिला है। इस वित्तीय वर्ष में आवंटित 1.25 करोड़ रुपया भी शामिल है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 85 लाख रुपया आ चुका है। लेकिन इतने भारी भरकम खर्च के बावजूद मिल की स्थिति नहीं सुधर सकी है। पिछले साल भी यहां गन्ने की नाममात्र की पेराई हुई थी।
वर्षवार मरम्मत के लिए मिला बजट
- वर्ष 2018-19 में 1.10 करोड़ रुपया
- वर्ष 2019-20 में 85 लाख रुपया
- वर्ष 2020-21 में 1.50 करोड़ रुपया
- वर्ष 2021-22 में 1.25 करोड़ रुपया
मुख्यमंत्री साथा चीनी मिल को लकर गंभीर हैं। संभवत: अनुपूरक बजट में नई यूनिट के लिए बजट आवंटित हो सकता है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। - ठा. दलवीर सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक बरौली
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साथा चीनी मिल में नई यूनिट की मांग जल्द पूरी हो सकती है। अनुपूरक बजट में नई यूनिट अथवा मिल की मरम्मत के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट मिल सकता है। बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह के प्रस्ताव पर प्रबंध निदेशक ने यह सुझाव दिया है। फिलहाल, शासन ने मिल की मरम्मत के लिए 1.25 करोड़ रुपया स्वीकृत किया है। इसकी पहली किस्त का 85 लाख रुपया आ गया है।
करीब 44 वर्ष पुरानी 1250 टीसीडी क्षमता की किसान सहकारी चीनी मिल, साथा की स्थापना वर्ष 1976-77 में हुई थी। अब तक मिल की क्षमता बढ़ाने की कोई कोशिश नहीं हुई और न ही इसके मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया गया। मिल की मशीनरी एवं प्लांट जर्जर हो चुका है। जर्जर अवस्था के चलते मिल 498.55 करोड़ के घाटे में चल रही है। इस पर बरौली विधायक ठा.दलवीर सिंह ने मुख्यमंत्री से लेकर प्रमुख सचिव तक यह मुद्दा उठाते हुए मिल की नई यूनिट की स्थापना की मांग की। इस मामले में विशेष सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग को प्रेषित रिपोर्ट में प्रबंध निदेशक रमाकांत पांडेय ने सुझाव दिए।
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ये हैं सुझाव
अलीगढ़। पांच हजार टीडीसी क्षमता की नई मिल तथा को-जनरेशन प्लांट की स्थापना अथवा 1250 टीसीडी की वर्तमान पेराई क्षमता पर संचालन करने की दशा में जर्जर प्लांट एवं मशीनरी की मरम्मत एवं रखरखाव पर 50 करोड़ की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना अथवा उपरोक्त प्रस्तावों में से किसी एक प्रस्ताव की अनुमति व वित्तीय सहायता उपलब्ध न होने पर साथा मिल क्षेत्र का संपूर्ण गन्ना किसी निकटवर्ती मिल को स्थानांतरित कर दिया जाए और मिल को बंद कर दिया जाए।
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चार साल में मरम्मत के नाम पर बर्बाद हो गए 4.70 करोड़ रुपये
साथा चीनी मिल की मशीनरी व प्लांट की मरम्मत के नाम पर पिछले चार साल में 4.70 करोड़ रुपया मिला है। इस वित्तीय वर्ष में आवंटित 1.25 करोड़ रुपया भी शामिल है। इसमें से पहली किस्त के रूप में 85 लाख रुपया आ चुका है। लेकिन इतने भारी भरकम खर्च के बावजूद मिल की स्थिति नहीं सुधर सकी है। पिछले साल भी यहां गन्ने की नाममात्र की पेराई हुई थी।
वर्षवार मरम्मत के लिए मिला बजट
- वर्ष 2018-19 में 1.10 करोड़ रुपया
- वर्ष 2019-20 में 85 लाख रुपया
- वर्ष 2020-21 में 1.50 करोड़ रुपया
- वर्ष 2021-22 में 1.25 करोड़ रुपया
मुख्यमंत्री साथा चीनी मिल को लकर गंभीर हैं। संभवत: अनुपूरक बजट में नई यूनिट के लिए बजट आवंटित हो सकता है। इसकी तैयारियां चल रही हैं। - ठा. दलवीर सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक बरौली