{"_id":"5eee2c818ebc3e42c94d7cdc","slug":"excise-department-swung-into-action-after-news-of-methyl-alcohol-sanitizer","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिथायल अल्कोहल के सैनिटाइजर की खबर से हरकत में आया आबकारी विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिथायल अल्कोहल के सैनिटाइजर की खबर से हरकत में आया आबकारी विभाग
Sat, 20 Jun 2020 09:04 PM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sat, 20 Jun 2020 09:04 PM IST
विज्ञापन
सैनिटाइजर
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाजार में मिथायल अल्कोहल के मिश्रण के सैनिटाइजर आ रहे हैं, जो किसी की भी मौत का कारण बन सकते हैं। सरकारी एजेंसियों और खुफिया तंत्र ने भी इसकी जानकारी दी है। जिसके बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन सतर्क हो गया है, सभी तरह के सैनिटाइजर के नमूने गोपनीय तरीके से प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जो सैनिटाइजर मानक के अनुरूप नहीं होंगे, उनके निर्माताओं के खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई होगी। मानक विरुद्ध सैनिटाइजर बेचने वाले भी कार्रवाई की जद में आएंगे।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस तरह की सूचनाएं मिली हैं। इसलिए सतर्कता और सजगता बढ़ा दी गई है। नमूने लेने और जांच कराने का क्रम शुरू हो चुका है। अभी कुछ नमूने मेरठ स्थित आबकारी विभाग की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने तक और कई अलग-अलग ब्रांड के नमूनों की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि इथायल अल्कोहल से बने सैनिटाइजर ही बेहतर हैं। इनका प्रयोग करना उचित रहता है। मिथायल अल्कोहल के सैनिटाइजर से आंखों की रोशनी जा सकती है। मुंह में जाने पर जान भी जा सकती है।
विज्ञापन
धीरज शर्मा ने बताया कि अलीगढ़ के आसपास ऐसी कोई इकाई नहीं है जहां मिथायल अल्कोहल बनता हो। इसलिए यहां इसके प्रयोग की संभावना कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर बाजार में जितने भी सैनिटाइजर हैं, उनके नमूनों की जांच कराई जाएगी। जिससे कहीं भी कोई कमी न रह जाए।
विज्ञापन
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस तरह की सूचनाएं मिली हैं। इसलिए सतर्कता और सजगता बढ़ा दी गई है। नमूने लेने और जांच कराने का क्रम शुरू हो चुका है। अभी कुछ नमूने मेरठ स्थित आबकारी विभाग की प्रयोगशाला में भेजे गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट आने तक और कई अलग-अलग ब्रांड के नमूनों की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इथायल अल्कोहल से बने सैनिटाइजर ही बेहतर हैं। इनका प्रयोग करना उचित रहता है। मिथायल अल्कोहल के सैनिटाइजर से आंखों की रोशनी जा सकती है। मुंह में जाने पर जान भी जा सकती है।
विज्ञापन
धीरज शर्मा ने बताया कि अलीगढ़ के आसपास ऐसी कोई इकाई नहीं है जहां मिथायल अल्कोहल बनता हो। इसलिए यहां इसके प्रयोग की संभावना कम है, लेकिन एहतियात के तौर पर बाजार में जितने भी सैनिटाइजर हैं, उनके नमूनों की जांच कराई जाएगी। जिससे कहीं भी कोई कमी न रह जाए।