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मेडिकल का हर विद्यार्थी गोद लेगा तीन परिवार

Tue, 07 Jun 2022 02:00 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jun 2022 02:00 AM IST
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Every medical student will adopt three families
एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों की बस को हरी झंडी दिखाते मंडलायुक्त गौरव दयाल। - फोटो : CITY OFFICE
एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) का हर विद्यार्थी तीन से पांच परिवारों को गोद लेगा, जो परिवार के लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी के साथ उन्हें परामर्श भी देंगे। इसी कड़ी में विकास खंड जवां के गांव रामगढ़ पंजीपुर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थी पहुंचे। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) एमबीबीएस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के तहत मेडिकल के हर विद्यार्थी को तीन से पांच परिवारों को गोद लेना होगा।
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इसी के अनुपालन में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की बस को मंडलायुक्त गौरव दयाल, सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, आईसीडीएस सावित्री पाल, मेडिसिन फैकल्टी के डीन प्रो. राकेश भार्गव, कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शाहिद अली सिद्दीकी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की अध्यक्ष प्रो. सायरा मेहनाज, प्रोग्राम कोआर्डिनेटर प्रो. एम अतहर अंसारी, डॉ. अली जाफर आब्दी, डॉ. मोहम्मद सलमान शाह, डॉ. नफीस फैजी ने हरी झंडी दिखाकर गांव के लिए रवाना किया।
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इस मौके पर मंडलायुक्त ने कहा कि परिवार गोद लेने का यह कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करेगा। सीएमओ ने कहा कि ग्रामीण आबादी को समृद्ध करने के लिए स्वास्थ्य सेवा केंद्रों से हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। प्रो. भार्गव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गोद लिए गए परिवारों की देखभाल करने वाले एमबीबीएस विद्यार्थियों व शिक्षकों को निर्देशित किया जाएगा। प्राचार्य ने कहा कि पहले से ही मेडिकल परास्नातक के लिए एक जिला रेजिडेंसी कार्यक्रम है, जिससे उनके लिए जिला अस्पतालों में तीन महीने की तैनाती अनिवार्य है। डॉ. मोहम्मद सलमान शाह, डॉ. तबस्सुम नवाब, डॉ. अली जाफर आब्दी, डॉ. नफीस फैजी के साथ एमबीबीएस प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षित किया। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. एम अतहर अंसारी ने बताया कि डॉ. अली जाफर आब्दी ने कार्यक्रम के लिए फील्ड मैपिंग अभ्यास, संपर्क कार्य और ग्राम समन्वय किया।
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