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निकाय चुनाव : चुनाव लड़ने वाले हरेक प्रत्याशी को देना होगा अपना आपराधिक ब्योरा
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निकाय चुनाव में उतरने वाले सभी प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतरने से पहले चुनाव आयोग को अपना संपूर्ण व्यौरा बताना होगा। उम्मीदवारों को बताना होगा कि उसके खिलाफ किसी प्रकार का कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को भ्रष्टाचार के कारण नौकरी से निकाल दिया गया है या उसके पद से हटा दिया गया है तो फिर वह चुनाव नहीं लड़ सकता है। इसके अलावा लाभ के पद पर बैठा व्यक्ति भी उम्मीदवार नहीं बन सकता है। चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति राज्य सरकार या केंद्र सरकार के किसी भी विभाग में कार्यरत नहीं होना चाहिए। चुनाव लड़ने से पहले उसे अपने पद से त्याग पत्र देना होगा।
नामांकन के दौरान यह रखना होगा ध्यान
- मेयर और नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी की उम्र करीब 30 जबकि पार्षद के लिए 21 वर्ष तय है।
- नामांकन पत्र लेने के लिए निर्धारित शुल्क जमा कराना होगा।
- जमानत राशि की तीन प्रतियां, शपथ पत्र में आपराधिक एवं संपत्तियों का ब्योरा देना जरूरी है।
- जाति प्रमाण पत्र के साथ शपथ पत्र देना होगा।
- संबंधित निकाय में एक वर्ष से अधिक की बकाएदारी न होने का प्रमाण पत्र।
- जमानत राशि जमा करने की रसीद।
- आरक्षित पदों के प्रत्याशियों को जाति प्रमाण पत्र के साथ शपथ पत्र देना होगा।
- आपराधिक और संपत्तियों का ब्योरा नोटरी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र के साथ देना होगा।
- कोई भी मतदाता एक से अधिक प्रत्याशी का प्रस्तावक नहीं बन सकेगा।
-प्रत्याशी जमानत राशि ट्रेजरी चालान से बैंक या फिर कोषागार में जमा करेंगे।
-कोई भी प्रत्याशी एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चार नामांकन भर सकता है। लेकिन, जमानत राशि एक ही जमा करनी है।
-प्रत्याशियों के प्रस्तावक, निर्वाचक अभिकर्ता, एक सहयोगी समेत तीन लोगों को नामांकन कक्ष तक जाने की अनुमति होगी।
-नामांकन पत्र में दर्ज ब्योरा रोजाना शाम तक राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
-नामांकन स्थल से 200 मीटर की परिधि के बाहर ही भीड़ को रोका जाएगा ।
-जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा।
-बिना अनुमति के किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में सामग्री प्रकाशित नहीं कराई जाएगी।
एक नजर में पूरा चुनाव कार्यक्रम
- 17 से 24 अप्रैल तक नामांकन पत्र जमा होगें (सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक)
- नामांकन पत्रों की जांच 25 अप्रैल (सुबह 11 से कार्य की समाप्ति तक)
- नामांकन एवं नाम वापसी - 27 अप्रैल
- चुनाव चिन्ह आवंटन - 28 अप्रैल
- मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी - 10 मई को सुबह आठ बजे से
- निकाय चुनाव को मतदान - 11 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक
- मतगणना - 13 मई को सुबह आठ बजे से समाप्ति तक
आरओ-एआरओ को दिया गया प्रशिक्षण
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि सभी आरओ, एआरओ निरीक्षण पुस्तिका में बताई गई बातों को अच्छे से आत्मसात करें। निर्वाचन प्रक्रिया में हुई जरा सी चूक संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरओ-एआरओ को निर्देशित किया कि नामांकन कराते समय समयबद्धता का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय-सीमा के उपरान्त नामांकन पत्र जमा न करें।
उन्होंने बताया कि महापौर के लिए नाम निर्देशन पत्र का मूल्य 1000 रुपये जबकि जमानत राशि 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के लिए यह धनराशि क्रमश: 500 और 6000 रुपये निर्धारित की गई है। निर्वाचन व्यय की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर निगम पार्षद के लिए नाम निर्देशन पत्र का मूल्य 400 रुपये, जमानत राशि 2500 रुपये है। आरक्षित वर्ग के लिए क्रमश: 200 एवं 1250 रुपये है और व्यय सीमा तीन लाख रुपये निर्धारित है। उन्होंने बताया कि पार्षद नगर निगम और सदस्य नगर पालिका एवं नगर पंचायत में प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता हो सकता है, जिस वार्ड से उम्मीदवार निर्वाचन लड़ रहा है। किंतु महापौर एवं अध्यक्ष नगर पालिका एवं नगर पंचायत के मामलों में प्रस्तावक निकाय के किसी भी वार्ड का मतदाता हो सकता है जिस निकाय से उम्मीदवार निर्वाचन लड़ रहा है। एक मतदाता एक ही प्रत्याशी का प्रस्तावक बन सकता है। डीएम ने नगरीय निकायों के सामान्य निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों द्वारा निर्वाचन व्यय लेखे का प्रभावी अनुश्रवण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्याशियों द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से लेकर निर्वाचन परिणाम की घोषणा तक किए जाने वाले व्यय का लेखा- जोखा तैयार करने एवं चुनाव से संबंधित व्यय के लिए प्रत्याशी द्वारा एक अलग से खाता खोलने के निर्देश दिए हैं। यहां एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ठ, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार आदि थे।
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डीएम ने किया निर्वाचन कंट्रोल रूम का निरीक्षण
नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट इंद्र विक्रम सिंह ने कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निकाय निर्वाचन से संबंधित आने वाली शिकायतों का अंकन करने के साथ ही शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अवश्य लिखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों को तत्काल संबंधित अधिकारी को पत्र प्रेषण के साथ दूरभाष पर अवगत कराते हुए निराकरण कराया जाए। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग से अधिसूचना जारी होते ही कलेक्ट्रेट में निर्वाचन सेल का गठन कर दिया गया है।
कंट्रोल रूम के माध्यम से दूरभाष नम्बर 8923936218, 8923936212, 9027157925, 8923936388 एवं 8923936385 पर 24 घंटे निर्वाचन से संबंधित शिकायत एवं समस्या दर्ज कराई जा सकती है। उधर, अपर जिलाधिकारी नगर अमित कुमार भट्ठ एवं पुलिस अधीक्षक नगर कुलदीप गुणावत ने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार के साथ कलेक्ट्रेट एवं तहसील कोल में होने वाली नामांकन प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था को परखा। उन्होंने बैरिकेडिंग, सीसीटीवी स्थापना एवं सुरक्षा का जायजा लिया। कलेक्ट्रेट में महापौर एवं सभासद पद एवं तहसील कोल में नगर पंचायत हरदुआगंज, जलाली, कौडियागंज, विजयगढ़ एवं मडराक के चेयरमैन एवं सभासद पद के लिए 17 अप्रैल से 24 अप्रैल तक प्रात: 10 बजे से सांय तीन बजे तक पूर्ण सुरक्षा में नामांकन कराया जाएगा।
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नामांकन के दौरान यह रखना होगा ध्यान
- मेयर और नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी की उम्र करीब 30 जबकि पार्षद के लिए 21 वर्ष तय है।
- नामांकन पत्र लेने के लिए निर्धारित शुल्क जमा कराना होगा।
- जमानत राशि की तीन प्रतियां, शपथ पत्र में आपराधिक एवं संपत्तियों का ब्योरा देना जरूरी है।
- जाति प्रमाण पत्र के साथ शपथ पत्र देना होगा।
- संबंधित निकाय में एक वर्ष से अधिक की बकाएदारी न होने का प्रमाण पत्र।
- जमानत राशि जमा करने की रसीद।
- आरक्षित पदों के प्रत्याशियों को जाति प्रमाण पत्र के साथ शपथ पत्र देना होगा।
- आपराधिक और संपत्तियों का ब्योरा नोटरी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार से सत्यापित शपथ पत्र के साथ देना होगा।
- कोई भी मतदाता एक से अधिक प्रत्याशी का प्रस्तावक नहीं बन सकेगा।
-प्रत्याशी जमानत राशि ट्रेजरी चालान से बैंक या फिर कोषागार में जमा करेंगे।
-कोई भी प्रत्याशी एक निर्वाचन क्षेत्र के लिए चार नामांकन भर सकता है। लेकिन, जमानत राशि एक ही जमा करनी है।
-प्रत्याशियों के प्रस्तावक, निर्वाचक अभिकर्ता, एक सहयोगी समेत तीन लोगों को नामांकन कक्ष तक जाने की अनुमति होगी।
-नामांकन पत्र में दर्ज ब्योरा रोजाना शाम तक राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
-नामांकन स्थल से 200 मीटर की परिधि के बाहर ही भीड़ को रोका जाएगा ।
-जिला प्रशासन की अनुमति के बगैर प्रचार-प्रसार नहीं किया जा सकेगा।
-बिना अनुमति के किसी भी प्रत्याशी के पक्ष में सामग्री प्रकाशित नहीं कराई जाएगी।
एक नजर में पूरा चुनाव कार्यक्रम
- 17 से 24 अप्रैल तक नामांकन पत्र जमा होगें (सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक)
- नामांकन पत्रों की जांच 25 अप्रैल (सुबह 11 से कार्य की समाप्ति तक)
- नामांकन एवं नाम वापसी - 27 अप्रैल
- चुनाव चिन्ह आवंटन - 28 अप्रैल
- मतदान के लिए पोलिंग पार्टियों की रवानगी - 10 मई को सुबह आठ बजे से
- निकाय चुनाव को मतदान - 11 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक
- मतगणना - 13 मई को सुबह आठ बजे से समाप्ति तक
आरओ-एआरओ को दिया गया प्रशिक्षण
कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि सभी आरओ, एआरओ निरीक्षण पुस्तिका में बताई गई बातों को अच्छे से आत्मसात करें। निर्वाचन प्रक्रिया में हुई जरा सी चूक संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने आरओ-एआरओ को निर्देशित किया कि नामांकन कराते समय समयबद्धता का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय-सीमा के उपरान्त नामांकन पत्र जमा न करें।
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उन्होंने बताया कि महापौर के लिए नाम निर्देशन पत्र का मूल्य 1000 रुपये जबकि जमानत राशि 12 हजार रुपये निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के लिए यह धनराशि क्रमश: 500 और 6000 रुपये निर्धारित की गई है। निर्वाचन व्यय की सीमा 40 लाख रुपये निर्धारित की गई है। नगर निगम पार्षद के लिए नाम निर्देशन पत्र का मूल्य 400 रुपये, जमानत राशि 2500 रुपये है। आरक्षित वर्ग के लिए क्रमश: 200 एवं 1250 रुपये है और व्यय सीमा तीन लाख रुपये निर्धारित है। उन्होंने बताया कि पार्षद नगर निगम और सदस्य नगर पालिका एवं नगर पंचायत में प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता हो सकता है, जिस वार्ड से उम्मीदवार निर्वाचन लड़ रहा है। किंतु महापौर एवं अध्यक्ष नगर पालिका एवं नगर पंचायत के मामलों में प्रस्तावक निकाय के किसी भी वार्ड का मतदाता हो सकता है जिस निकाय से उम्मीदवार निर्वाचन लड़ रहा है। एक मतदाता एक ही प्रत्याशी का प्रस्तावक बन सकता है। डीएम ने नगरीय निकायों के सामान्य निर्वाचन के दौरान प्रत्याशियों द्वारा निर्वाचन व्यय लेखे का प्रभावी अनुश्रवण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रत्याशियों द्वारा नाम निर्देशन पत्र दाखिल करने से लेकर निर्वाचन परिणाम की घोषणा तक किए जाने वाले व्यय का लेखा- जोखा तैयार करने एवं चुनाव से संबंधित व्यय के लिए प्रत्याशी द्वारा एक अलग से खाता खोलने के निर्देश दिए हैं। यहां एडीएम वित्त एवं राजस्व मीनू राणा, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ठ, सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार आदि थे।
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डीएम ने किया निर्वाचन कंट्रोल रूम का निरीक्षण
नगर निकाय चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्न कराने को मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट इंद्र विक्रम सिंह ने कलेक्ट्रेट में स्थापित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को निर्देशित किया कि निकाय निर्वाचन से संबंधित आने वाली शिकायतों का अंकन करने के साथ ही शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर अवश्य लिखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों को तत्काल संबंधित अधिकारी को पत्र प्रेषण के साथ दूरभाष पर अवगत कराते हुए निराकरण कराया जाए। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग से अधिसूचना जारी होते ही कलेक्ट्रेट में निर्वाचन सेल का गठन कर दिया गया है।
कंट्रोल रूम के माध्यम से दूरभाष नम्बर 8923936218, 8923936212, 9027157925, 8923936388 एवं 8923936385 पर 24 घंटे निर्वाचन से संबंधित शिकायत एवं समस्या दर्ज कराई जा सकती है। उधर, अपर जिलाधिकारी नगर अमित कुमार भट्ठ एवं पुलिस अधीक्षक नगर कुलदीप गुणावत ने सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार के साथ कलेक्ट्रेट एवं तहसील कोल में होने वाली नामांकन प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था को परखा। उन्होंने बैरिकेडिंग, सीसीटीवी स्थापना एवं सुरक्षा का जायजा लिया। कलेक्ट्रेट में महापौर एवं सभासद पद एवं तहसील कोल में नगर पंचायत हरदुआगंज, जलाली, कौडियागंज, विजयगढ़ एवं मडराक के चेयरमैन एवं सभासद पद के लिए 17 अप्रैल से 24 अप्रैल तक प्रात: 10 बजे से सांय तीन बजे तक पूर्ण सुरक्षा में नामांकन कराया जाएगा।