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शराब कांडः चेतावनी के बाद भी रात में पी जहरीली शराब, तीन की मौत
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पिता की मौत के बाद गमगीन हालत में खड़े मजदूर मृतक ठेगू के बच्चे
- फोटो : AKBARABAD
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अकराबाद के सिसरोई गांव के तिरुपति ईंट-भट्ठा के दो मजदूरों की मौत के बाद शनिवार को खेड़ा नारायण सिंह गांव स्थित भाई जी ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले तीन श्रमिकों की मौत जहरीली शराब के सेवन से हो गई। शेखा नहर किनारे शराब तस्करों द्वारा फेंकी गई जहरीली शराब को इन तीनों ने चेतावनी के बावजूद भी छिपा लिया था। शुक्रवार रात को खाना खाते समय शराब का सेवन किया। शनिवार तड़के इनकी हालत बिगड़ गई। सबसे पहले इनकी आंखों की रोशनी गई। अलीगढ़ लाते समय दो की रास्ते में मौत हो गई। दोपहर बाद तीसरे से जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। इधर, जवां के रोहेरा ईंट-भट्ठे के एक मजदूर व नगली माली के एक युवक की भी मौत हो गई। अब तक मरने वालों की संख्या कुल 108 हो गई है।
खेड़ा नारायण सिंह गांव स्थित भाई जी ईंट भट्ठे पर श्रमिक ठेगू मंडल (50) पुत्र केलू मंडल निवासी गोपाल खेड़ा, गया, बिहार, शमदेव (30) पुत्र कालू मांझी निवासी तुला चक, गया, बिहार और मंगल सिंह मंडल (25) पुत्र अंबिका सिंह मंडल निवासी गया, बिहार काम करते थे। अधिकारियों को मिली जानकारी के मुताबिक, शेखा नहर के किनारे शराब तस्करों द्वारा फेंकी जा रही शराब इनके हाथ लग गई। पुलिस-प्रशासन के चेतावनियों के बावजूद इन मजदूरों ने शराब को छिपा लिया और शुक्रवार रात को खाना खाते समय शराब पी ली। तड़के तबीयत खराब हुई तो साथी मजदूरों ने मुनीम को जानकारी दी। वह सुबह भट्ठे पर पहुंचा। इधर, गांव की आशा मीना देवी ने पुलिस को सूचना दी।
इधर, एसडीएम कोल रंजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इन तीनों को अस्पताल भेजा। वहां से उनको जेएन मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। यहां लाते समय ठेगू और शमदेव की मौत हो गई। मंगल सिंह ने उपचार के दौरान जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। ठेगू और शमदेव के शव का पोस्टमार्टम हो गया।
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जवां के रोहेरा ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले 50 वर्षीय छोटे मांझी पुत्र कल मांझी निवासी गया, बिहार ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शहर के नगला माली, गांधी पार्क निवासी 32 वर्षीय सुनील सैनी पुत्र हरिप्रकाश सैनी की भी मौत हो गई। उसने पांच दिन पहले शराब का सेवन किया था। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार सुबह इसकी मौत हुई।
ठेगू के सात बच्चे हुए अनाथ
ईंट भट्ठे पर काम करने वाले ठेगू के सात बच्चे थे। उसकी पत्नी की एक साल पहले ही मौत हो चुकी है। अब उसके सातों बच्चे अनाथ हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शनिवार को इनकी हुई जहरीली शराब से मौत
- ठेगू मंडल (50) पुत्र केलू मंडल निवासी गोपाल खेड़ा, गया, बिहार
- शमदेव (30) पुत्र कालू मांझी निवासी तुला चक, गया, बिहार
- मंगल सिंह मंडल (25) पुत्र अंबिका सिंह मंडल निवासी गया, बिहार
- छोटे मांझी (50) पुत्र कर मांझी निवासी गया, बिहार
- सुनील सैनी (32) पुत्र हरिप्रकाश सैनी निवासी नगला माली, धनीपुर, गांधी पार्क
विजयगढ़ के नगलाबरी में युवक की मौत, जहरीली शराब से होने की अफवाह
थाना क्षेत्र के गांव नगलाबरी में शनिवार दोपहर धर्मेंद्र कुमार (40) पुत्र वीरपाल यादव की मौत हो गई। उसकी मौत पर क्षेत्र में यह अफवाह फैल गई कि उसकी मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है। हालांकि, मृतक के पिता ने इससे साफ तौर पर इंकार किया। इधर, अफवाह पर पुलिस व लेखपाल गांव में पहुंचे। मगर, पिता के इनकार करने के बाद वह लौट आए। पिता ने बताया कि भोजन करने के बाद बेटे की तबियत खराब हुई थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। धर्मेंद्र के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। पत्नी व परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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खेड़ा नारायण सिंह गांव स्थित भाई जी ईंट भट्ठे पर श्रमिक ठेगू मंडल (50) पुत्र केलू मंडल निवासी गोपाल खेड़ा, गया, बिहार, शमदेव (30) पुत्र कालू मांझी निवासी तुला चक, गया, बिहार और मंगल सिंह मंडल (25) पुत्र अंबिका सिंह मंडल निवासी गया, बिहार काम करते थे। अधिकारियों को मिली जानकारी के मुताबिक, शेखा नहर के किनारे शराब तस्करों द्वारा फेंकी जा रही शराब इनके हाथ लग गई। पुलिस-प्रशासन के चेतावनियों के बावजूद इन मजदूरों ने शराब को छिपा लिया और शुक्रवार रात को खाना खाते समय शराब पी ली। तड़के तबीयत खराब हुई तो साथी मजदूरों ने मुनीम को जानकारी दी। वह सुबह भट्ठे पर पहुंचा। इधर, गांव की आशा मीना देवी ने पुलिस को सूचना दी।
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इधर, एसडीएम कोल रंजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इन तीनों को अस्पताल भेजा। वहां से उनको जेएन मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया। यहां लाते समय ठेगू और शमदेव की मौत हो गई। मंगल सिंह ने उपचार के दौरान जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया। ठेगू और शमदेव के शव का पोस्टमार्टम हो गया।
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जवां के रोहेरा ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले 50 वर्षीय छोटे मांझी पुत्र कल मांझी निवासी गया, बिहार ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। शहर के नगला माली, गांधी पार्क निवासी 32 वर्षीय सुनील सैनी पुत्र हरिप्रकाश सैनी की भी मौत हो गई। उसने पांच दिन पहले शराब का सेवन किया था। हालत बिगड़ने पर परिवार वालों ने अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार सुबह इसकी मौत हुई।
ठेगू के सात बच्चे हुए अनाथ
ईंट भट्ठे पर काम करने वाले ठेगू के सात बच्चे थे। उसकी पत्नी की एक साल पहले ही मौत हो चुकी है। अब उसके सातों बच्चे अनाथ हो गए हैं। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शनिवार को इनकी हुई जहरीली शराब से मौत
- ठेगू मंडल (50) पुत्र केलू मंडल निवासी गोपाल खेड़ा, गया, बिहार
- शमदेव (30) पुत्र कालू मांझी निवासी तुला चक, गया, बिहार
- मंगल सिंह मंडल (25) पुत्र अंबिका सिंह मंडल निवासी गया, बिहार
- छोटे मांझी (50) पुत्र कर मांझी निवासी गया, बिहार
- सुनील सैनी (32) पुत्र हरिप्रकाश सैनी निवासी नगला माली, धनीपुर, गांधी पार्क
विजयगढ़ के नगलाबरी में युवक की मौत, जहरीली शराब से होने की अफवाह
थाना क्षेत्र के गांव नगलाबरी में शनिवार दोपहर धर्मेंद्र कुमार (40) पुत्र वीरपाल यादव की मौत हो गई। उसकी मौत पर क्षेत्र में यह अफवाह फैल गई कि उसकी मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है। हालांकि, मृतक के पिता ने इससे साफ तौर पर इंकार किया। इधर, अफवाह पर पुलिस व लेखपाल गांव में पहुंचे। मगर, पिता के इनकार करने के बाद वह लौट आए। पिता ने बताया कि भोजन करने के बाद बेटे की तबियत खराब हुई थी। इसके बाद उसकी मौत हो गई। धर्मेंद्र के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं। पत्नी व परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।