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एटा के हिस्ट्रीशीटर ने कराया पूर्व विधायक पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2016 01:31 AM IST
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एटा के हिस्ट्रीशीटर ने कराया पूर्व विधायक पर हमला
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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बरौली के पूर्व विधायक व वरिष्ठ भाजपा नेता मुनीश गौड़ पर हमला 2.30 लाख की सुपारी देकर एटा के एक हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर ने कराया था। यह खुलासा बुधवार को पुलिस ने दो शूटरों की गिरफ्तारी करते हुए किया है।
अब उस हिस्ट्रीशीटर ने क्यों और किसके कहने पर सुपारी दी। यह हकीकत उसकी गिरफ्तारी के बाद ही खुलेगी। मगर खास बात है कि यह हिस्ट्रीशीटर जिले के ही एक बड़े नेता का ‘परिचित’ है और लंबे समय से यहां पनैठी इलाके में किराये पर रहा रहा था। इस खुलासे के बाद कहानी में नया ट्विस्ट आ गया है और अभी पुलिस दिनेश ठाकुर की गिरफ्तारी के प्रयास की बात कह रही है। उसके बाद ही आगे कुछ कहा जाएगा।
एसएसपी लव कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 2 जुलाई की दोपहर करीब 11.30 बजे क्वार्सी क्षेत्र की अवंतिका कॉलोनी स्थित पूर्व सांसद शीला गौतम के आवास के सामने पूर्व विधायक मुनीश गौड़ सओजी/सर्विलांस टीमें दोनों के पीछे लगी थीं। बुधवार को दोनों को पुलिस ने कयामपुर से वाहन चेकिंग के दौरान दबोच लिया। इनके कब्जे से हमले में प्रयुक्त स्कूटी, दो तमंचा 306 पर उस समय हमला हुआ था, जब वह बाजार से लौटकर पैदल अपने घर जा रहे थे। यहां लगे सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने हमले में प्रयुक्त स्कूटी और उस पर सवार दो युवकों की पहचान शुरू की तो ग्रे रंग की स्कूटी व उसके मालिक राकेश गौड़ निवासी सूर्य विहार क्वार्सी बाईपास, पिंकू उर्फ मुकेश निवासी अशुदपुर घेड़ डिबाई बुलंदशहर के नाम सामने आए। पुलिस ने इन दोनों की तलाश शुरू की तो यह अपने घरों से भी उसी दिन से गायब थे। क्वार्सी पुलिस व एबोर व चार कारतूस बरामद हुए।
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दोनों ने स्वीकारा कि एटा के जैथरा निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर हाल निवासी पनैठी से राकेश का मिलना-जुलना और घर आना जाना था। राकेश की पिंकू से दोस्ती थी। दिनेश ने राकेश को यह काम बताया और हमले से तीन दिन पहले से पूर्व विधायक की तलाश में खुद इन दोनों के साथ लगा रहा। घटना के वक्त भी दिनेश साथ था। जैसे ही मुनीश गौड़ सामने दिखाई दिए, तभी उसने इशारा किया और राकेश व पिंकू ने उन पर फायरिंग कर दी। हालांकि मकसद हत्या करना था
। मगर राहगीरों के आने के कारण वह हमला करके ही भाग गए। राकेश व पिंकू के अनुसार बस दिनेश ने यह कहा था कि उसकी एक प्रापर्टी का विवाद इस पार्टी से है। उनकी मौत के बाद वह समस्या दूर होगी और रकम मिलने पर सुपारी की रकम दे देगा। एसएसपी ने बताया कि अब दिनेश ठाकुर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उसके पकड़े जाने पर आगे की हकीकत सामने आएगी। पुलिस ने दिनेश के किसी नेता के खास होने जैसे किसी विषय पर कोई कमेंट नहीं किया है। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ राजीव सिंह, एसओ विनोद कुमार, सर्विलांस प्रभारी छोटेलाल मौजूद रहे। पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार के इनाम की घोषणा की है।
नए शूटरों ने मात्र 2800 रुपये में किया हमला
दोनों ने स्वीकारा कि वह तालानगरी की एक फैक्ट्री में काम या फिर मजदूरी करते थे। राकेश डीएस कॉलेज का बीए का छात्र भी रहा है। मगर शादी के बाद परिवार से अलग रहने के कारण आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। कभी उन्होंने कोई अपराध नहीं किया। मगर दिनेश द्वारा दिए गए रुपयों के लालच में आ गए और मात्र 2800 रुपये एडवांस लेकर हमला कर दिया।
नौ मुकदमों सहित हिस्ट्रीशीटर है दिलीप
दिनेश ठाकुर मूल रूप से जैथरा एटा के गांव बनिया डरा का रहने वाला है। उस पर जैथरा में हमला, हत्या, अपहरण, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट आदि के नौ मुकदमों सहित हिस्ट्रीशीट भी खुली है।
खुद पूर्व विधायक को याद दिलाया घटना से पहले का हाल
इन दोनों शूटरों को पूर्व विधायक के सामने शिनाख्त परेड के लिए ले जाया गया। वहां उन्हें देखते ही पूर्व विधायक ने पहचान लिया और जब उन्हें शूटरों ने सुबह घर से निकलने से लेकर रास्ते में आम खाने, मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने, फिर परिचित के घर जाने से लेकर वापस आने तक का पूरा वाकया बताया तो खुद पूर्व विधायक यह याद कर हैरत में पड़ गए।
कम प्रयोग होता है 306 बोर
पूर्व विधायक पर हमले में 306 बोर का कारतूस प्रयोग हुआ था, जब ऑपरेशन में उनकी कमर से गोली निकली थी, तो उस समय कारतूस का आगे का हिस्सा पहचान में नहीं आया था। उसकी बनावट लगभग 315 और 303 बोर से मिलती-जुलती होती है। मगर बुधवार को जब शूटरों की गिरफ्तारी हुई और उनसे 306 बोर के दो तमंचे व कारतूस मिले तब बात समझ में आ गई। शूटरों के अनुसार तमंचे भी दिनेश ठाकुर ने मुहैया कराए थे।
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अब उस हिस्ट्रीशीटर ने क्यों और किसके कहने पर सुपारी दी। यह हकीकत उसकी गिरफ्तारी के बाद ही खुलेगी। मगर खास बात है कि यह हिस्ट्रीशीटर जिले के ही एक बड़े नेता का ‘परिचित’ है और लंबे समय से यहां पनैठी इलाके में किराये पर रहा रहा था। इस खुलासे के बाद कहानी में नया ट्विस्ट आ गया है और अभी पुलिस दिनेश ठाकुर की गिरफ्तारी के प्रयास की बात कह रही है। उसके बाद ही आगे कुछ कहा जाएगा।
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एसएसपी लव कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइंस सभागार में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 2 जुलाई की दोपहर करीब 11.30 बजे क्वार्सी क्षेत्र की अवंतिका कॉलोनी स्थित पूर्व सांसद शीला गौतम के आवास के सामने पूर्व विधायक मुनीश गौड़ सओजी/सर्विलांस टीमें दोनों के पीछे लगी थीं। बुधवार को दोनों को पुलिस ने कयामपुर से वाहन चेकिंग के दौरान दबोच लिया। इनके कब्जे से हमले में प्रयुक्त स्कूटी, दो तमंचा 306 पर उस समय हमला हुआ था, जब वह बाजार से लौटकर पैदल अपने घर जा रहे थे। यहां लगे सीसीटीवी के आधार पर पुलिस ने हमले में प्रयुक्त स्कूटी और उस पर सवार दो युवकों की पहचान शुरू की तो ग्रे रंग की स्कूटी व उसके मालिक राकेश गौड़ निवासी सूर्य विहार क्वार्सी बाईपास, पिंकू उर्फ मुकेश निवासी अशुदपुर घेड़ डिबाई बुलंदशहर के नाम सामने आए। पुलिस ने इन दोनों की तलाश शुरू की तो यह अपने घरों से भी उसी दिन से गायब थे। क्वार्सी पुलिस व एबोर व चार कारतूस बरामद हुए।
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दोनों ने स्वीकारा कि एटा के जैथरा निवासी हिस्ट्रीशीटर दिनेश ठाकुर हाल निवासी पनैठी से राकेश का मिलना-जुलना और घर आना जाना था। राकेश की पिंकू से दोस्ती थी। दिनेश ने राकेश को यह काम बताया और हमले से तीन दिन पहले से पूर्व विधायक की तलाश में खुद इन दोनों के साथ लगा रहा। घटना के वक्त भी दिनेश साथ था। जैसे ही मुनीश गौड़ सामने दिखाई दिए, तभी उसने इशारा किया और राकेश व पिंकू ने उन पर फायरिंग कर दी। हालांकि मकसद हत्या करना था
। मगर राहगीरों के आने के कारण वह हमला करके ही भाग गए। राकेश व पिंकू के अनुसार बस दिनेश ने यह कहा था कि उसकी एक प्रापर्टी का विवाद इस पार्टी से है। उनकी मौत के बाद वह समस्या दूर होगी और रकम मिलने पर सुपारी की रकम दे देगा। एसएसपी ने बताया कि अब दिनेश ठाकुर की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उसके पकड़े जाने पर आगे की हकीकत सामने आएगी। पुलिस ने दिनेश के किसी नेता के खास होने जैसे किसी विषय पर कोई कमेंट नहीं किया है। इस मौके पर एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ राजीव सिंह, एसओ विनोद कुमार, सर्विलांस प्रभारी छोटेलाल मौजूद रहे। पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार के इनाम की घोषणा की है।
नए शूटरों ने मात्र 2800 रुपये में किया हमला
दोनों ने स्वीकारा कि वह तालानगरी की एक फैक्ट्री में काम या फिर मजदूरी करते थे। राकेश डीएस कॉलेज का बीए का छात्र भी रहा है। मगर शादी के बाद परिवार से अलग रहने के कारण आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। कभी उन्होंने कोई अपराध नहीं किया। मगर दिनेश द्वारा दिए गए रुपयों के लालच में आ गए और मात्र 2800 रुपये एडवांस लेकर हमला कर दिया।
नौ मुकदमों सहित हिस्ट्रीशीटर है दिलीप
दिनेश ठाकुर मूल रूप से जैथरा एटा के गांव बनिया डरा का रहने वाला है। उस पर जैथरा में हमला, हत्या, अपहरण, गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट आदि के नौ मुकदमों सहित हिस्ट्रीशीट भी खुली है।
खुद पूर्व विधायक को याद दिलाया घटना से पहले का हाल
इन दोनों शूटरों को पूर्व विधायक के सामने शिनाख्त परेड के लिए ले जाया गया। वहां उन्हें देखते ही पूर्व विधायक ने पहचान लिया और जब उन्हें शूटरों ने सुबह घर से निकलने से लेकर रास्ते में आम खाने, मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने, फिर परिचित के घर जाने से लेकर वापस आने तक का पूरा वाकया बताया तो खुद पूर्व विधायक यह याद कर हैरत में पड़ गए।
कम प्रयोग होता है 306 बोर
पूर्व विधायक पर हमले में 306 बोर का कारतूस प्रयोग हुआ था, जब ऑपरेशन में उनकी कमर से गोली निकली थी, तो उस समय कारतूस का आगे का हिस्सा पहचान में नहीं आया था। उसकी बनावट लगभग 315 और 303 बोर से मिलती-जुलती होती है। मगर बुधवार को जब शूटरों की गिरफ्तारी हुई और उनसे 306 बोर के दो तमंचे व कारतूस मिले तब बात समझ में आ गई। शूटरों के अनुसार तमंचे भी दिनेश ठाकुर ने मुहैया कराए थे।