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Budget Expectations: उद्यमियों को मिले अच्छी सुविधाएं, जीएसटी और ब्याज दरें हों कम
Wed, 01 Feb 2023 09:52 AM IST
चमन शर्मा
अभिषेक शर्मा
अभिषेक शर्मा
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 01 Feb 2023 09:52 AM IST
सार
अलीगढ़ के उद्योगपतियों एवं प्रमुख निर्यातकों को इस बार के बजट में वित्त मंत्री की ओर से कई ऐलान किए जाने की काफी उम्मीदें हैं। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें अच्छी सुविधा मिले। जीएसटी और ब्याज की दरें कम हो।
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Union Budget 2023-24
- फोटो : Istock
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विस्तार
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले देश में इस साल एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल का अंतिम एवं पूर्ण बजट पेश करेंगी। शहर के उद्योगपतियों एवं प्रमुख निर्यातकों को इस बार के बजट में वित्त मंत्री की ओर से कई ऐलान किए जाने की काफी उम्मीदें हैं। उद्यमियों का कहना है कि उन्हें अच्छी सुविधा मिले। जीएसटी और ब्याज की दरें कम हो। उद्योगों के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं के लिए बजट की व्यवस्था पहले से हो ताकि उन्हें ऐन मौके पर उन्हें बेवजह परेशान न होना पड़े।
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बोले उद्योगपति एवं निर्यातक
आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में करेगा मदद
केंद्रीय बजट से उद्योग जगत को काफी उम्मीदें हैं। जो देश को आर्थिक समृद्धि की ओर ले जाने के साथ ही संभावित वैश्विक मंदी और भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच सभी क्षेत्रों और उद्योगों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगा। पीएलआई योजनाओं के लिए सरकार के निर्देश उद्योगों के लिए फायदेमंद होंगे। हम निर्यात के लिए प्रोत्साहन वापस देखना चाहते हैं, निर्यात केवल उत्पादकता में सुधार और रोजगार प्रदान करने में मदद करेगा। सबसे अधिक लाभकारी प्रत्यक्ष कर संबंधी सुधार कर इसके अनुपालन को आसान बनाना होगा। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था लचीली रही है और सात प्रतिशत की विकास दर के रास्ते पर है। सरकार ने व्यापार करने में आसानी और औद्योगिक विकास को बढ़ाने, रोजगार पैदा करने और निवेश बढ़ाने के लिए एक केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है। - धनजीत वाड्रा, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक
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औद्योगिक योजनाओं को समय पर उपलब्ध हो बजट
आम बजट उद्यमियों के लिए अच्छा हो। केंद्र और प्रदेश सरकार उद्योग और उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए निर्यात के लिए अन्य तरीके की सब्सिडी लेकर आए। औद्योगिक इकाइयों की योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था रखे। विदेशों की तर्ज पर ब्याज कम और सब्सिडी बढ़नी चाहिए। आम बजट में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को केंद्र सरकार बढ़ावा देते हुए ब्याज दर कम करे। सब्सिडी बढ़ाई जाए। 11 प्रतिशत से घटाकर तीन प्रतिशत ब्याज दर लागू हो। नए उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की ओर से कोई भी प्रॉपर्टी गिरवी न रखवाई जाए। जीएसटी का सरलीकरण किया जाना और आय कर स्लैब बढ़ाना उचित है। - अजय पटेल, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक
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आधुनिक मशीनों की खरीद में मिले छूट का लाभ
अलीगढ़ के ताला उद्योग में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बहुत एडवांस नहीं है। इसकी वजह से ताला निर्माण में खर्च अधिक आता है। ताला बनाने के लिए व्यापारी आधुनिक मशीनों को विदेश से खरीद
कर लाता है तो मशीन को यहां तक लाने के लिए काफी अधिक ड्यूटी खर्च होती है। जो मध्यम वर्ग के व्यापारी के लिए दे पाना बेहद मुश्किल होता है। सरकार को आधुनिक मशीनों के ऊपर लगने वाली ड्यूटी को खत्म करें, जिससे ताले के निर्माण पर खर्च कम हो और उत्पादन अधिक हो। - कोमल कटारा, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक
कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यापार को मिले बढ़ावा
आम बजट में सरकार को कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ही प्रोत्साहन के लिए अपग्रेडेशन का माहौल पैदा हो। जिससे लगातार घाटे से जूझ रहे उद्योगों को संजीवनी मिल सके। कृषकों को भी इससे फायदा होगा। - गिर्राज किशोर गोदानी, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक
आम बजट में कारपोरेट टैक्स कम हो
देश एवं उद्योगों की तरक्की के लिए आम बजट में कॉरपोरेट टैक्स कम किया जाना चाहिए। नई इनवेस्टर मीट के लिए सब्सिडी समय से उद्यमियों को उपलब्ध हो। समय पर योजनाओं की सब्सिडी मिलने से उद्योग जगत नई ऊंचाई छू सकता है। जीएसटी की पेचीदगियों को दूर किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें खरीद-फरोख्त का हिसाब-किताब रखने में आसानी हो। - राजीव अग्रवाल आरएमआई, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक
बिजली की बढ़ी दरों को रोकें
कच्चे माल के मूल्यों में आए दिन जो उतार-चढ़ाव आता है वह स्थिर होना चाहिए। सरकार को बिजली दरों में की गई बढ़ोत्तरी को अभी रोकना चाहिए, क्योंकि फिलहाल की स्थिति में उद्योग इस बढ़ोत्तरी को झेलने की हालत में नहीं हैं। बजट में उद्यमियों की परेशानियों को देखते हुए उन्हें राहत दी जाए। - नेकराम शर्मा, अध्यक्ष तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन
जीएसटी की पेचीदगियां हो दूर
ताला बनाने में इस्तेमाल होने वाले रॉ मैटेरियल एवं तैयार ताले पर लगने वाली 18 फीसद जीएसटी को 12 फीसद करने से ताला उद्योग में और तेजी आने की संभावना है। सरकार से इस बजट में ताला उद्योग को काफी उम्मीद हैं। महंगाई नियंत्रित हो और जीएसटी की पेचीदगियों को दूर किया जाए। - हुमांयू जफर, लिंक लॉक, उद्योगपति एवं प्रमुख निर्यातक