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हिंदी दिवस: आओ मनाएं उत्सव, अंग्रेजी-उर्दू व फारसी... सब हैं हिंदी के माथे की बिंदी

Mon, 14 Sep 2026 01:55 PM IST
Chaman Kumar Sharma मौहम्मद तौहिद आलम, अमर उजाला, अलीगढ़
मौहम्मद तौहिद आलम, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Mon, 14 Sep 2026 01:55 PM IST
सार

हिंदी की खूबसूरती उसकी शुद्धता में नहीं, बल्कि दूसरी भाषाओं से शब्द लेकर उन्हें अपना बना लेने की क्षमता में छिपी है। यह भाषा के स्वाभाविक विकास का हिस्सा है। जो भाषा समय के साथ दूसरी भाषाओं की शब्दावली को अपने भीतर समाहित करने की क्षमता रखती है।

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English, Urdu, Persian and Hindi relations
हिंदी दिवस - फोटो : एआई

विस्तार

मोहब्बत, कोशिश, किताब, जमीन, ऑफिस, स्टेशन... ये शब्द हमारी रोजमर्रा की हिंदी में इस कदर रच-बस गए हैं कि इनके मूल की तरफ हमारा ध्यान ही नहीं जाता। अलग-अलग भाषाओं से आए इन शब्दों को हिंदी ने न सिर्फ अपनाया, बल्कि अपनी अभिव्यक्ति का हिस्सा बना लिया। इन्हें अपने माथे की बिंदी की तरह सजाया और यही हिंदी की सबसे खूबसूरत खासियत है।

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यह कहना है एएमयू के भाषा विभाग के निदेशक प्रोफेसर एमजे वारसी का। वे कहते हैं भाषा खुद को बचाने के लिए दीवारें नहीं खड़ी करती, बल्कि दूसरी भाषाओं को समेटकर और समृद्ध होती जाती है। हिंदी की ताकत यही है कि उसने सभी भाषा के शब्दों को अपना बना लिया। हिंदी दिवस पर सवाल उठता है कि अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं के शब्दों के बढ़ते इस्तेमाल से हिंदी कमजोर हो रही है, लेकिन भाषा विज्ञान की नजर से तस्वीर कुछ अलग है। वे कहते हैं शब्दों की आवाजाही सिर्फ एकतरफा नहीं है। जिस तरह हिंदी ने अरबी, फारसी, उर्दू और अंग्रेजी के शब्दों को अपनाया, वैसा ही भारतीय भाषाओं के कई शब्द अंग्रेजी में भी अपनी अलग पहचान बना चुके हैं।
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शब्दों का आदान-प्रदान भाषा के विकास का हिस्सा
हिंदी की खूबसूरती उसकी शुद्धता में नहीं, बल्कि दूसरी भाषाओं से शब्द लेकर उन्हें अपना बना लेने की क्षमता में छिपी है। यह भाषा के स्वाभाविक विकास का हिस्सा है। जो भाषा समय के साथ दूसरी भाषाओं की शब्दावली को अपने भीतर समाहित करने की क्षमता रखती है, वही जीवित और समृद्ध रहती है। - प्रोफेसर एमजे वारसी, निदेशक, भाषा विभाग, एएमयू

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लिखने में मात्रा, वर्तनी का रखना पड़ता है ध्यान
बोलने में हिंदी आज भी उतनी है सहज है लेकिन मोबाइल की स्क्रीन पर आते ही इसका अंदाज बदल जाता है। 'क्या कर रहे हो', kya kar rahe ho हो जाता है। शोधार्थी मो. आदिल, हिंदी विभाग, एएमयू कहते हैं कि मैं ज्यादातर अपने दोस्तों को रोमन हिंदी में मेसेज करता हूं। यह कीबोर्ड पर जल्दी टाइप हो जाता है और बातचीत भी आसान होती है। वे कहते हैं हिंदी बोलना आसान है, लेकिन लिखते समय वर्तनी, मात्रा और वाक्य संरचना का ध्यान रखना पड़ता है।

हिंदी में प्रयोग होने वाले अरबी शब्द

  • कमीज, आदमी, किताब, तारीख, वक्त, इंसान, इमान, हिसाब, दुनिया

हिंदी में प्रयोग होने वाले फारसी शब्द

  • आराम, जमीन, दिल, चादर, खुशी, शहर, दुकान, आमदनी, हफ्ता, नारंगी

हिंदी में प्रयोग होने वाले अंग्रेजी शब्द

  • ऑफिस, स्टेशन, फिल्म, फोटो, बस, ट्रेन, टाइम, नंबर, हीरो, फर्स्ट क्लास, पंक्चर, एअरपोर्ट, ब्रेड, सैंडविच, कॉपी, टाइम, इंटरनेट, कंप्यूटर

हिंदी में प्रयोग होने वाले उर्दू शब्द

  • कोशिश, मुश्किल, फायदा, नुकसान

अंग्रेजी में इस्तेमाल होने वाले शब्द

  • लाठी, बंद, बंगला, पायजमा, गुरु, योग, कर्म, मंत्र, जंगल, लूट, ठग, अवतार
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