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शर्मनाक : रेल टिकट के नाम पर गुजरात में हुई वसूली
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स्पेशल ट्रेन अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे मजदूर।
- फोटो : CITY OFFICE
केंद्र और राज्य सरकारें प्रवासी श्रमिकों को घरों तक पहुंचाने के लिए तमाम इंतजाम करने में लगी हैं। मगर, जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी व जनप्रतिनिधि इसमें भी अपना फायदा ढूंढ रहे हैं।
गुजरात से लौटे श्रमिकों से वहां रेल टिकट के नाम पर वसूली की गई। श्रमिकों ने बताया कि टिकट की दर 455 रुपये निर्धारित थी।
मगर, वहां लगे प्रधानों, पार्षदों और एसडीएम ने किसी श्रमिक से 600 तो किसी से 550 रुपये लेने के बाद टिकट उपलब्ध कराई। श्रमिकों ने बताया कि दाहोद स्टेशन से रवाना करने से पहले वहां स्क्त्रस्ीनिंग कराई गई। इसके लिए शनिवार सुबह से ही बुला लिया गया। लाइन में लगने के दौरान दाहोद प्रशासन की ओर से सिर्फ दो छोटी बोतल पानी और एक बिस्किट का पैकेट प्रति व्यक्ति दिया गया। इसके अलावा खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
दाहोद प्रशासन ने प्रधान/पार्षद और एसडीएम के माध्यम से रेल में जाने वाले मजदूरों की सूची तैयार करवाई थी। इन जिम्मेदारों ने 455 रुपये के रेल टिकट के बदले में किसी से 550 तो किसी से 600 रुपये वसूले।
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-दोवरी सोनकर, आजमगढ़
दाहोद में गन्ने का रस बेचकर गुजर बसर करता था। वहां लॉक डाउन के चलते फंसने पर पैसे खत्म हो गए। जैसे-तैसे पैसे एकत्रित कर टिकट खरीदी। इस पर भी वहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुविधा शुल्क मांगने लगे। काफी मिन्नतों के बाद आने दिया गया है। खाने के लिए सिर्फ एक बिस्किट का पैकेट दिया गया।
-प्रताप, आजमगढ़
इन जिलों के लिए रवाना हुए श्रमिक
कासगंज, एटा, बदायूं, बरेली, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, कन्नौज, मैनपुरी, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, हाथरस, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, प्रतापगढ़, अमेठी, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गाजियाबाद, शामली, संभल, जालौन, औरैया, झांसी, मथुरा, आगरा, आंबेडकर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, उन्नाव, सुल्तानपुर, रायबरेली।
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गुजरात से लौटे श्रमिकों से वहां रेल टिकट के नाम पर वसूली की गई। श्रमिकों ने बताया कि टिकट की दर 455 रुपये निर्धारित थी।
मगर, वहां लगे प्रधानों, पार्षदों और एसडीएम ने किसी श्रमिक से 600 तो किसी से 550 रुपये लेने के बाद टिकट उपलब्ध कराई। श्रमिकों ने बताया कि दाहोद स्टेशन से रवाना करने से पहले वहां स्क्त्रस्ीनिंग कराई गई। इसके लिए शनिवार सुबह से ही बुला लिया गया। लाइन में लगने के दौरान दाहोद प्रशासन की ओर से सिर्फ दो छोटी बोतल पानी और एक बिस्किट का पैकेट प्रति व्यक्ति दिया गया। इसके अलावा खाने-पीने का कोई इंतजाम नहीं किया गया था।
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दाहोद प्रशासन ने प्रधान/पार्षद और एसडीएम के माध्यम से रेल में जाने वाले मजदूरों की सूची तैयार करवाई थी। इन जिम्मेदारों ने 455 रुपये के रेल टिकट के बदले में किसी से 550 तो किसी से 600 रुपये वसूले।
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-दोवरी सोनकर, आजमगढ़
दाहोद में गन्ने का रस बेचकर गुजर बसर करता था। वहां लॉक डाउन के चलते फंसने पर पैसे खत्म हो गए। जैसे-तैसे पैसे एकत्रित कर टिकट खरीदी। इस पर भी वहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुविधा शुल्क मांगने लगे। काफी मिन्नतों के बाद आने दिया गया है। खाने के लिए सिर्फ एक बिस्किट का पैकेट दिया गया।
-प्रताप, आजमगढ़
इन जिलों के लिए रवाना हुए श्रमिक
कासगंज, एटा, बदायूं, बरेली, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, कन्नौज, मैनपुरी, गोरखपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, हाथरस, फिरोजाबाद, इटावा, कानपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, बहराइच, प्रतापगढ़, अमेठी, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गाजियाबाद, शामली, संभल, जालौन, औरैया, झांसी, मथुरा, आगरा, आंबेडकर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, संतकबीरनगर, उन्नाव, सुल्तानपुर, रायबरेली।