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Aligarh: किरायेदार की मिली भगत से हुई थी बुजुर्ग दुकानदार की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार, ऐसे दिया घटना को अंजाम
Tue, 16 Jan 2024 06:31 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 16 Jan 2024 06:31 PM IST
सार
11 जनवरी की आधी रात को किरायेदार अपने अन्य तीन साथियों के साथ मिलकर छत से होकर झीने के रास्ते घर में अंदर दाखिल हुआ। जब चारों चोरी की घटना को अंजाम देने लगे, तभी मकान मालिक की आंख खुल गई। उसने सभी आरोपियों को पहचान लिया और विरोध करना शुरू कर दिया। पहचान के डर से चारों ने मिलकर बुजुर्ग दुकानदार के सिर में डण्डा मारकर हत्या कर दी
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हत्या में पकड़े गए दो आरोपी
- फोटो : पुलिस
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विस्तार
अलीगढ़ में चंडौस कस्बे के बुजुर्ग दुकानदार की हत्या का खुलासा 16 जनवरी को पुलिस ने कर दिया। लूट के इरादे से किरायेदार ने बुजुर्ग दुकानदार की हत्या कराई थी। पुलिस ने दो आरोपियो को गिरप्तार कर जेल भेज दिया। दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगी हुई है।
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11 जनवरी की आधी रात को चंडौस के डाबर रोड़ निवासी खलचुनी का काम करने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार रमेशचंद गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता की उनके ही घर में उस वक्त हत्या करदी थी, जब वह अपने कमरे में सो रहे थे। लूट के इरादे से हत्याकांड को अंजाम दिया गया। सभी चारों आरोपी पड़ोस के ही रहने वाले हैं। 16 जनवरी को एएसपी अमृत जैन व चंडौस कोतवाल विनोद कुमार ने हत्या का खुलासा करते हुये बताया कि मृतक रमेशचंद का किरायेदार सफीक खां पुत्र रफीक जुआ खेलने का आदी है।
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घटना से करीब 15 दिन पहले उसने अपनी मोपेड व मोबाइल 50 हजार रूपये में गिरवी रख दिया था। सफीक उन पैसों को जुए में हार गया। उसकी भरपाई करने के लिये उसने अपने कस्बा निवासी तीन अन्य लोगों के संग अपने मकान मालिक मृतक रमेशचंद गुप्ता के यहां पर चोरी करने की योजना बनाई। 11 जनवरी की आधी रात को कस्बा निवासी कलुआ उर्फ मनोज पुत्र मोहनलाल व रौजिल पुत्र रफीक व राजेश पुत्र अमर सिंह के साथ मिलकर छत से होकर झीने के रास्ते घर में अंदर दाखिल हुए। जब चारों चोरी की घटना को अंजाम देने लगे, तभी रमेशचंद की आंख खुल गई।
उसने सभी आरोपियों को पहचान लिया और विरोध करना शुरू कर दिया। पहचान के डर से चारों ने मिलकर बुजुर्ग दुकानदार रमेशचंद के सिर में डण्डा मारकर हत्या कर दी और घर में रखे 15 हजार रूपये लूटने के बाद फरार हो गये। घटना की जानकारी अगले दिन 12 जनवरी की सुबह होने पर किरायेदार की पत्नी द्वारा बुजुर्ग को जगाने का प्रयास किया गया, लेकिन न जगने पर उसने पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ती की बेटी को जाकर बताया। कमरे में घुस कर देखा, तो बुजु्र्ग मृत अवस्था में पड़े थे। घटना की जानकारी मृतक के भाई मेघराज गुप्ता को दी गई।
सूचना पर चंडौस पुलिस मोके पर पहुंच गई। फोरेंसिक व डॉग स्काइड द्वारा जांच कराने के बाद पुलिस ने किरायेदार व उसकी पत्नी एक अन्य सहित तीन लोगों को पूछताछ के लिये थाने में बिठा लिया। मृतक के भाई मेघराज की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञातों के खिलाफ हत्या व लूट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस तभी से हत्यारों की तलाश में लगी हुई थी। चंडौस पुलिस ने हत्या करने वाले चंडौस निवासी कलुआ उर्फ मनोज व सफीक को गिरप्तार करके जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त डंडा व दो हजार रूपये भी बरामद किए। हत्या में शामिल दो अन्य आरोपी रौजिल पुत्र रफीक व राजेश पुत्र अमर सिंह फरार चल रहे हैं, जिनकी पुलिस तलाश में लगी हुई है।