{"_id":"62d9a7f5e4bbdb4f676b0d27","slug":"economic-experts-regret-but-aligarh-s-exporters-are-rich-aligarh-news-ali296542641","type":"story","status":"publish","title_hn":"मजबूत डॉलर : अर्थ विशेषज्ञों को मलाल मगर अलीगढ़ के निर्यातक मालामाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मजबूत डॉलर : अर्थ विशेषज्ञों को मलाल मगर अलीगढ़ के निर्यातक मालामाल
विज्ञापन
कमल शर्मा
रुपये के मुकाबले में डॉलर की लगातार मजबूती से बेशक देश के अर्थशास्त्री चिंतित हों मगर अलीगढ़ के मीट और हार्डवेयर के निर्यातकों को यह स्थिति चार महीने से मालामाल बना रही है। मार्च से अब तक 4.75 रुपये की गिरावट हुई है। जिसका सीधे-सीधे पांच फीसदी लाभ निर्यातकों को मिल रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो भविष्य में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
ताला और हार्डवेयर उद्योग से अलीगढ़ की देश विदेश में पहचान है। लेकिन आर्थिक मोर्चे व निर्यात की बात करें तो ताला व हार्डवेयर उद्योग मीट निर्यात से पीछे हो गया हैं। जिले की 250 से ज्यादा ताला व हार्डवेयर एक्सपोर्ट इकाइयां आर्थिक मोर्चे पर सात मीट इकाइयों की बराबरी नहीं कर पा रही हैं। इन दिनों जिले से 3500 करोड़ रुपये का का मीट एक्सपोर्ट है। यहां पर कुल नौ मीट इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकृत हैं, जो मीट निर्यात करती हैं। मौजूदा समय में केवल सात मीट इकाइयां एक्सपोर्ट कर रहीं हैं। ताला तथा हार्डवेयर के एक्सपोर्ट की बात करें तो यह सालाना 2500 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट करते हैं।
इन देशों में मीट का होता है निर्यात
जिले से भैंस का मीट वियतनाम, सऊदी अरब व मलेशिया में सबसे अधिक निर्यात किया जा रहा है। इसके अलावा खाड़ी देशों में भी जरुरत के मुताबित मीट का निर्यात होता है। जिले से ताले का निर्यात नहीं होता लेकिन हार्डवेयर का जर्मनी, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड व यूएसए में निर्यात हो रहा है।
विज्ञापन
बोले अधिकारी
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने के कारण अलीगढ़ के मीट और हार्डवेयर के निर्यातकों को ज्यादा मुनाफा हो रहा है। एक मार्च से अब तक एक डॉलर के मुकाबले करीब 4.75 रुपये का निर्यातकों को लाभ मिला है। वीरेंद्र कुमार , सहायक आयुक्त उद्योग
बोले निर्यातक
जिले से हर साल छह हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। जिसमें से 3500 करोड़ रुपये का फ्रोजन मीट का निर्यात अरब देशों में है। जबकि 2500 करोड़ रुपये का निर्यात यूरोपियन देशों में हार्ड एवं आर्र्टवेयर का है। इन दिनों रुपये कमजोर होने के कारण हार्डवेयर कारोबारियों को राहत मिली है। - धनजीत वाडरा, निर्यातक
मार्च से 19 जुलाई 2022 तक डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
01 मार्च - 75.3768
8 मार्च - 77.0606
31 मार्च - 75.8434
01 अप्रैल - 75.9206
28 अप्रैल - 76.7621
01 मई - 76.5257
21 मई - 77.8383
01 जून - 77.593
13 जून - 78.1519
30 जून - 79.0743
01 जुलाई - 78.9482
18 जुलाई -80.018
19 जुलाई - 80.124
विज्ञापन
रुपये के मुकाबले में डॉलर की लगातार मजबूती से बेशक देश के अर्थशास्त्री चिंतित हों मगर अलीगढ़ के मीट और हार्डवेयर के निर्यातकों को यह स्थिति चार महीने से मालामाल बना रही है। मार्च से अब तक 4.75 रुपये की गिरावट हुई है। जिसका सीधे-सीधे पांच फीसदी लाभ निर्यातकों को मिल रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो भविष्य में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
ताला और हार्डवेयर उद्योग से अलीगढ़ की देश विदेश में पहचान है। लेकिन आर्थिक मोर्चे व निर्यात की बात करें तो ताला व हार्डवेयर उद्योग मीट निर्यात से पीछे हो गया हैं। जिले की 250 से ज्यादा ताला व हार्डवेयर एक्सपोर्ट इकाइयां आर्थिक मोर्चे पर सात मीट इकाइयों की बराबरी नहीं कर पा रही हैं। इन दिनों जिले से 3500 करोड़ रुपये का का मीट एक्सपोर्ट है। यहां पर कुल नौ मीट इकाइयां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकृत हैं, जो मीट निर्यात करती हैं। मौजूदा समय में केवल सात मीट इकाइयां एक्सपोर्ट कर रहीं हैं। ताला तथा हार्डवेयर के एक्सपोर्ट की बात करें तो यह सालाना 2500 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट करते हैं।
विज्ञापन
इन देशों में मीट का होता है निर्यात
जिले से भैंस का मीट वियतनाम, सऊदी अरब व मलेशिया में सबसे अधिक निर्यात किया जा रहा है। इसके अलावा खाड़ी देशों में भी जरुरत के मुताबित मीट का निर्यात होता है। जिले से ताले का निर्यात नहीं होता लेकिन हार्डवेयर का जर्मनी, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड व यूएसए में निर्यात हो रहा है।
विज्ञापन
बोले अधिकारी
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने के कारण अलीगढ़ के मीट और हार्डवेयर के निर्यातकों को ज्यादा मुनाफा हो रहा है। एक मार्च से अब तक एक डॉलर के मुकाबले करीब 4.75 रुपये का निर्यातकों को लाभ मिला है। वीरेंद्र कुमार , सहायक आयुक्त उद्योग
बोले निर्यातक
जिले से हर साल छह हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। जिसमें से 3500 करोड़ रुपये का फ्रोजन मीट का निर्यात अरब देशों में है। जबकि 2500 करोड़ रुपये का निर्यात यूरोपियन देशों में हार्ड एवं आर्र्टवेयर का है। इन दिनों रुपये कमजोर होने के कारण हार्डवेयर कारोबारियों को राहत मिली है। - धनजीत वाडरा, निर्यातक
मार्च से 19 जुलाई 2022 तक डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल
01 मार्च - 75.3768
8 मार्च - 77.0606
31 मार्च - 75.8434
01 अप्रैल - 75.9206
28 अप्रैल - 76.7621
01 मई - 76.5257
21 मई - 77.8383
01 जून - 77.593
13 जून - 78.1519
30 जून - 79.0743
01 जुलाई - 78.9482
18 जुलाई -80.018
19 जुलाई - 80.124