{"_id":"5ab6b86f4f1c1bea3f8b4d0d","slug":"eblees-does-not-celebrate-eid-abdullah-azam","type":"story","status":"publish","title_hn":"इबलीस नहीं मनाते ईद : अब्दुल्ला आजम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इबलीस नहीं मनाते ईद : अब्दुल्ला आजम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Sun, 25 Mar 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
विधायक अब्दुला आजम खान को स्मुति चिन्ह देकर सम्मानित करते अमुवि छात्रसंघ सचिव मो. फहद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा के वरिष्ठ नेता मो. आजम खां के बेटे व स्वार टांडा (रामपुर) विधानसभा क्षेत्र के विधायक अब्दुल्ला आजम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि इबलीस (शैतान) ईद नहीं मनाते। ईद की खुशियां रोजा रखने और तरावीह पढ़ने वाले ही मनाते हैं।
वह शनिवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कैनेडी हॉल में एएमयू छात्रसंघ की ओर से ‘राष्ट्र में सामाजिक-राजनीतिक दशा व दिशा में युवाओं की भूमिका’ विषय पर आयोजित कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के खिलाफ नागपुर में बड़ी साजिश रची जाती है। लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश चल रही है। शैक्षिक संस्थाओं पर भाजपा सरकार की टेढ़ी नजर है। चाहे वह जेएनएयू, एएमयू हो या जामिया मिल्लिया इस्लामिया।
न्होंने कहा कि भाजपा विधायक ने कहा था कि ताजमहल इतिहास का हिस्सा नहीं हो सकता है, लेकिन उनके बयान के चार दिन बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झाड़ू लगाने ताजमहल पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मुस्लिम इस मुल्क का बादशाह नहीं बन सकता है, लेकिन यह भी सच कि बगैर मुस्लिमों के कोई बादशाह नहीं बन सकता।
विज्ञापन
बिलारी (मुरादाबाद) से सपा विधायक मो. फहीम इरफान ने कहा कि देश बेहद तकलीफों से गुजर रहा है। फासिस्टवादी ताकतों ने सत्ता हथियाई है। एसआईओ (स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन आफ इंडिया) के राष्ट्रीय सचिव मसीहउज्ज्मा अंसारी ने कहा कि हिटलर का हृदय परिवर्तन कराएं।
गोरखपुर के डॉ. कफील अहमद को जेल से छुड़ाने की आवाज यहां से बुलंद होनी चाहिए। अशोेक यूनिवर्सिटी सोनीपत के प्रो. अली खान महमूदाबाद ने कहा कि टोपी व त्रिशूल में अंतर समझना चाहिए। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष रॉकी तुसीद ने योगी आदित्यनाथ व नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया। ऑल ट्राइबल कोआर्डिनेटर कमेटी के संस्थापक व चेयरमैन तालिब हुसैन ने जम्मू कश्मीर में दिक्कतों को उजागर किया। अध्यक्षता एएमयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने की व संचालन सचिव मोहम्मद फहद ने किया।
सवालों से बचते नजर आए विधायक अब्दुल्ला
कैनेडी हाल में छात्रों के सवालों को सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने नजरअंदाज किया। छात्रों ने सवालों की झड़ी लगा दी। जैसे सपा ने 18 फीसदी वादा करके पूरा क्यों नहीं किया? सपा सरकार में मुजफ्फरनगर दंगों में शामली में रह रहे शरणार्थीयों पर मुकदमे क्यों कराये गए?, राष्ट्रपति चुनाव में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने भाजपा को वोट क्यों कराया? छात्र नेता इमरान खान, आमिर मिंटो ने बताया कि अब्दुल्ला से सवाल पूछने के लिए मंच की तरफ बढ़े, लेकिन सचिव मोहम्मद फहद ने कहा कि सवाल जवाब का सत्र अभी कुछ देर में होगा। इसी बीच विधायक मंच से उठकर चल दिए। इस दौरान उनसे सवाल किए गए तो वह मुकर गए। छात्र नेता इमरान खान ने अपने फोन में घोषणा पत्र निकाल कर दिखाया तो विधायक उसे नजरअंदाज करके कार में बैठकर चले गए। उधर, छात्र नेता हुजैफा आमिर रशीदी ने कहा कि विधायक अब्दुल्ला आजम ने एएमयू अल्पसंख्यक दर्जे की बात की, वह उस वक्त कहां थे, जब उनकी सरकार थी। 224 विधायक थे। वह चाहते थे, वह इस मुद्दे को मजबूती से उठा सकते थे।
विज्ञापन
वह शनिवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कैनेडी हॉल में एएमयू छात्रसंघ की ओर से ‘राष्ट्र में सामाजिक-राजनीतिक दशा व दिशा में युवाओं की भूमिका’ विषय पर आयोजित कांफ्रेंस में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के खिलाफ नागपुर में बड़ी साजिश रची जाती है। लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश चल रही है। शैक्षिक संस्थाओं पर भाजपा सरकार की टेढ़ी नजर है। चाहे वह जेएनएयू, एएमयू हो या जामिया मिल्लिया इस्लामिया।
विज्ञापन
न्होंने कहा कि भाजपा विधायक ने कहा था कि ताजमहल इतिहास का हिस्सा नहीं हो सकता है, लेकिन उनके बयान के चार दिन बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झाड़ू लगाने ताजमहल पहुंच जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि मुस्लिम इस मुल्क का बादशाह नहीं बन सकता है, लेकिन यह भी सच कि बगैर मुस्लिमों के कोई बादशाह नहीं बन सकता।
विज्ञापन
बिलारी (मुरादाबाद) से सपा विधायक मो. फहीम इरफान ने कहा कि देश बेहद तकलीफों से गुजर रहा है। फासिस्टवादी ताकतों ने सत्ता हथियाई है। एसआईओ (स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन आफ इंडिया) के राष्ट्रीय सचिव मसीहउज्ज्मा अंसारी ने कहा कि हिटलर का हृदय परिवर्तन कराएं।
गोरखपुर के डॉ. कफील अहमद को जेल से छुड़ाने की आवाज यहां से बुलंद होनी चाहिए। अशोेक यूनिवर्सिटी सोनीपत के प्रो. अली खान महमूदाबाद ने कहा कि टोपी व त्रिशूल में अंतर समझना चाहिए। दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के अध्यक्ष रॉकी तुसीद ने योगी आदित्यनाथ व नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष किया। ऑल ट्राइबल कोआर्डिनेटर कमेटी के संस्थापक व चेयरमैन तालिब हुसैन ने जम्मू कश्मीर में दिक्कतों को उजागर किया। अध्यक्षता एएमयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान राथर ने की व संचालन सचिव मोहम्मद फहद ने किया।
सवालों से बचते नजर आए विधायक अब्दुल्ला
कैनेडी हाल में छात्रों के सवालों को सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खान ने नजरअंदाज किया। छात्रों ने सवालों की झड़ी लगा दी। जैसे सपा ने 18 फीसदी वादा करके पूरा क्यों नहीं किया? सपा सरकार में मुजफ्फरनगर दंगों में शामली में रह रहे शरणार्थीयों पर मुकदमे क्यों कराये गए?, राष्ट्रपति चुनाव में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव ने भाजपा को वोट क्यों कराया? छात्र नेता इमरान खान, आमिर मिंटो ने बताया कि अब्दुल्ला से सवाल पूछने के लिए मंच की तरफ बढ़े, लेकिन सचिव मोहम्मद फहद ने कहा कि सवाल जवाब का सत्र अभी कुछ देर में होगा। इसी बीच विधायक मंच से उठकर चल दिए। इस दौरान उनसे सवाल किए गए तो वह मुकर गए। छात्र नेता इमरान खान ने अपने फोन में घोषणा पत्र निकाल कर दिखाया तो विधायक उसे नजरअंदाज करके कार में बैठकर चले गए। उधर, छात्र नेता हुजैफा आमिर रशीदी ने कहा कि विधायक अब्दुल्ला आजम ने एएमयू अल्पसंख्यक दर्जे की बात की, वह उस वक्त कहां थे, जब उनकी सरकार थी। 224 विधायक थे। वह चाहते थे, वह इस मुद्दे को मजबूती से उठा सकते थे।