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अलीगढ़ : ई-बस चालकों ने ड्यूटी न मिलने पर किया हंगामा
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ठा. संजय सिंह, चालक ई बस
- फोटो : CITY OFFICE
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इलेक्ट्रिक बसों के संविदा चालकों में ड्यूटी न मिलने पर नाराजगी है। बृहस्पतिवार को कुछ चालकों ने ड्यूटी लगाने वाले डीओ के सामने हंगामा किया। उनका आरोप था कि सभी को बराबर ड्यूटी दी जाए। ड्यूटी के आधार पर ही वेतन बनता है। यदि वेतन नहीं मिला तो बच्चों को कैसे पालेंगे।
शहर के दो रूटों खेरेश्वर से बौनेर और महरावल से हरदुआगंज के बीच पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। कुल 25 ड्राइवर तैनात हैं। इन बसों को दो शिफ्ट में दस चालक चलाते हैं। किसी चालक को 14-15 दिन की ड्यूटी मिल रही है तो किसी को तीन-चार दिन की ड्यूटी दी जा रही है। ऐसे में कम ड्यूटी वालों की तनख्वाह नहीं बन रही है। जनवरी का कुछ ड्राइवरों के खातों में 800 रुपये का भुगतान हुआ है। फरवरी में अभी तक उनकी ड्यूटी नहीं लगी है। इसके चलते चालकों में रोष पनपने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह तीन-चार ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कुछ लोगों की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही हैं। जबकि ड्यूटी चार्ट का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अगर बस नहीं चलाएंगे तो परिवार को कैसे पालेंगे। एक-दो ड्राइवरों ने इस मसले में जात-पात व क्षेत्रवाद का आरोप लगाया है।
-
- फरवरी महीने में अभी तक सिर्फ तीन दिन ड्यूटी लगी हैं, जबकि दो दिन ड्यूटी ट्रेनिंग की है। इसके बाद कब बस चलाने को मिलेगी। इसका पता नहीं है। ड्यूटी लगाने में मनमानी की जा रही है। भुगतान भी ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है। -अजय सिंह, चालक।
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- जातिवाद और क्षेत्रवाद के चलते जानबूझकर कुछ ड्राइवरों की ड्यूटी ही नहीं लगाई जा रही है। जनवरी में चार दिन ड्यूटी दी गई, इसका भुगतान 863 रुपये हुआ है। फरवरी में बस कब मिलेगी। इसका पता नहीं है। -ठा. संजय सिंह, चालक।
बयान
प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। पीएमआई कंपनी और चालकों को भर्ती करने वाली कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत कर पड़ताल की जाएगी। अगर किसी चालक के हितों को दबाया जा रहा है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम।
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शहर के दो रूटों खेरेश्वर से बौनेर और महरावल से हरदुआगंज के बीच पांच इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। कुल 25 ड्राइवर तैनात हैं। इन बसों को दो शिफ्ट में दस चालक चलाते हैं। किसी चालक को 14-15 दिन की ड्यूटी मिल रही है तो किसी को तीन-चार दिन की ड्यूटी दी जा रही है। ऐसे में कम ड्यूटी वालों की तनख्वाह नहीं बन रही है। जनवरी का कुछ ड्राइवरों के खातों में 800 रुपये का भुगतान हुआ है। फरवरी में अभी तक उनकी ड्यूटी नहीं लगी है। इसके चलते चालकों में रोष पनपने लगा है। बृहस्पतिवार सुबह तीन-चार ड्राइवरों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर कुछ लोगों की ड्यूटी नहीं लगाई जा रही हैं। जबकि ड्यूटी चार्ट का भी पालन नहीं किया जा रहा है। अगर बस नहीं चलाएंगे तो परिवार को कैसे पालेंगे। एक-दो ड्राइवरों ने इस मसले में जात-पात व क्षेत्रवाद का आरोप लगाया है।
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- फरवरी महीने में अभी तक सिर्फ तीन दिन ड्यूटी लगी हैं, जबकि दो दिन ड्यूटी ट्रेनिंग की है। इसके बाद कब बस चलाने को मिलेगी। इसका पता नहीं है। ड्यूटी लगाने में मनमानी की जा रही है। भुगतान भी ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है। -अजय सिंह, चालक।
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- जातिवाद और क्षेत्रवाद के चलते जानबूझकर कुछ ड्राइवरों की ड्यूटी ही नहीं लगाई जा रही है। जनवरी में चार दिन ड्यूटी दी गई, इसका भुगतान 863 रुपये हुआ है। फरवरी में बस कब मिलेगी। इसका पता नहीं है। -ठा. संजय सिंह, चालक।
बयान
प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। पीएमआई कंपनी और चालकों को भर्ती करने वाली कंपनियों के अधिकारियों से बातचीत कर पड़ताल की जाएगी। अगर किसी चालक के हितों को दबाया जा रहा है तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - मो. परवेज खान, क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम।

अजय सिंह, चालक ई बस- फोटो : CITY OFFICE