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डीएस कॉलेज में छात्रों ने की घंटों नारेबाजी, प्रॉक्टर ऑफिस के सामने प्रदर्शन
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डीएस कॉलेज में बुर्का और टोपी पर प्रतिबंध की मांग को लेकर प्रदर्शन करते छात्र नेता।
- फोटो : CITY OFFICE
डीएस कॉलेज में बुर्का-टोपी पर प्रतिबंध की मांग के मामले में मुकदमा झेल रहे छात्रनेता अमित गोस्वामी, आदित्य पंडित ने सोमवार को कॉलेज परिसर में खूब हंगामा काटा। छात्रों ने घंटों नारेबाजी की और जय श्रीराम के नारे भी लगाए। इस दौरान प्रॉक्टर ऑफिस के सामने छात्र नेता अन्य छात्रों के साथ जमीन पर बैठ गए। इस मौके पर पुलिस फोर्स तैनात रहा। सूचना पर पहुंचे एसीएम प्रथम व सीओ अपने दल-बल के साथ काफी देर तक कॉलेज में मौजूद रहे।
छात्र नेता अमित गोस्वामी व आदित्य पंडित ने पिछले दिनों कॉलेज में बुर्का-टोपी पर प्रतिबंध लगाने और ड्रेस कोड उन पर लागू करवाने की मांग की थी। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। अगर इन पर रोक नहीं लगाई गई तो हिंदू छात्र भगवा वस्त्र में कॉलेज आएंगे। पुलिस ने इस मामले में अमित, आदित्य व सोनू के खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। छात्र नेताओं ने कहा कि एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए एसएसपी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे के विरोध में डीएस कॉलेज में छात्र एकत्र होकर शिक्षा का मंदिर है मस्जिद या मजार नहीं, बुर्का टोपी बैन करो बैन करो, छात्र नेताओं से फर्जी मुकदमा वापस लो, की नारेबाजी की।
छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा कि डीएस कॉलेज राष्टवादी छात्रों का कॉलेज है। यहां सभी को अपनी धार्मिक भावना को छोड़कर बुर्का-टोपी का त्याग करके ड्रेस कोड में ही आना होगा। संविधान की प्रतियां जलाने वाले एएमयू छात्र नेताओं के दबाव में हिन्दू छात्रों पर कार्यवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र नेता आदित्य पंडित ने कहा है कि जब हिंदू छात्र ड्रेस कोड का पालन कर सकता है तो मुस्लिम छात्र क्यों न कर सकते हैं। छात्र नेता सौरभ चौधरी ने कहा है कि कैंपस में बुर्का-टोपी पर प्रतिबंध की मांग करना अनुशासन बनाने की श्रेणी में आता है।
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छात्र नेता अर्जुन सिंह भोलू ने कहा हिंदू छात्रों पर मुकदमा दर्ज करना प्रशासन की मानसिकता को दर्शाता है। तीन दिन में मुकदमा वापस लेना ही होगा अन्यथा उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में केशव ठाकुर, अमित ठाकुर नागर सिंह, अजय चौधरी, मुकुल चौधरी, रिया कुमारी, मधु शर्मा, महिमा वार्ष्णेय, वंदना, राजेश, दीपक, राहुल सिंह, वीरेंद्र शर्मा आदि शामिल हैं।
बुर्के की व्यवस्था रहेगी जारी : प्राचार्य
डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमप्रकाश ने कहा कि छात्राओं के बुर्का पहनकर आने की व्यवस्था पहले से है, जो जारी रहेगी। बुर्के में आने वाली वरिष्ठ छात्राएं निर्धारित ड्रेस पहनकर आती हैं। उन्हें पता है कि गर्ल्स कॉमन रूप में बुर्के को उतारना होता है। फिर ड्रेस में वह कक्षाओं में पढ़ने जाती हैं। परिसर में बुर्के में घूमने पर मनाही है। प्राचार्य ने कहा कि छात्राओं का गेट पर तो बुर्का उतारना न तो मर्यादित है और न ही संस्कृति।
मुकदमा वापस लेने का सवाल नहीं : एसीएम
एसीएम प्रथम कुलदेव सिंह ने कहा कि छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है। मामले की जांच होगी। यदि दोषी पाए गए तो कार्रवाई जरूर होगी।
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छात्र नेता अमित गोस्वामी व आदित्य पंडित ने पिछले दिनों कॉलेज में बुर्का-टोपी पर प्रतिबंध लगाने और ड्रेस कोड उन पर लागू करवाने की मांग की थी। इस मामले में चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था। अगर इन पर रोक नहीं लगाई गई तो हिंदू छात्र भगवा वस्त्र में कॉलेज आएंगे। पुलिस ने इस मामले में अमित, आदित्य व सोनू के खिलाफ रविवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। छात्र नेताओं ने कहा कि एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष ने कार्रवाई के लिए एसएसपी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन पर मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे के विरोध में डीएस कॉलेज में छात्र एकत्र होकर शिक्षा का मंदिर है मस्जिद या मजार नहीं, बुर्का टोपी बैन करो बैन करो, छात्र नेताओं से फर्जी मुकदमा वापस लो, की नारेबाजी की।
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छात्र नेता अमित गोस्वामी ने कहा कि डीएस कॉलेज राष्टवादी छात्रों का कॉलेज है। यहां सभी को अपनी धार्मिक भावना को छोड़कर बुर्का-टोपी का त्याग करके ड्रेस कोड में ही आना होगा। संविधान की प्रतियां जलाने वाले एएमयू छात्र नेताओं के दबाव में हिन्दू छात्रों पर कार्यवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छात्र नेता आदित्य पंडित ने कहा है कि जब हिंदू छात्र ड्रेस कोड का पालन कर सकता है तो मुस्लिम छात्र क्यों न कर सकते हैं। छात्र नेता सौरभ चौधरी ने कहा है कि कैंपस में बुर्का-टोपी पर प्रतिबंध की मांग करना अनुशासन बनाने की श्रेणी में आता है।
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छात्र नेता अर्जुन सिंह भोलू ने कहा हिंदू छात्रों पर मुकदमा दर्ज करना प्रशासन की मानसिकता को दर्शाता है। तीन दिन में मुकदमा वापस लेना ही होगा अन्यथा उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में केशव ठाकुर, अमित ठाकुर नागर सिंह, अजय चौधरी, मुकुल चौधरी, रिया कुमारी, मधु शर्मा, महिमा वार्ष्णेय, वंदना, राजेश, दीपक, राहुल सिंह, वीरेंद्र शर्मा आदि शामिल हैं।
बुर्के की व्यवस्था रहेगी जारी : प्राचार्य
डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. हेमप्रकाश ने कहा कि छात्राओं के बुर्का पहनकर आने की व्यवस्था पहले से है, जो जारी रहेगी। बुर्के में आने वाली वरिष्ठ छात्राएं निर्धारित ड्रेस पहनकर आती हैं। उन्हें पता है कि गर्ल्स कॉमन रूप में बुर्के को उतारना होता है। फिर ड्रेस में वह कक्षाओं में पढ़ने जाती हैं। परिसर में बुर्के में घूमने पर मनाही है। प्राचार्य ने कहा कि छात्राओं का गेट पर तो बुर्का उतारना न तो मर्यादित है और न ही संस्कृति।
मुकदमा वापस लेने का सवाल नहीं : एसीएम
एसीएम प्रथम कुलदेव सिंह ने कहा कि छात्र नेताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता है। मामले की जांच होगी। यदि दोषी पाए गए तो कार्रवाई जरूर होगी।

डीएस कॉलेज में बुर्का और टोपी पर प्रतिबंध की मांग को लेकरप्रदर्शन करते छात्र नेता।- फोटो : CITY OFFICE