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अलीगढ़ः एयरपोर्ट पर ड्रोन प्रशिक्षण की मंजूरी जल्द मिलने की उम्मीद
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धनीपुर मिनी एयरपोर्ट के फ्लाइंग क्लब जल्द ही ड्रोन उड़ान का प्रशिक्षण देने लगेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय का कामकाज संभालने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ड्रोन उड़ाने और इसके प्रशिक्षण की कई जटिलताओं को खत्म कर दिया है। पहले व्यावसायिक रूप से ड्रोन उड़ाने वालों को अलग-अलग मंजूरी के लिए 25 फार्म भरने होते थे, अब केवल छह फार्म भर कर इसकी मंजूरी मिल सकेगी। एयरपोर्ट के बाहर 400 फुट तक और एयरपोर्ट के पास 8 से 12 किमी की परिधि में 200 मीटर की ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाया जा सकेगा। इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। ये सरलता इसलिए की गई है, जिससे युवाओं को ड्रोन के जरिए नये रोजगार के साधन मुहैया हो सकें।
धनीपुर मिनी एयरपोर्ट पर संचालित एंबीशन फ्लाइंग क्लब और एक अन्य क्लब ड्रोन उड़ाने का व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और (डीजीसीए) डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन से मंजूरी मांगी है। बीते कुछ महीनों में मिनी एयरपोर्ट में कामकाज होने और कोरोना काल होने के कारण ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम मंजूरी के लिए ही रुक गया था। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सक्रिय होने के बाद इस प्रशिक्षण के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
एंबीशन फ्लाइंग क्लब के ज्वाइंट डायरेक्टर विशाल गर्ग ने बताया कि वह ड्रोन प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए लगातार डीजीसीए के संपर्क में हैं। अभी तक इस कोर्स का डिजाइन और फीस का मसौदा तय नहीं हो पाया था, अब इसके जल्द ही फाइनल होने की उम्मीद है। जिससे युवाओं को व्यावसायिक रूप से ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण, उसका प्रमाण पत्र और उनको संभावित स्थानों पर ड्रोन उड़ाने का काम मिल सकेगा। जिससे एक नया रोजगार पैदा होगा। फिलहाल यहां पर केवल कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग होती है।
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धनीपुर मिनी एयरपोर्ट पर संचालित एंबीशन फ्लाइंग क्लब और एक अन्य क्लब ड्रोन उड़ाने का व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और (डीजीसीए) डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन से मंजूरी मांगी है। बीते कुछ महीनों में मिनी एयरपोर्ट में कामकाज होने और कोरोना काल होने के कारण ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम मंजूरी के लिए ही रुक गया था। अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सक्रिय होने के बाद इस प्रशिक्षण के जल्द ही शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
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एंबीशन फ्लाइंग क्लब के ज्वाइंट डायरेक्टर विशाल गर्ग ने बताया कि वह ड्रोन प्रशिक्षण शुरू कराने के लिए लगातार डीजीसीए के संपर्क में हैं। अभी तक इस कोर्स का डिजाइन और फीस का मसौदा तय नहीं हो पाया था, अब इसके जल्द ही फाइनल होने की उम्मीद है। जिससे युवाओं को व्यावसायिक रूप से ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण, उसका प्रमाण पत्र और उनको संभावित स्थानों पर ड्रोन उड़ाने का काम मिल सकेगा। जिससे एक नया रोजगार पैदा होगा। फिलहाल यहां पर केवल कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग होती है।
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