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Aligarh News: आंखों में सपने, चेहरे पर मुस्कान.. फिर क्यों कृष्णा ने दे दी जान
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कृष्णा के पिता विक्रांत शर्मा। संवाद
मेधावी छात्र की मौत से स्तब्ध एएमयू, दोस्तों के बीच हंसी-मजाक और स्टैंडअप कॉमेडी के लिए जाना जाता था कृष्णा
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। शनिवार को एएमयू परिसर में हर तरफ एक ही नाम सुनाई दे रहा था—कृष्णा शर्मा। विदेशी भाषा विभाग में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र कृष्णा पढ़ाई में मेधावी था। दोस्तों के बीच हंसी-मजाक करता, स्टैंडअप कॉमेडी का शौक रखता और मॉडलिंग में अपनी पहचान बनाने का सपना देखता था। चेहरे पर मुस्कान और आंखों में भविष्य के सपने लिए घूमने वाला कृष्णा अब दोस्तों के बीच सिर्फ याद बनकर रह गया है।
जिस कृष्णा की बातों पर साथी ठहाके लगाते थे, जिसके अलग अंदाज को दोस्त पसंद करते थे, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिसर को स्तब्ध कर दिया। शनिवार को विभाग से लेकर छात्रावासों तक छात्र एक-दूसरे से यही पूछते रहे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सपनों से भरी जिंदगी अचानक थम गई?
कृष्णा को जानने वालों के मुताबिक वह मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था। पढ़ाई के साथ उसे स्टैंडअप कॉमेडी पसंद थी। वह अपने अंदाज में दोस्तों को हंसाने की कोशिश करता था। मॉडलिंग में भी उसकी दिलचस्पी थी और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहा था। परिवार को भी उसके भविष्य से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन उसकी मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुस्कुराते चेहरे के पीछे कोई ऐसी उलझन थी, जिसे उसके करीबी भी नहीं पढ़ पाए? क्या वह किसी ऐसी परेशानी से गुजर रहा था, जिसे वह किसी से साझा नहीं कर सका? इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
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प्रेम प्रसंग की भी जांच के दायरे में
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में कृष्णा के एक युवती के संपर्क में होने की बात सामने आई है। दोनों के बीच बातचीत होती थी। युवती की उम्र कृष्णा से करीब चार वर्ष अधिक बताई जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि दोनों के बीच संबंध किस तरह के थे और क्या इसका घटना से कोई संबंध था। अभी पुलिस ने इसे आत्महत्या का कारण नहीं माना है।
जम्मू में नम आंखों से अंतिम विदाई
कृष्णा का शनिवार को जम्मू के मस्तगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिवार, रिश्तेदार और परिचित गमगीन रहे। कुछ दिन पहले तक जिस बेटे को परिवार हंसते-मुस्कुराते और भविष्य के सपने बुनते देख रहा था, उसी की अंतिम विदाई ने सभी को तोड़ दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। शनिवार को एएमयू परिसर में हर तरफ एक ही नाम सुनाई दे रहा था—कृष्णा शर्मा। विदेशी भाषा विभाग में बीए द्वितीय वर्ष का छात्र कृष्णा पढ़ाई में मेधावी था। दोस्तों के बीच हंसी-मजाक करता, स्टैंडअप कॉमेडी का शौक रखता और मॉडलिंग में अपनी पहचान बनाने का सपना देखता था। चेहरे पर मुस्कान और आंखों में भविष्य के सपने लिए घूमने वाला कृष्णा अब दोस्तों के बीच सिर्फ याद बनकर रह गया है।
जिस कृष्णा की बातों पर साथी ठहाके लगाते थे, जिसके अलग अंदाज को दोस्त पसंद करते थे, उसकी अचानक मौत ने पूरे परिसर को स्तब्ध कर दिया। शनिवार को विभाग से लेकर छात्रावासों तक छात्र एक-दूसरे से यही पूछते रहे कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सपनों से भरी जिंदगी अचानक थम गई?
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कृष्णा को जानने वालों के मुताबिक वह मिलनसार और हंसमुख स्वभाव का था। पढ़ाई के साथ उसे स्टैंडअप कॉमेडी पसंद थी। वह अपने अंदाज में दोस्तों को हंसाने की कोशिश करता था। मॉडलिंग में भी उसकी दिलचस्पी थी और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहा था। परिवार को भी उसके भविष्य से काफी उम्मीदें थीं। लेकिन उसकी मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुस्कुराते चेहरे के पीछे कोई ऐसी उलझन थी, जिसे उसके करीबी भी नहीं पढ़ पाए? क्या वह किसी ऐसी परेशानी से गुजर रहा था, जिसे वह किसी से साझा नहीं कर सका? इन सवालों के जवाब अभी सामने नहीं आए हैं।
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प्रेम प्रसंग की भी जांच के दायरे में
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में कृष्णा के एक युवती के संपर्क में होने की बात सामने आई है। दोनों के बीच बातचीत होती थी। युवती की उम्र कृष्णा से करीब चार वर्ष अधिक बताई जा रही है। पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि दोनों के बीच संबंध किस तरह के थे और क्या इसका घटना से कोई संबंध था। अभी पुलिस ने इसे आत्महत्या का कारण नहीं माना है।
जम्मू में नम आंखों से अंतिम विदाई
कृष्णा का शनिवार को जम्मू के मस्तगढ़ में अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिवार, रिश्तेदार और परिचित गमगीन रहे। कुछ दिन पहले तक जिस बेटे को परिवार हंसते-मुस्कुराते और भविष्य के सपने बुनते देख रहा था, उसी की अंतिम विदाई ने सभी को तोड़ दिया।