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अगले 50 साल के लिए ड्रेनेज योजना बनेगी
दीपक शर्मा
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:17 AM IST
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अगले 50 साल के लिए ड्रेनेज योजना बनेगी
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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रविवार को शहर में हुई जलभराव की स्थिति के बाद नगर निगम ने अब शहर के ड्रेनेज प्लान की समीक्षा करने की शुरुआत कर दी है। संकेत मिले हैं कि शहर का ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के लिए कमियों को दूर किया जाएगा और वह सर्किल ड्रेन जो शहर के चारों ओर बना है, उसकी भी खुदाई आदि कराकर उसे क्लीयर रखा जाएगा।
अब जो योजना बनाई जाएगी वह अगले 50 साल के लिए बनायी जाएगी।
इस संबंध्ा में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि कुदरत के आगे संसाधन विवश हैं। लेकिन इसके बाद भी करीब करीब पूरे शहर को सोमवार को जलभराव मुक्त करा दिया गया। वह भी तब जबकि बारिश भी होती रही। शहर को व्यवस्थित करने में नगर निगम का एक एक कर्मचारी, अधिकारी जुटा हुआ है। अब ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा का काम किया जा रहा है।
अभी यह है ड्रेनेज व्यवस्था
मथुरा रोड पर जहां बाईपास खुलता है वहां के ड्रेन को अलीग ड्रेन कहते हैं। इस अलीग ड्रेन में क्वार्सी चौराहे से एटा चुंगी होकर आगरा रोड के रास्ते होकर आने वाला ड्रेन मिल जाता है। दूसरी ओर क्वार्सी चौराहे से अनूपशर रोड जाफरी ड्रेन से होकर सारसौल नाला, खैर रोड को क्रास करता हुआ नाला, मकदूम नगर बाईपास होकर नाला अलीग ड्रेन में मिल जाता है। इस तरह यह एक रिंग बनी हुई है। इस रिंग में शहर के सभी छोटे बड़े नाले मिलते हैं। यह शहर की ड्रेनेज व्यवस्था का एक मोटा खाका है।
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अपनी सुरक्षा स्वयं करें, सोशल मीडिया पर खिंचाई
जलभराव और गंदगी की स्थिति के चलते अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने के मुद्दे का मजाक उड़ा है। कई सामाजिक संगठनों ने स्मार्ट सिटी को लेकर चलाए जा रहे अभियान और लगातार हुई बारिश से शहर में हुई बदहाली को लेकर व्यवस्था की खिंचाई की।
सोशल मीडिया पर खिंचाई का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में ट्रैप संस्था ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने तक अपनी सुरक्षा स्वयं करे या फि र लंबित रखें। संस्था के इंजीनियर विक्रम सिंह कहते हैं कि अपनी सुरक्षा जहरीली शराब से, अति वृष्टि से आपके घरों मे पानी भर रहा है तो उससे सड़क में गड्ढे हो गए हैं या बिजली नहीं आ रही है। जब आ रही है तो कुछ लोग करंट से मर रहे है तो कृपया अपनी सुरक्षा स्वयं ही सुनिश्चित करें । क्योंकि राज नेता व्यस्त है कि अगली बार सत्ता किन उपायों से मिल सकती है। सरकारी तंत्र व्यस्त है अपनी नौकरी बचाने में या 7वां वेतन आयोग उनको कितना पैसा देगा? इसका आकलन करने में व्यस्त है।
क्या आ रही है समस्या?
a जो नाले रिंग ड्रेन में जाकर मिलते हैं वह चोक रहते हैं। जिससे रिंग ड्रेन में ही पानी सही से नहीं पहुंच पाता है।
a शहर के बड़े हिस्से का पानी पपिंग के माध्यम से रिंग ड्रेन तक पहुंचाया जाता है। पंपिंग खराब होने की स्थिति में जलभराव होता है
a छोटी नालियां जो बड़े नालों में मिलती हैं, वह कुछ जगह समाप्त हो गई हैं या कुछ जगह बुरी तरह ब्लाक हो गई हैं।
a माल गोदाम तिराहे से अग्रसेन चौक जाते समय रेलवे की साइड का नाला अतिक्रमण का शिकार हो गया है।
a बस स्टैंड से दुबे के पड़ाव की ओर जाने वाला नाला भी लोगों ने मिट्टी में दबा कर खत्म कर दिया है
a कुछ दुकानदारों ने नालों के उपर ही भट्टी, दुुकानों का स्लैब आदि पक्का निर्माण कर लिया है, जिससे वहां सफाई नहीं हो पाती
a मकदूम नगर से लेकर एटा चुंकी तक यू शेप में कभी भी रिंग की खुदाई या सफाई नहीं हुई है। जिससे वह उथली हो गई है।
a यह हो सकता है संभावित समाधान
a नालों को आपस में जोड़ा जाए और उन पर से अतिक्रमण पूरी तरह हटाए जाएं
- जहां पर नालों में कूड़ा फेंकने की समस्या है, वहां पर उन्हें ढंकने आदि की व्यवस्था की जाए
- जो रिंग ड्रेन है, उसे गहरा किया जाए। साथ ही शहर में जिन नालों का फ्लो गड़बड़ है वह सही किया जाए
- पंपिंग कैपेसिटी और टाइम को बढ़ा दिया जाए।
उपनगर आयुक्त पंपिंग स्टेशन पहुंचे
अलीगढ़। शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उप नगर आयुक्त मो. मसूद अहमद ने देर रात अपने अधीनस्थों के साथ शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय उन्हें सभी पंप चलते मिले। भारी बारिश में विस्थापित हुए लोगों और खुले में सोने वाले के लिए नगर निगम ने अस्थायी राहत केंद्र खोल दिया है। देर रात सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह, कर अधीक्षक सभापति यादव, कर अधीक्षक राजेश गुप्ता, धर्मवीर सिंह, एहसन रब आदि के साथ शहर का भ्रमण किया।
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अब जो योजना बनाई जाएगी वह अगले 50 साल के लिए बनायी जाएगी।
इस संबंध्ा में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि कुदरत के आगे संसाधन विवश हैं। लेकिन इसके बाद भी करीब करीब पूरे शहर को सोमवार को जलभराव मुक्त करा दिया गया। वह भी तब जबकि बारिश भी होती रही। शहर को व्यवस्थित करने में नगर निगम का एक एक कर्मचारी, अधिकारी जुटा हुआ है। अब ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा का काम किया जा रहा है।
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अभी यह है ड्रेनेज व्यवस्था
मथुरा रोड पर जहां बाईपास खुलता है वहां के ड्रेन को अलीग ड्रेन कहते हैं। इस अलीग ड्रेन में क्वार्सी चौराहे से एटा चुंगी होकर आगरा रोड के रास्ते होकर आने वाला ड्रेन मिल जाता है। दूसरी ओर क्वार्सी चौराहे से अनूपशर रोड जाफरी ड्रेन से होकर सारसौल नाला, खैर रोड को क्रास करता हुआ नाला, मकदूम नगर बाईपास होकर नाला अलीग ड्रेन में मिल जाता है। इस तरह यह एक रिंग बनी हुई है। इस रिंग में शहर के सभी छोटे बड़े नाले मिलते हैं। यह शहर की ड्रेनेज व्यवस्था का एक मोटा खाका है।
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अपनी सुरक्षा स्वयं करें, सोशल मीडिया पर खिंचाई
जलभराव और गंदगी की स्थिति के चलते अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने के मुद्दे का मजाक उड़ा है। कई सामाजिक संगठनों ने स्मार्ट सिटी को लेकर चलाए जा रहे अभियान और लगातार हुई बारिश से शहर में हुई बदहाली को लेकर व्यवस्था की खिंचाई की।
सोशल मीडिया पर खिंचाई का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी क्रम में ट्रैप संस्था ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने तक अपनी सुरक्षा स्वयं करे या फि र लंबित रखें। संस्था के इंजीनियर विक्रम सिंह कहते हैं कि अपनी सुरक्षा जहरीली शराब से, अति वृष्टि से आपके घरों मे पानी भर रहा है तो उससे सड़क में गड्ढे हो गए हैं या बिजली नहीं आ रही है। जब आ रही है तो कुछ लोग करंट से मर रहे है तो कृपया अपनी सुरक्षा स्वयं ही सुनिश्चित करें । क्योंकि राज नेता व्यस्त है कि अगली बार सत्ता किन उपायों से मिल सकती है। सरकारी तंत्र व्यस्त है अपनी नौकरी बचाने में या 7वां वेतन आयोग उनको कितना पैसा देगा? इसका आकलन करने में व्यस्त है।
क्या आ रही है समस्या?
a जो नाले रिंग ड्रेन में जाकर मिलते हैं वह चोक रहते हैं। जिससे रिंग ड्रेन में ही पानी सही से नहीं पहुंच पाता है।
a शहर के बड़े हिस्से का पानी पपिंग के माध्यम से रिंग ड्रेन तक पहुंचाया जाता है। पंपिंग खराब होने की स्थिति में जलभराव होता है
a छोटी नालियां जो बड़े नालों में मिलती हैं, वह कुछ जगह समाप्त हो गई हैं या कुछ जगह बुरी तरह ब्लाक हो गई हैं।
a माल गोदाम तिराहे से अग्रसेन चौक जाते समय रेलवे की साइड का नाला अतिक्रमण का शिकार हो गया है।
a बस स्टैंड से दुबे के पड़ाव की ओर जाने वाला नाला भी लोगों ने मिट्टी में दबा कर खत्म कर दिया है
a कुछ दुकानदारों ने नालों के उपर ही भट्टी, दुुकानों का स्लैब आदि पक्का निर्माण कर लिया है, जिससे वहां सफाई नहीं हो पाती
a मकदूम नगर से लेकर एटा चुंकी तक यू शेप में कभी भी रिंग की खुदाई या सफाई नहीं हुई है। जिससे वह उथली हो गई है।
a यह हो सकता है संभावित समाधान
a नालों को आपस में जोड़ा जाए और उन पर से अतिक्रमण पूरी तरह हटाए जाएं
- जहां पर नालों में कूड़ा फेंकने की समस्या है, वहां पर उन्हें ढंकने आदि की व्यवस्था की जाए
- जो रिंग ड्रेन है, उसे गहरा किया जाए। साथ ही शहर में जिन नालों का फ्लो गड़बड़ है वह सही किया जाए
- पंपिंग कैपेसिटी और टाइम को बढ़ा दिया जाए।
उपनगर आयुक्त पंपिंग स्टेशन पहुंचे
अलीगढ़। शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उप नगर आयुक्त मो. मसूद अहमद ने देर रात अपने अधीनस्थों के साथ शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय उन्हें सभी पंप चलते मिले। भारी बारिश में विस्थापित हुए लोगों और खुले में सोने वाले के लिए नगर निगम ने अस्थायी राहत केंद्र खोल दिया है। देर रात सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह, कर अधीक्षक सभापति यादव, कर अधीक्षक राजेश गुप्ता, धर्मवीर सिंह, एहसन रब आदि के साथ शहर का भ्रमण किया।