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अलीगढ़ : तीन किमी का सफर रेंग-रेंग कर पूरा करते हैं वाहन चालक
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महानगर में अव्यवस्थित यातायात और जाम की एक तस्वीर गांधीपार्क चौराहे से एटा चुंगी तक भी है। यहां पर वाहनों का अत्यधिक दबाव, अतिक्रमण व ठेल व ढकेल हैं। पुराने जीटी रोड का यह तीन किमी दूरी का सफर दिन में वाहन चालक रेंग-रेंग कर पूरा करते हैं। हर कदम पर जाम लोगों परेशान करता है। डग्गामार वाहनों पर अंकुश के दावे किए जाते हैं। मगर गांधीपार्क चौराहे से सवारियां बैठाकर दौड़ने वाले डग्गामार वाहन भी यातायात में परेशानी पैदा करते हैं।
गांधी पार्क चौराहे से एटा चुंगी की ओर जाने वाला रास्ते पर ट्रैफिक लाइट का कोई पालन नहीं करता है। सड़के के किनारे लगे ढकेल खोमचों के कारण सड़क सिकड़ जाती है। दुबे के पड़ाव स्थित ट्रैफिक लाइट तक आते-आते वाहनों की कतार और लंबी हो जाती है, क्योंकि इस चौराहे पर सबसे अधिक वाहनों का भार रहता है। इस चौराहे से आगे बढ़ते ही अचल मार्ग है, जहां अतिक्रमण की जद में लगीं दुकानें प्रशासन को मुंह चिढ़ाती हैं। नौरंगाबाद पुल संकरा होने की वजह से यहां भी जाम रहता है। पुल पार करते ही नौरंगाबाद बजरिया आ जाती है, जहां सुबह शाम सब्जी फल आदि की ठेल ढकेल जाम का कारण बनती हैं। एटा चुंगी चौराहे तक कुछ ऐसा ही हाल नजर आता है। यहां धड़ल्ले से वसूली करके ढकेलें लगवाई जाती हैं, लेकिन किसी का ध्यान नहीं जाता। चारों ओर खोखे, मिठाई व कपड़ों की दुकानों ने सड़क पर कब्जा जमा रखा था।
- नौरंगाबाद और एटा चुंगी पर अक्सर जाम रहता है। यहां ढकेलों ने सड़क को घेर रखा है। कई बार छर्रा अड्डा पुल को पार करने में घंटों लग जाते हैं। सड़क की हालत भी बदतर है। नगर निगम को ढकेलों के लिए जमीन चिह्नित कर देनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। - प्रेम कुमार, एटा चुंगी
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दुबे के पड़ाव से रोजाना निकलना होता है। ट्रैफिक लाइट लगने से यहां के हालात बिगड़ रहे हैं। लाल बत्ती पर दोगुना से ज्यादा समय रुकना पड़ता है। आपात स्थिति में वैकल्पिक रास्ते भी घिर जाते हैं। प्रशासन को शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास करने चाहिए। - सुशील कुमार, संजय गांधी कॉलोनी
धनीपुर मंडी से एटा चुंगी तक सड़क खराब हो चुकी है। सड़क बना दी जाती है, जो कुछ दिनों में फिर खराब हो जाती है। अवैध कब्जे यातायात को ज्यादा प्रभावित करते हैं। जनप्रतिनिधियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पुलिस व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटे। - दिनेश यादव, रावणटीला
एटा चुंगी पर शाम के समय निकलना मुश्किल हो जाता है। छावनी मोड़ से चौराहे तक सब्जी, फल आदि की ढकेलों की भरमार है। सड़क सिकुड़ गई है। पुलिसकर्मी सिर्फ चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। शहर की यातायात व्यवस्था पर प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं है। - कमल शर्मा, एटा चुंगी।
सौ मीटर दायरे में चौराहे अतिक्रमण मुक्त हों
यातायात सलाहकार अरुण श्रीवास्तव कहते हैं कि सबसे पहले तो सभी चौराहे सौ मीटर दायरे में अतिक्रमण, अवैध वेंडर और डग्गामार वाहनों से मुक्त हों। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए डग्गामार चार पहिया वाहनों पर रोक लगनी चाहिए। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अनगिनत ई-रिक्शा के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। तभी इस व्यवस्था में सुधार हो सकता है। शहर की सड़कों को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था हो और माल लदे भारी वाहनों को दिन में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए।
- एटा चुंगी की ओर जाने वाले मार्ग पर डग्गामार वाहनों पर विशेष निगरानी रहती है। अतिक्रमण हटाने का भी काम जारी है। जल्द ही यहां साइन बोर्ड व ऑटो-टिर्री की मॉनीटरिंग का काम शुरू कराया जाएगा। - मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात
इन चौराहों/तिराहों पर ट्रैफिक लाइट
- गांधीपार्क चौराहा, दुबे पड़ाव चौराहा, एटा चुंगी पर लाइटें लगी हुई हैं, रविवार को एटा चुंगी चौराहे की बत्ती बंद थी।
इस मार्ग की प्रमुख बाधाएं
- बस स्टैंड चौराहे पर चारों ओर बेतरतीब व अवैध रूप से खड़े डग्गामार वाहन, ऑटो-टैंपो, टिर्री खड़े रहते हैं।
- ढाई किमी की दूरी वाले इस मार्ग पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं, अतिक्रमण, सड़क किनारे बिजली के खंभे हैं।
- अचलताल चौराहे पर हलवाइयों की दुकानों की सड़क पर रखी भट्ठियां, अवैध पार्किंग हैं।
- नौरंगाबाद इलाके में दुकानें सड़क व पटरी पर और सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं।
- एटा चुंगी चौराहे पर वेंडर्स, खिरनी गेट पुलिस चौकी के पास अतिक्रमण और बिजली के खंभे हैं।
ये भी जाम के प्रमुख कारण
- एक दर्जन हॉस्पिटल, 10 कांप्लेक्स, 700 से ज्यादा दुकानें, पर पार्किंग नहीं।
- अचलताल तक 20, उससे आगे नौरंगाबाद तक 30 फुट की रोड पर कब्जे।
- इस सड़क पर जगह-जगह 6-6 फुट पर बिजली के खंभे भी लगे हुए हैं।
- आधा दर्जन होटल व गेस्ट हाउसों के अलावा हर तरफ अतिक्रमण है।
- करीब 600 ढकेल-खोमचे, आधा दर्जन बैंक शाखाएं और आधा दर्जन स्कूल भी हैं।
ये हैं जाम के प्रमुख स्थान
-गांधीपार्क बस स्टैंड, दुबे पड़ाव चौराहा, अचलताल तक, नौरंगाबाद, एटा चुंगी चौराहा।
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गांधी पार्क चौराहे से एटा चुंगी की ओर जाने वाला रास्ते पर ट्रैफिक लाइट का कोई पालन नहीं करता है। सड़के के किनारे लगे ढकेल खोमचों के कारण सड़क सिकड़ जाती है। दुबे के पड़ाव स्थित ट्रैफिक लाइट तक आते-आते वाहनों की कतार और लंबी हो जाती है, क्योंकि इस चौराहे पर सबसे अधिक वाहनों का भार रहता है। इस चौराहे से आगे बढ़ते ही अचल मार्ग है, जहां अतिक्रमण की जद में लगीं दुकानें प्रशासन को मुंह चिढ़ाती हैं। नौरंगाबाद पुल संकरा होने की वजह से यहां भी जाम रहता है। पुल पार करते ही नौरंगाबाद बजरिया आ जाती है, जहां सुबह शाम सब्जी फल आदि की ठेल ढकेल जाम का कारण बनती हैं। एटा चुंगी चौराहे तक कुछ ऐसा ही हाल नजर आता है। यहां धड़ल्ले से वसूली करके ढकेलें लगवाई जाती हैं, लेकिन किसी का ध्यान नहीं जाता। चारों ओर खोखे, मिठाई व कपड़ों की दुकानों ने सड़क पर कब्जा जमा रखा था।
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- नौरंगाबाद और एटा चुंगी पर अक्सर जाम रहता है। यहां ढकेलों ने सड़क को घेर रखा है। कई बार छर्रा अड्डा पुल को पार करने में घंटों लग जाते हैं। सड़क की हालत भी बदतर है। नगर निगम को ढकेलों के लिए जमीन चिह्नित कर देनी चाहिए, ताकि लोगों को परेशानी न हो। - प्रेम कुमार, एटा चुंगी
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दुबे के पड़ाव से रोजाना निकलना होता है। ट्रैफिक लाइट लगने से यहां के हालात बिगड़ रहे हैं। लाल बत्ती पर दोगुना से ज्यादा समय रुकना पड़ता है। आपात स्थिति में वैकल्पिक रास्ते भी घिर जाते हैं। प्रशासन को शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रयास करने चाहिए। - सुशील कुमार, संजय गांधी कॉलोनी
धनीपुर मंडी से एटा चुंगी तक सड़क खराब हो चुकी है। सड़क बना दी जाती है, जो कुछ दिनों में फिर खराब हो जाती है। अवैध कब्जे यातायात को ज्यादा प्रभावित करते हैं। जनप्रतिनिधियों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। पुलिस व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटे। - दिनेश यादव, रावणटीला
एटा चुंगी पर शाम के समय निकलना मुश्किल हो जाता है। छावनी मोड़ से चौराहे तक सब्जी, फल आदि की ढकेलों की भरमार है। सड़क सिकुड़ गई है। पुलिसकर्मी सिर्फ चालान काटने में व्यस्त रहते हैं। शहर की यातायात व्यवस्था पर प्रशासन का भी कोई ध्यान नहीं है। - कमल शर्मा, एटा चुंगी।
सौ मीटर दायरे में चौराहे अतिक्रमण मुक्त हों
यातायात सलाहकार अरुण श्रीवास्तव कहते हैं कि सबसे पहले तो सभी चौराहे सौ मीटर दायरे में अतिक्रमण, अवैध वेंडर और डग्गामार वाहनों से मुक्त हों। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए डग्गामार चार पहिया वाहनों पर रोक लगनी चाहिए। भीड़-भाड़ वाले इलाकों में अनगिनत ई-रिक्शा के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। प्रशासन सख्त कार्रवाई करे। तभी इस व्यवस्था में सुधार हो सकता है। शहर की सड़कों को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। बाजारों में पार्किंग की व्यवस्था हो और माल लदे भारी वाहनों को दिन में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए।
- एटा चुंगी की ओर जाने वाले मार्ग पर डग्गामार वाहनों पर विशेष निगरानी रहती है। अतिक्रमण हटाने का भी काम जारी है। जल्द ही यहां साइन बोर्ड व ऑटो-टिर्री की मॉनीटरिंग का काम शुरू कराया जाएगा। - मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी यातायात
इन चौराहों/तिराहों पर ट्रैफिक लाइट
- गांधीपार्क चौराहा, दुबे पड़ाव चौराहा, एटा चुंगी पर लाइटें लगी हुई हैं, रविवार को एटा चुंगी चौराहे की बत्ती बंद थी।
इस मार्ग की प्रमुख बाधाएं
- बस स्टैंड चौराहे पर चारों ओर बेतरतीब व अवैध रूप से खड़े डग्गामार वाहन, ऑटो-टैंपो, टिर्री खड़े रहते हैं।
- ढाई किमी की दूरी वाले इस मार्ग पर पार्किंग की व्यवस्था नहीं, अतिक्रमण, सड़क किनारे बिजली के खंभे हैं।
- अचलताल चौराहे पर हलवाइयों की दुकानों की सड़क पर रखी भट्ठियां, अवैध पार्किंग हैं।
- नौरंगाबाद इलाके में दुकानें सड़क व पटरी पर और सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं।
- एटा चुंगी चौराहे पर वेंडर्स, खिरनी गेट पुलिस चौकी के पास अतिक्रमण और बिजली के खंभे हैं।
ये भी जाम के प्रमुख कारण
- एक दर्जन हॉस्पिटल, 10 कांप्लेक्स, 700 से ज्यादा दुकानें, पर पार्किंग नहीं।
- अचलताल तक 20, उससे आगे नौरंगाबाद तक 30 फुट की रोड पर कब्जे।
- इस सड़क पर जगह-जगह 6-6 फुट पर बिजली के खंभे भी लगे हुए हैं।
- आधा दर्जन होटल व गेस्ट हाउसों के अलावा हर तरफ अतिक्रमण है।
- करीब 600 ढकेल-खोमचे, आधा दर्जन बैंक शाखाएं और आधा दर्जन स्कूल भी हैं।
ये हैं जाम के प्रमुख स्थान
-गांधीपार्क बस स्टैंड, दुबे पड़ाव चौराहा, अचलताल तक, नौरंगाबाद, एटा चुंगी चौराहा।