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Aligarh News: वैद्यनगरी में 150 साल से धन्वंतरि पूजा, प्रसाद का है महत्व

Sat, 18 Oct 2025 02:22 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Sat, 18 Oct 2025 02:22 AM IST
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Dhanvantari Puja in Vaidyanagari for 150 years, Prasad is important
वैद्यनगरी के नाम से मशहूर विजयगढ़ में भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है। कस्बा में डेढ़ सदी से भी ज्यादा समय से धन्वंतरि पूजा का आयोजन होता है। इसके बाद बंटने वाले प्रसाद का सबसे ज्यादा महत्व होता है। कस्बे की फार्मेसी फर्मों में पूजा-अर्चना की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
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धन्वंतरि कार्यालय स्टेट में राजेश गर्ग, वैद्य अमन गर्ग, प्राणाचार्य भवन आयुर्वेदिक संस्थान में वैद्य शशांक अग्रवाल, धन्वंतरि कार्यालय सेंट्रल में वैद्य मुदित गर्ग, अतुल फार्मेसी में वैद्य यतेंद्र गर्ग, गर्ग वनौषधि भंडार में वैद्य गोपालशरण गर्ग व वैद्य अमृत गर्ग, बाबा फार्मास्युटिकल्स में आशीष अग्रवाल, भारद्वाज फार्मेसी में नितिन भारद्वाज, सत्यार्थी फार्मेसी में वैद्य मणींद्र सत्यार्थी, चरक फार्मेसी में जितेंद्र आर्य, केपी फार्मास्युटिकल्स में ललित यादव आदि भगवान धन्वंतरि की पूजा में यजमान बनेंगे।
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विजयगढ़ में करीब डेढ़ सौ वर्ष से धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा होती आ रही है। पूजा के लिए आचार्य पंडित राजकुमार शर्मा, पंडित परम किशोर शर्मा, पंडित श्रीकृष्ण शर्मा, पंडित केशवदेव शर्मा आदि को इन फार्मेसियों की ओर से आमंत्रित किया गया है। प्रत्येक फार्मेसी में हवन और केसर, मुनक्का, बादाम, छोटी इलायची, लौंग, जावित्री, कपूर ,घी और चीनी से मिलाकर प्रसाद बनाया जाता है। इस प्रसाद को सभी फर्में सभी जगह भेजती हैं, जहां उनकी एजेंसी हैं।
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- भगवान धन्वंतरि के लिए बनाए जाने वाले इस प्रसाद को सर्दी की शुरुआत में खाने से शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है। सर्दी, जुकाम, बुखार, कब्ज दूर करने, पाचन शक्ति बढ़ाने में यह प्रसाद लाभदायक होता है। -वैद्य गोपालशरण गर्ग।



-सुबह से फार्मेसी में पूजा की तैयारी सभी लोग मिलकर करते हैं और विजयगढ़ के प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित किया जाता है। सभी लोग मिलकर भगवान धन्वंतरि को हवन में आहुतियां देते हैं। -राजेश कुमार गर्ग।



-मेरे परबाबा के जमाने से धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा होती आ रही है। सुबह से उपवास रखकर सभी लोगों के साथ मिलकर कथा सुनता हूं। सभी लोग भगवान धन्वंतरि को पूर्ण आहुति देते हैं और प्रसाद पाते हैं। -वैद्य शशांक अग्रवाल

-भगवान धन्वंतरि की कथा में प्रसाद का बहुत महत्व है। यह प्रसाद पकने के बाद हलवे की तरह हो जाता है। इस प्रसाद के लिए जगह-जगह से खास मांग होती है। सभी जगह प्रसाद भेजते हैं। -आशीष अग्रवाल
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