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देवोत्थान एकादशी पर रही बैंड बाजा और बारात की धूम
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गूलर रोड पर देवोत्थान पर बरात में डांस करता दूल्हा।
- फोटो : CITY OFFICE
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देवोत्थान एकादशी पर रही बैंड बाजा और बारात की धूम
उठो देव, जागो देव, मंगल कार्य कराओ देव...
सब हेड = फोटो
- बधाई हो बधाई, देवोत्थान पर गूंज उठी शहनाई, जमकर झूमे बाराती
- शहर में दो हजार से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
- बैंडबाजों की धुन पर लाइटों से शहर हो उठा जगमग
संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़। काश! यह खुशियों और मस्ती का पल थम जाए कहीं। अपने भाई, रिश्तेदार और यार की शादी में लोग बस यही चाहत मन में लिए हुए थे और उनके चेहरे खुशी से दमक रहे थे। मौका था शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी का। शहर भर में करीब दो हजार से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। जहां लोग डीजे, शहनाई और बैंड के साथ ढोल की थाप पर पंजाबी भंगड़ा संग शादी में जमकर थिरके। शाम के समय बैंडबाजों की धुन पर लाइटों से शहर जगमग हो उठा। बैंडबाजा, डेकोरेशन एवं शहर के गेस्ट हाउसों की फुल बुकिंग थी।
देवोत्थान एकादशी पर देव जाग गए। इसी के साथ मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए। श्रीहरि (भगवान विष्णु) के जागने पर मंगल गीत गाकर स्वागत किया गया। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। घरों में महिलाओं ने भगवान विष्णु समेत देवी -देवताओं को जगाया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही पूजन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बाजार में लोगों ने गन्ना व सिघांडा खरीदा। अचलताल स्थित गिलहराज मंदिर, नौरंगाबाद स्थित नौदेवी और गांधीपार्क स्थित चामुंडा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने देवों के दर्शन किए। मंदिरों में घंटे और शंखनाद गूंज उठे। मंगलगीत गाए गए। भगवान विष्णु की आरती की गई। घरों में रंगोली बनाई गई। गेरू और खड़िया से घर, आंगन एवं द्वार को सजाया गया। इसके बाद पूजा स्थल पर गन्ना, शकरकंद, मूली, सिंघाड़ा, बेर, बैगन, सेब, केला, मिष्ठान अर्पित कर देवों से जागने की विनती की गई। उठो देव, जागो देव, मंगल कार्य कराओ देव के साथ भगवान विष्णु की आराधना की गई। देवों के जागने पर हर ओर भगवान विष्णु के जयकारे शुरू हो गए। घरों में खुशियां मनाई गईं। दीपक से घर-आंगन को सजाया गया। मानों दीपावली जैसा उत्सव लग रहा था। बच्चों ने आतिशबाजी की।
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सालिग्राम-तुलसी विवाह
देव प्रबोधिनी एकादशी पर समारोहों की शुरुआत घरों में देव स्थानों पर तुलसी मैया संग सालिग्राम के विधि-विधान से विवाह एवं पूजन से हुआ। टीकाराम मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर में तुलसी व शालिग्राम का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर के कई इलाकों में सालिग्राम की बरात निकली। गन्ना, सिंघाड़ा, शकरकंद, आंवला आदि रखकर विधिवत पूजा की गई। विष्णु भगवान तुलसी माता के भजन गाए गए।
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बग्घी-बैंडबाजे रहे व्यस्त, ब्यूटी पार्लर पर सजने-संवरने का चला दौर
शादियों पर शहर में कार की अपेक्षा बग्घी अधिक पसंद की गई। दूल्हे राजा बग्घी पर सवार होकर बरात लेकर पहुंचे। कुछ दूल्हों ने घोड़ी की अपेक्षा कार पसंद की। फूल विक्रेता व डेकोरेटर राहुल शर्मा ने बताया कि करीब 25 कारें संजने को आईं। बाहर जाने वाली बरातों के लिए सुबह से ही कारें संजने लगी थीं। बैंडबाजों पर भी बराती आज मेरे यार की शादी है... जैसे गीतों पर खुलकर डांस करते हुए नजर आए। बैंड संचालकों ने बताया कि तमाम बुकिंग दो से तीन शिफ्टों में थीं। उधर, सहालग तेज होने के कारण गाड़ियों की भी काफी बुकिंग रही। ट्रांसपोर्टर पंकज कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पूर्व ही गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो गई थी। डेयरी संचालक राकेश कुमार के अनुसार शहर में करीब पांच सौ क्विंटल से अधिक पनीर बिका। खोये की भी खूब खपत रही। समद रोड स्थित एक ब्यूटी पार्लर की संचालिका सरिता ने बताया कि सहालग पर पहले से बुकिंग रहती है। देवोत्थान पर 15 युवतियों का मेकअप हुआ। दोपहर से मेकअप के लिए युवतियां आनी शुरू हो गई थीं। शहर के हर फेमस ब्यूटी पार्लर पर सजने-संवरने का दौर चला।
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दिन भर शहर में रेंग-रेंग कर गुजरते रहे वाहन
देवोत्थान एकादशी के शुभ मुहूर्त पर शुक्रवार को शहर में सैकड़ों शादियां हुईं। इस वजह से दोपहर से ही शहर के मुख्य चौराहों पर जाम लगना शुरू हो गया। जाम में फंसे वाहन चालक एक हाथ में स्टियरिंग थामे हुए थे तो दूसरे हाथ में फोन। उन्हें यह कहते सुना गया कि वे जाम में फंसे हैं, थोड़ी देर बाद बात करेंगे। शहर की सड़कों पर बैंड की आवाज सुनाई दे रही थी। शहर में बड़ा सहालग होने एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों के चलते जाम जैसे हालात बने रहे। इससे वाहन चालक व राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महानगर के सारसौल फल मंडी, सारसौल चौराहा, खैर रोड, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी, धनीपुर मंडी, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, मैरिस रोड समेत तमाम स्थानों पर जाम जैसे हालात बने रहे। वाहन रेंग-रेंगकर गुजरते रहे। शाम को शहर के फार्म हाउस, होटल, मैरिज होम एवं बरातघरों के साथ ही धर्मशालाओं में शादियों की धूम रही। एसपी ट्रैफिक मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि वाहनों की अधिक संख्या के चलते जाम जैसे हालात बने रहे, लेकिन ट्रैफिक धीमी गति से गुजरता रहा। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के वाहन जब्त करने के साथ ही अवैध पार्किंग व सड़कों पर अतिक्रमण करने के अपराध में चालान काटा गया।
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देवोत्थान एकादशी पर रही बैंड बाजा और बारात की धूम
उठो देव, जागो देव, मंगल कार्य कराओ देव...
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- बधाई हो बधाई, देवोत्थान पर गूंज उठी शहनाई, जमकर झूमे बाराती
- शहर में दो हजार से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे
- बैंडबाजों की धुन पर लाइटों से शहर हो उठा जगमग
संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़। काश! यह खुशियों और मस्ती का पल थम जाए कहीं। अपने भाई, रिश्तेदार और यार की शादी में लोग बस यही चाहत मन में लिए हुए थे और उनके चेहरे खुशी से दमक रहे थे। मौका था शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी का। शहर भर में करीब दो हजार से अधिक जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। जहां लोग डीजे, शहनाई और बैंड के साथ ढोल की थाप पर पंजाबी भंगड़ा संग शादी में जमकर थिरके। शाम के समय बैंडबाजों की धुन पर लाइटों से शहर जगमग हो उठा। बैंडबाजा, डेकोरेशन एवं शहर के गेस्ट हाउसों की फुल बुकिंग थी।
देवोत्थान एकादशी पर देव जाग गए। इसी के साथ मांगलिक कार्य भी शुरू हो गए। श्रीहरि (भगवान विष्णु) के जागने पर मंगल गीत गाकर स्वागत किया गया। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। घरों में महिलाओं ने भगवान विष्णु समेत देवी -देवताओं को जगाया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही पूजन की तैयारियां शुरू हो गई थीं। बाजार में लोगों ने गन्ना व सिघांडा खरीदा। अचलताल स्थित गिलहराज मंदिर, नौरंगाबाद स्थित नौदेवी और गांधीपार्क स्थित चामुंडा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं ने देवों के दर्शन किए। मंदिरों में घंटे और शंखनाद गूंज उठे। मंगलगीत गाए गए। भगवान विष्णु की आरती की गई। घरों में रंगोली बनाई गई। गेरू और खड़िया से घर, आंगन एवं द्वार को सजाया गया। इसके बाद पूजा स्थल पर गन्ना, शकरकंद, मूली, सिंघाड़ा, बेर, बैगन, सेब, केला, मिष्ठान अर्पित कर देवों से जागने की विनती की गई। उठो देव, जागो देव, मंगल कार्य कराओ देव के साथ भगवान विष्णु की आराधना की गई। देवों के जागने पर हर ओर भगवान विष्णु के जयकारे शुरू हो गए। घरों में खुशियां मनाई गईं। दीपक से घर-आंगन को सजाया गया। मानों दीपावली जैसा उत्सव लग रहा था। बच्चों ने आतिशबाजी की।
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देव प्रबोधिनी एकादशी पर समारोहों की शुरुआत घरों में देव स्थानों पर तुलसी मैया संग सालिग्राम के विधि-विधान से विवाह एवं पूजन से हुआ। टीकाराम मंदिर, महाकालेश्वर मंदिर में तुलसी व शालिग्राम का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर के कई इलाकों में सालिग्राम की बरात निकली। गन्ना, सिंघाड़ा, शकरकंद, आंवला आदि रखकर विधिवत पूजा की गई। विष्णु भगवान तुलसी माता के भजन गाए गए।
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बग्घी-बैंडबाजे रहे व्यस्त, ब्यूटी पार्लर पर सजने-संवरने का चला दौर
शादियों पर शहर में कार की अपेक्षा बग्घी अधिक पसंद की गई। दूल्हे राजा बग्घी पर सवार होकर बरात लेकर पहुंचे। कुछ दूल्हों ने घोड़ी की अपेक्षा कार पसंद की। फूल विक्रेता व डेकोरेटर राहुल शर्मा ने बताया कि करीब 25 कारें संजने को आईं। बाहर जाने वाली बरातों के लिए सुबह से ही कारें संजने लगी थीं। बैंडबाजों पर भी बराती आज मेरे यार की शादी है... जैसे गीतों पर खुलकर डांस करते हुए नजर आए। बैंड संचालकों ने बताया कि तमाम बुकिंग दो से तीन शिफ्टों में थीं। उधर, सहालग तेज होने के कारण गाड़ियों की भी काफी बुकिंग रही। ट्रांसपोर्टर पंकज कुमार ने बताया कि करीब एक महीने पूर्व ही गाड़ियों की बुकिंग शुरू हो गई थी। डेयरी संचालक राकेश कुमार के अनुसार शहर में करीब पांच सौ क्विंटल से अधिक पनीर बिका। खोये की भी खूब खपत रही। समद रोड स्थित एक ब्यूटी पार्लर की संचालिका सरिता ने बताया कि सहालग पर पहले से बुकिंग रहती है। देवोत्थान पर 15 युवतियों का मेकअप हुआ। दोपहर से मेकअप के लिए युवतियां आनी शुरू हो गई थीं। शहर के हर फेमस ब्यूटी पार्लर पर सजने-संवरने का दौर चला।
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दिन भर शहर में रेंग-रेंग कर गुजरते रहे वाहन
देवोत्थान एकादशी के शुभ मुहूर्त पर शुक्रवार को शहर में सैकड़ों शादियां हुईं। इस वजह से दोपहर से ही शहर के मुख्य चौराहों पर जाम लगना शुरू हो गया। जाम में फंसे वाहन चालक एक हाथ में स्टियरिंग थामे हुए थे तो दूसरे हाथ में फोन। उन्हें यह कहते सुना गया कि वे जाम में फंसे हैं, थोड़ी देर बाद बात करेंगे। शहर की सड़कों पर बैंड की आवाज सुनाई दे रही थी। शहर में बड़ा सहालग होने एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों के चलते जाम जैसे हालात बने रहे। इससे वाहन चालक व राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। महानगर के सारसौल फल मंडी, सारसौल चौराहा, खैर रोड, आगरा रोड, सासनीगेट चौराहा, दुबे का पड़ाव, एटा चुंगी, धनीपुर मंडी, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, मैरिस रोड समेत तमाम स्थानों पर जाम जैसे हालात बने रहे। वाहन रेंग-रेंगकर गुजरते रहे। शाम को शहर के फार्म हाउस, होटल, मैरिज होम एवं बरातघरों के साथ ही धर्मशालाओं में शादियों की धूम रही। एसपी ट्रैफिक मुकेश चंद्र उत्तम ने बताया कि वाहनों की अधिक संख्या के चलते जाम जैसे हालात बने रहे, लेकिन ट्रैफिक धीमी गति से गुजरता रहा। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के वाहन जब्त करने के साथ ही अवैध पार्किंग व सड़कों पर अतिक्रमण करने के अपराध में चालान काटा गया।