Dengue: अलीगढ़ के 128 गांवों में पसरा डेंगू, चिकुनगुनिया फैलने का खतरा, 2024 में आए 397 मामले
जिला पंचायत राज अधिकारी, डीआईओएस व बीएसए को गांवों की सूची दे दी है, जो डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया के लिए संवेदनशील है। गांव और मोहल्लों में लार्वा रोधी दवा का छिड़काव, साफ-सफाई की हिदायत दी गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ जिले के 128 गांवों में डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया फैलने का खतरा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों के लिए गांवों को संवेदनशील माना है। पिछले दिनों कुछ गांवों में डेंगू के मामले सामने आए थे। डेंगू से 30 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इन मौतों की वजह डेंगू को नहीं माना है। वर्ष 2024 में कुल 397 डेंगू के मामले सामने आए थे।
जिला पंचायत राज अधिकारी, डीआईओएस व बीएसए को गांवों की सूची दे दी है, जो डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया के लिए संवेदनशील है। गांव और मोहल्लों में लार्वा रोधी दवा का छिड़काव, साफ-सफाई की हिदायत दी गई है।
किस विकास खंड में हैं कितने गांव
विकासखंड अकराबाद में 12 गांव, विकासखंड छर्रा में 13 गांव, विकासखंड बिजौली में 7 गांव, विकासखंड धनीपुर में 12 गांव, विकासखंड अतरौली में 14 गांव, विकासखंड जवां में 12 गांव, विकासखंड चंडौस में 10 गांव, विकासखंड गोंडा में 10 गांव, विकासखंड लोधा में 22 गांव, विकासखंड इगलास में 6 गांव, विकासखंड खैर में 11 गांव और विकासखंड टप्पल में 10 गांव हैं, जो मच्छर जनित बीमारियों के लिए संवेदनशील माना गया है।
वाजिदपुर में हुई थी 15 लोगों की मौत
विकासखंड जवां के वाजिदपुर में 15 लोगो की डेंगू से मौत हो गई थी। उनकी बुखार से प्लेटलेट्स गिर गई थी। इसी तरह विकासखंड छर्रा के शाहजहांपुर बैजना, गालिब में डेंगू से तीन मौतें हो गई थीं। चावली, बरौली में डेंगू का प्रकोप फैला था। कथावाचक सुमन सुरभि की भी डेंगू से मौत हो गई थी। जिले में फिर से डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया बीमारी ने आहट दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है।