{"_id":"5f3c3e958ebc3e3d1b6831ae","slug":"demand-for-small-ganesh-idols-in-corona-period-city-office-news-ali241491060","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में छोटी गणेश प्रतिमाओं की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में छोटी गणेश प्रतिमाओं की मांग
विज्ञापन
आगरा रोड पर गणेश चर्तुथी को लेकर मूर्ति बनाती महिला।
- फोटो : CITY OFFICE
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गणेश चतुर्थी 22 अगस्त को है। कोरोना संक्रमण काल के चलते इस बार सामूहिक आयोजनों पर रोक रहेगी। इसके चलते बड़ी गणपति की प्रतिमाओं की अभी तक कोई मांग नहीं है। बल्कि छोटी मूर्तियों की बिक्री को लेकर उदयपुर के कुंभलगढ़ से आए सुनील मोगिया का परिवार उत्साहित है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार से काफी उम्मीदें हैं।
उदयपुर के कुंभलगढ़ निवासी सुनील मोगिया और गंगा मोगिया का 13 सदस्यों का यह परिवार विगत 12-13 वर्षों से शहर में रह रहा है। कोरोना काल के चलते सभी अपने घर चले गए थे। लेकिन वहां खेती के लिए जमीन न होने के चलते यह परिवार फिर से अलीगढ़ में आ गया है। हालांकि, तहसील कोल के बगल में मूर्ति बनाने वाले सोनू मेवाती इस बार नहीं आए हैं। ऐसे में सुनील मोगिया का परिवार दिन रात गणपति की मूर्तियां बनाने में जुटा है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ से हमेशा से प्यार मिला है। ऐसे में छोटी मूर्तियां बिकने का अनुमान है। बड़ी मूर्तियों के एक भी आर्डर अभी तक नहीं मिले हैं। चूंकि, घरों में भी गणपति स्थापित किए जाते हैं, ऐसे में छोटी मूर्तियां बड़ी मात्रा में बनाई हैं। यह मूर्तियां 150 से शुरू हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते परिवार पर आर्थिक संकट आया है। लेकिन आने वाले त्योहार से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
सासनीगेट क्षेत्र के रहने वाले अखिलेश कुमार ने बताया कि 100 छोटी मूर्तियां लेने आया हूं। यह मूर्तियां डिबाई बिक्री के लिए पहुंचाई जाएंगी। बड़ी मूर्तियों की मांग बिल्कुल नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उदयपुर के कुंभलगढ़ निवासी सुनील मोगिया और गंगा मोगिया का 13 सदस्यों का यह परिवार विगत 12-13 वर्षों से शहर में रह रहा है। कोरोना काल के चलते सभी अपने घर चले गए थे। लेकिन वहां खेती के लिए जमीन न होने के चलते यह परिवार फिर से अलीगढ़ में आ गया है। हालांकि, तहसील कोल के बगल में मूर्ति बनाने वाले सोनू मेवाती इस बार नहीं आए हैं। ऐसे में सुनील मोगिया का परिवार दिन रात गणपति की मूर्तियां बनाने में जुटा है। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ से हमेशा से प्यार मिला है। ऐसे में छोटी मूर्तियां बिकने का अनुमान है। बड़ी मूर्तियों के एक भी आर्डर अभी तक नहीं मिले हैं। चूंकि, घरों में भी गणपति स्थापित किए जाते हैं, ऐसे में छोटी मूर्तियां बड़ी मात्रा में बनाई हैं। यह मूर्तियां 150 से शुरू हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते परिवार पर आर्थिक संकट आया है। लेकिन आने वाले त्योहार से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
विज्ञापन
सासनीगेट क्षेत्र के रहने वाले अखिलेश कुमार ने बताया कि 100 छोटी मूर्तियां लेने आया हूं। यह मूर्तियां डिबाई बिक्री के लिए पहुंचाई जाएंगी। बड़ी मूर्तियों की मांग बिल्कुल नहीं है।
विज्ञापन