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Adipurush Movie: आदिपुरुष के लेखक ने किया सड़क छाप भाषा का प्रयोग, रामायण से विपरीत किया चरित्र चित्रण

Sat, 17 Jun 2023 10:32 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 17 Jun 2023 10:32 PM IST
सार

सनातन प्रतिभा फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने कहा कि फिल्म की वजह से भगवान श्रीराम और भारत की संस्कृति का मजाक बन रहा है। फिल्म में सीता हरण के दृश्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। बजरंगबली को चमड़ा पहनाया गया है। लेखक द्वारा सड़क छाप भाषा का प्रयोग किया गया है, जो काफी शर्मनाक है। 

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Demand for action against the author of Adipurush Film
आदिपुरुष - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फिल्म आदिपुरुष पर्दे पर आने के बाद विवादों से घिर गई है। सनातन प्रतिभा फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक सक्सेना ने शनिवार को जारी अपने बयान में फिल्म की निंदा की है। उन्होंने कहा कि फिल्म में रावण, भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान के दृश्य महाकाव्य रामायण में पाए जाने वाले धार्मिक चरित्रों के चित्रण के विपरीत हैं। 

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फिल्म की वजह से भगवान श्रीराम और भारत की संस्कृति का मजाक बन रहा है। फिल्म में सीता हरण के दृश्य को गलत तरीके से दिखाया गया है। बजरंगबली को चमड़ा पहनाया गया है। लेखक द्वारा सड़क छाप भाषा का प्रयोग किया गया है, जो काफी शर्मनाक है। 
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इतनी सारी गलतियां होने के बाद भी सेंसर बोर्ड ने फिल्म को कैसे पास कर दिया। फिल्म को देखने से युवाओं और बच्चों के मस्तिष्क पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने फिल्म के लेखक पर वैधानिक कार्यवाही व फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
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योगी से फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग
संस्कार भारती के जिला संयोजक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सूबे के मुखिया योगी से फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। संस्कार भारती के जिला संयोजक भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की आस्था पर कुठाराघात नहीं कर सकते। कहा कि फिल्म में भगवान श्रीराम एवं हनुमान का अपमान किया गया है। उन्होंने कहा कि 90 के दशक में आई रामानंद सागर की रामायण में सीता एवं राम की सौम्यता को ध्यान में रखा गया। लेकिन, इस फिल्म से वह सब गायब है। मुंबई के टपोरी भाषा में भगवान के डायलॉग हैं। कहा कि आखिर फिल्म निर्माता-निर्देशक आज की पीढ़ी को कौन सी रामायण दिखाना चाह रहे हैँ। उन्होंने हिंदूवादी संगठनों से फिल्म का विरोध करने की अपील की है।

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