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अलीगढ़ नोड में 2024 से रक्षा उत्पादन का लक्ष्य
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मुख्यमंत्री आवास पर आदित्यनाथ को ज्ञापन देते नवनीत वार्ष्णेय एवं मोहित गुप्ता।
- फोटो : CITY OFFICE
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डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अलीगढ़ नोड में वर्ष 2024 से रक्षा उत्पादन शुरू हो जाएगा। मार्च 2022 तक अंडला स्थित कॉरिडोर में सड़क, बिजली, पानी, बाउंड्रीवाल, सुरक्षा सहित अन्य तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन मिला है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निवेशकों के साथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक कर प्रगति की समीक्षा की। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की गई थी। इसमें अलीगढ़ नोड में निवेश करने वाले उद्यमी भी शामिल हुए। प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना, यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी के अतिरिक्त रक्षा मंत्रालय से संबंधित अधिकारी भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री एवं रक्षा मंत्री ने निवेशकों से प्रगति से संबंधित जानकारी ली। उद्यमियों ने समस्याओं से अवगत कराया। फिम के अध्यक्ष धनजीत वाड्रा ने बताया कि मार्च 2022 तक अलीगढ़ नोड में तमाम सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। नोड में फैक्टरी स्थापित कर 2024 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निवेशकों से कहा कि वह जल्दी से जल्दी उत्पादन शुरू कर दें। हर साल देश में निर्मित उत्पादों की 17 हजार करोड़ रुपये की खरीदारी होगी। स्टार्टअप के लिए 400 करोड़ रुपये आरक्षित हैं।
निर्यातक मोहित गुप्ता ने बताया कि रक्षा मंत्री ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार नई पॉलिसी घोषित करने वाली है। इसमें सब्सिडी का भी ध्यान रखा गया है। बैठक में यह भी संकेत दिया कि रक्षा मंत्रालय 25 नवंबर को निवेशकों के साथ फिर बैठक करेगा। बैठक में मुकेश जैन, नवनीत वार्ष्णेय, प्रशांत गोयल, तरुण सक्सेना, अनुपम प्रसाद, मोहित शर्मा, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आलोक झा, पारस अग्रवाल और मानव बंसल आदि शामिल हुए।
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एमएसएमई को छूट देने की मांग
फिम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अलीगढ़ नोड में एमएएसएमई को जमीन पर 25 प्रतिशत छूट देने की मांग की। ज्ञापन में अलीगढ़ नोड में बिजली, पानी, सड़क, बाउंड्री, सुरक्षा आदि के साथ ही खैर-जट्टारी में बाईपास बनाने की मांग की गई है।
राजनाथ से मिले आईआईए के सदस्य
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के अलीगढ़ चैप्टर के पारस अग्रवाल एवं मानव बंसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेक्रेटरी रक्षा मंत्रालय एवं चेयरमैन आईआईडीएम से मुलाकात कर अलीगढ़ के उद्यमियों के लिए क्लोज डोर मीटिंग बुलाने का निवेदन किया ताकि अलीगढ़ के उद्यमियों को डिफेंस एंड एयरोस्पेस सेक्टर में उन्नत भागीदारी के लिए तकनीकी एवं शासकीय सहायता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
नोड में करीब 1245 करोड़ रुपये का निवेश
अलीगढ़ नोड में 19 कंपनियों को 55 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटित की गई है। ये कंपनियां डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में करीब 1245 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। यहां पर रक्षा उत्पाद बनेंगे। यहां पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार द्वारा अलीगढ़ के अतिरिक्त लखनऊ, कानपुर, चित्रकूट, झांसी एवं आगरा नोड में कॉरिडोर स्थापित किया जा रहा है।
अलीगढ़ नोड की ये हैं प्रमुख कंपनियां
एलन एंड एलवन, नित्या क्रिएशन इंडिया, पीबीएम इंसोलेशन, दीप एक्सप्लो इक्विपमेंट, श्रद्धा उद्योग, एडवांस फायर एंड सेफ्टी, वेरीविन डिफेंस, न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, जय साईं अनु ओवरसीज, प्रिशियन प्रोडक्ट, कोबरा इंडस्ट्रीज, एंकर रिसर्च लैब, पी 2 लॉजिटेक, क्रिमसन एनर्जी एक्सपोर्ट, ट्रैकट्रिक्स ऑप्टो डायनामिक, मिल्कर डिफेंस, सिंडिकेट इनोवेशन इंटरनेशनल, रॉयल सेल्स आदि।
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मुख्यमंत्री एवं रक्षा मंत्री ने निवेशकों से प्रगति से संबंधित जानकारी ली। उद्यमियों ने समस्याओं से अवगत कराया। फिम के अध्यक्ष धनजीत वाड्रा ने बताया कि मार्च 2022 तक अलीगढ़ नोड में तमाम सुविधाएं विकसित हो जाएंगी। नोड में फैक्टरी स्थापित कर 2024 से उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने निवेशकों से कहा कि वह जल्दी से जल्दी उत्पादन शुरू कर दें। हर साल देश में निर्मित उत्पादों की 17 हजार करोड़ रुपये की खरीदारी होगी। स्टार्टअप के लिए 400 करोड़ रुपये आरक्षित हैं।
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निर्यातक मोहित गुप्ता ने बताया कि रक्षा मंत्री ने कहा कि डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार नई पॉलिसी घोषित करने वाली है। इसमें सब्सिडी का भी ध्यान रखा गया है। बैठक में यह भी संकेत दिया कि रक्षा मंत्रालय 25 नवंबर को निवेशकों के साथ फिर बैठक करेगा। बैठक में मुकेश जैन, नवनीत वार्ष्णेय, प्रशांत गोयल, तरुण सक्सेना, अनुपम प्रसाद, मोहित शर्मा, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के आलोक झा, पारस अग्रवाल और मानव बंसल आदि शामिल हुए।
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एमएसएमई को छूट देने की मांग
फिम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अलीगढ़ नोड में एमएएसएमई को जमीन पर 25 प्रतिशत छूट देने की मांग की। ज्ञापन में अलीगढ़ नोड में बिजली, पानी, सड़क, बाउंड्री, सुरक्षा आदि के साथ ही खैर-जट्टारी में बाईपास बनाने की मांग की गई है।
राजनाथ से मिले आईआईए के सदस्य
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के अलीगढ़ चैप्टर के पारस अग्रवाल एवं मानव बंसल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेक्रेटरी रक्षा मंत्रालय एवं चेयरमैन आईआईडीएम से मुलाकात कर अलीगढ़ के उद्यमियों के लिए क्लोज डोर मीटिंग बुलाने का निवेदन किया ताकि अलीगढ़ के उद्यमियों को डिफेंस एंड एयरोस्पेस सेक्टर में उन्नत भागीदारी के लिए तकनीकी एवं शासकीय सहायता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
नोड में करीब 1245 करोड़ रुपये का निवेश
अलीगढ़ नोड में 19 कंपनियों को 55 हेक्टेयर से अधिक भूमि आवंटित की गई है। ये कंपनियां डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में करीब 1245 करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। यहां पर रक्षा उत्पाद बनेंगे। यहां पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार द्वारा अलीगढ़ के अतिरिक्त लखनऊ, कानपुर, चित्रकूट, झांसी एवं आगरा नोड में कॉरिडोर स्थापित किया जा रहा है।
अलीगढ़ नोड की ये हैं प्रमुख कंपनियां
एलन एंड एलवन, नित्या क्रिएशन इंडिया, पीबीएम इंसोलेशन, दीप एक्सप्लो इक्विपमेंट, श्रद्धा उद्योग, एडवांस फायर एंड सेफ्टी, वेरीविन डिफेंस, न्यू स्पेस रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी, जय साईं अनु ओवरसीज, प्रिशियन प्रोडक्ट, कोबरा इंडस्ट्रीज, एंकर रिसर्च लैब, पी 2 लॉजिटेक, क्रिमसन एनर्जी एक्सपोर्ट, ट्रैकट्रिक्स ऑप्टो डायनामिक, मिल्कर डिफेंस, सिंडिकेट इनोवेशन इंटरनेशनल, रॉयल सेल्स आदि।