Aligarh Nagar Nigam: कटौती का पैसा कर्मियों के खाते में आएगा, इन बिंदुओं पर भी बनी सहमति
अलीगढ़ के जोन दो और चार में सफाई व्यवस्था ध्वस्त रही। सफाई कर्मचारी सुबह ही गांधी पार्क पर एकत्रित हो गए। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। कोई भी कर्मचारी किसी भी मोहल्ले में काम पर नहीं गया। दूसरे दिन भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त रही।
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आधे शहर में दो दिनों से न तो कूड़ा उठ रहा है और न ही सड़कों पर झाड़ू लग रही है। 12 अगस्त को नगर आयुक्त ने कर्मचारियों और सुखमा संस के संचालक व मैनेजर को खरीखरी सुनाई। कहा कि सफाई कर्मचारियों को परेशान करने से बाज आए। शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी इन्हीं पर है। कटौती की गई धनराशि को इनके खाते में भेजने और हर दिन हाजिरी की जानकारी मोबाइल पर देने का आदेश जारी किया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने की हामी भरी।
12 अगस्त को भी शहर के जोन दो और चार में सफाई व्यवस्था ध्वस्त रही। सफाई कर्मचारी सुबह ही गांधी पार्क पर एकत्रित हो गए। नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। कोई भी कर्मचारी किसी भी मोहल्ले में काम पर नहीं गया। दूसरे दिन भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त रही। नाराज सफाई कर्मचारी करीब 10 बजे फिर से महापौर के आवास पर पहुंच गए। महापौर ने सभी को कार्यालय में बैठा कर समझाया। कहा कि सबके कटे हुए मानदेय के रुपये तीन दिन में खाते में आ जाएंगे।
इसके बाद नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी मुकेश कुमार, जोनल सफाई अधिकारी रामानंद त्यागी और लेखाधिकारी भरत कुमार दूबे की टीम गठित कर समस्या का समाधान करने को कहा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा की अगुवाई में टीम ने कर्मचारियों और कर्मचारी नेताओं से वार्ता। कर्मियों की समस्या सुनने के बाद उन्होंने कंपनी के संचालक कमल सिंह को आड़े हाथों लिया। कहा कि आपके कर्मचारी विरोधी कार्य से नगर निगम प्रशासन और शहर की छवि धूमिल हो रही है। इसमें सुधार लाएं। कहा कि कर्मचारियों को कोई भी समस्या हो वह पहले कंपनी को बताएंगे। अगर वहां समस्या का समाधान नहीं होता है तो नगर निगम कार्यालय में शिकायत करेंगे। समस्याओं को त्वरित निस्तारण कराया जाएगा।
शहर को साफ-सुथरा रखने में सफाई कर्मचारियों की भूमिका सबसे बड़ी है। सफाई कर्मियों और सुपरवाइजरों की समस्याओं को सुनने के बाद सही बात सामने आई। कंपनी को हिदायत दी गई है। कर्मियों से छह बिंदुओं पर सहमति बनी हैं। आज से वह अपने-अपने क्षेत्रों को साफ सुथरा रखेंगे।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त।
दो दिनों से सफाई कर्मचारी मानदेय से कटौती का मुद्दा लेकर आ रहे हैं। कटौती की गई धनराशि उनके खाते में भेजी जाएगी। कर्मचारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। हर समस्या का समाधान कराया जाएगा। मगर काम में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।-प्रशांत सिंघल, महापौर।
इन बिंदुओं पर बनी सहमति
- सभी कर्मचारियों की बायोमीट्रिक हाजिरी लगेगी।
- हर माह पांच तारीख को मानदेय खाते में आएगा।
- त्योहार पर पांच तारीख से पहले मानदेय देना होगा।
- समस्या होने पर कंपनी को नोटिस देना होगा।
- उपस्थिति की जानकारी कर्मियों के मोबाइल पर मिलेगी।
- मानदेय से कटौती की धनराशि उनके खाते में जाएंगे।