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Aligarh: जर्जर भवन के छज्जे का गिरा मलबा, स्कूल जाता बच्चा बाल-बाल बचा, शहर में हैं 110 गिरासू भवन
Sun, 06 Oct 2024 06:22 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 06 Oct 2024 06:22 PM IST
सार
थाने में शिकायत दी गई है कि 4 अक्टूबर को भवन से छज्जा गिरा और स्कूल जाते हुए दो बच्चे बाल-बाल बचे। जब घटना की जानकारी भवन की देखरेख करने वालों को दी गई तो उन्हें अभद्रता की।
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इसी छज्जे से गिरा बच्चे के ऊपर मलबा
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
4 अक्टूबर की सुबह अलीगढ़ में अचलताल स्थित द्वारिकापुरी मोहल्ले में रवि त्रिवेदी का बच्चा शिवांश अपने स्कूल के लि घर से निकला। घर के पास के एक जर्जर भवन के छज्जे का मलबा ऊपर से नीचे गिर गया। बच्चा बाल-बाल बच गया। बड़ा हादसा होने से बच गया। छज्जे का मलबा गिरने से मोहल्ले के लोगों में आक्रोश है।
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शिवांश के पिता रवि त्रिवेदी के साथ उनके पड़ोसी छत्रपाल शर्मा, पीयूष शर्मा, हरीश शर्मा, रिया त्रिवेदी, कुसुम शर्मा ने 6 अक्टूबर को थाना गांधी पार्क छज्जे के मलबे के गिरने की शिकायत दी है। जिसमें लिखा है कि द्वारिकापुरी में राकेश वार्ष्णेय का घर है, जो बंद है और जर्जर हालत में हैं। जिसकी देखरेख उनके दामाद और बेटी कर रहे हैं। जो खुद सुरेंद्र नगर में रहते हैं।
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थाने में शिकायत दी गई है कि 4 अक्टूबर को भवन से छज्जा गिरा और स्कूल जाते हुए दो बच्चे बाल-बाल बचे। जब घटना की जानकारी भवन की देखरेख करने वालों को दी गई तो उन्हें अभद्रता की। मोहल्ले वालों ने जर्जर भवन को सही कराने या गिराने का प्रशासन से आग्रह किया है।
अमर उजाला डिजिटल की खबर का असर
द्वारिकापुरी में एक जर्जर भवन की अमर उजाला डिजिटल ने 13 दिन पहले सितंबर में कवरेज दी थी। जिसके बाद उस भवन के स्वामी ने संज्ञान लेते हुए जनहित में अपने जर्जर भवन को तोड़ने की शुरूआत कर दी है। वहां के लोगों ने जर्जर भवन को दिखाने वाले अमर उजाला को धन्यवाद दिया है।
शहर में 110 जर्जर भवन
अलीगढ़ शहर में करीब 110 ऐसे भवन हैं। इससे भवन में रह रहे और आसपास के लोगों के जीवन को खतरा बना हुआ है। नगर निगम ने बरसात शुरू होने से पहले भवन स्वामियों को नोटिस दिए थे।अलीगढ़ शहर में नगर निगम ने 70 गिरासू भवन चिह्नित हैं। हालांकि, गिरासू भवन की तादाद 110 है। कुछ ऐसे गिरासू भवन हैं, जो घनी आबादी में हैं। ऐसे कई भवन तो बाजार के बीचों-बीच हैं। खिड़की, दरवाजे, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
वर्ष 2022 में हुआ था जर्जर भवन गिरने से हादसा
अक्तूबर 2022 को कोतवाली ऊपरकोट के इलाके में शीशे वाली मस्जिद के पास तीन मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई थी। मलबे में दबकर भवन स्वामी की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे। यह इमारत जर्जर हो चुकी थी।
यहां पर हैं जर्जर भवन
ऊपरकोट, कनवरीगंज, रसलगंज, नई बस्ती, रेलवे रोड, मामूभांजा, मदारगेट, सराय सुल्तानी, दुबे का पड़ाव, मानिक चौक, महावीरगंज, सराय सुल्तानी, सराफ बाजार, सराय हकीम, टनटनपाड़ा, खाईडोरा, चौक बुंदू खां, पक्की सराय, जयगंज पीपल वाली गली समेत अन्य इलाके हैं, जहां गिरासू भवन है।
शहर में 110 जर्जर भवन
अलीगढ़ शहर में करीब 110 ऐसे भवन हैं। इससे भवन में रह रहे और आसपास के लोगों के जीवन को खतरा बना हुआ है। नगर निगम ने बरसात शुरू होने से पहले भवन स्वामियों को नोटिस दिए थे।अलीगढ़ शहर में नगर निगम ने 70 गिरासू भवन चिह्नित हैं। हालांकि, गिरासू भवन की तादाद 110 है। कुछ ऐसे गिरासू भवन हैं, जो घनी आबादी में हैं। ऐसे कई भवन तो बाजार के बीचों-बीच हैं। खिड़की, दरवाजे, दीवारें क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
वर्ष 2022 में हुआ था जर्जर भवन गिरने से हादसा
अक्तूबर 2022 को कोतवाली ऊपरकोट के इलाके में शीशे वाली मस्जिद के पास तीन मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई थी। मलबे में दबकर भवन स्वामी की मौत हो गई थी, जबकि तीन लोग घायल हो गए थे। यह इमारत जर्जर हो चुकी थी।
यहां पर हैं जर्जर भवन
ऊपरकोट, कनवरीगंज, रसलगंज, नई बस्ती, रेलवे रोड, मामूभांजा, मदारगेट, सराय सुल्तानी, दुबे का पड़ाव, मानिक चौक, महावीरगंज, सराय सुल्तानी, सराफ बाजार, सराय हकीम, टनटनपाड़ा, खाईडोरा, चौक बुंदू खां, पक्की सराय, जयगंज पीपल वाली गली समेत अन्य इलाके हैं, जहां गिरासू भवन है।