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Aligarh News: कब्रों से शव के अवशेष निकालकर दूसरी जगह दफनाए जाएंगे, यह है मामला
Sat, 23 Mar 2024 03:21 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Updated Sat, 23 Mar 2024 03:21 PM IST
सार
अलहदादपुर गांव में करीब छह दशक पुरानी कब्रें बनी थीं, लेकिन यह जमीन कब्रिस्तान में दर्ज नहीं थी। वर्ष 1980 में गांव के गजाधर सिंह के नाम जमीन का आवंटन हुआ था। उनके निधन पर उनके बेटे और नातियों के नाम पर जमीन दर्ज हो गई, लेकिन कब्रें होने से उसमें खेती-बाड़ी नहीं हो पा रही थी।आवंटित होने की बात कहते हुए गजाधर सिंह के परिवार वालों ने जेसीबी के जरिये कब्रों को क्षतिग्रस्त करा दिया था।
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कब्र
- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
अलहदादपुर गांव में एक ग्रामीण के नाम आवंटित जमीन पर बनीं कब्रों से बचे शवों के बचे अवशेष निकालकर अब दूसरी जगह कब्रें बनाई जाएंगी। इसके लिए पुलिस की मौजूदगी में गांव में 16 वर्ग गज जमीन देने का समझौता भी हो गया है।
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अलहदादपुर गांव के गाटा संख्या 616 करीब छह दशक पुरानी कब्रें बनी थीं, लेकिन यह जमीन कब्रिस्तान में दर्ज नहीं थी। वर्ष 1980 में गांव के गजाधर सिंह के नाम जमीन का आवंटन हुआ था। उनके निधन पर उनके बेटे और नातियों के नाम पर जमीन दर्ज हो गई, लेकिन कब्रें होने से उसमें खेती-बाड़ी नहीं हो पा रही थी।
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22 मार्च की दोपहर जमीन आवंटित होने की बात कहते हुए गजाधर सिंह के परिवार वालों ने जेसीबी के जरिये कब्रों को क्षतिग्रस्त करा दिया था। इस पर जिनकी कब्रें थीं उनके परिवार वालों ने सूचना देकर अलीगढ़ शहर से अपने रिश्तेदारों को बुला लिया। साथ ही मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की।
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मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण सीओ अतरौली मो. अकमल खान समेत कई थानों से पुलिस शाम के समय गांव पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई। इसमें एक पक्ष ने 16 पक्ष जमीन देने की बात कही तो दूसरे पक्ष ने कब्रें हटाकर नई जगह पर अवशेष गाड़कर कब्रें बना लेने पर सहमति जताई। सीओ मो. मोहसिन खान ने कहा कि गांव में शांति व्यवस्था कायम है।