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Aligarh News: पोस्टमार्टम कराए बगैर ही ले आए बच्चों के शव, किया दफन
Mon, 20 Jan 2025 12:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Mon, 20 Jan 2025 12:59 AM IST
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ढाय धसकने से मृत दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम कराए बगैर ही परिजन रविवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस से घर ले आए। बेटे का अंतिम बार चेहरा देखने के लिए उसकी मां भी अस्पताल से छुट्टी कराकर घर आ गई, जिसका रो-रोकर बुरा हाल था। गांव के बाहर श्मशान स्थल के पास पोखर किनारे दोनों बच्चों के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान थाना पुलिस भी मौजूद रही।
शनिवार की शाम करीब सात बजे गांव छेरत में एक प्लाट से मिट्टी निकालते समय ढाय धसक गई थी। इससे ऋतिक (10) और प्रियंका (10) की मिट्टी में दबने से मौत हो गई थी, जबकि ऋतिक की मां क्रांति देवी, मछला देवी और एक बच्ची शिवानी घायल हो गई थीं। दोनों मृत बच्चों के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह मान गए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया था। रात में दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस में ही रखे रहे।
रविवार की सुबह परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से फिर से मना कर दिया। सुबह 10 बजे दोनों के शव लेकर गांव छेरत आ गए। इस पर एसओ हेमेंद्र माही ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी तो तहसीलदार, नायाब तहसीलदार और लेखपाल भी गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने पंचनामा भरवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
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वहीं हालत में सुधार होने और बेटे का अंतिम बार चेहरा देखने की क्रांति देवी की जिद पर निजी अस्पताल से क्रांति देवी और मछला देवी को छुट्टी दे दी गई। दोपहर में करीब 12 बजे दोनों बच्चों के शव को पास ही में अलग-अलग गड्ढे खोदकर दफन कर दिया गया। उधर घायल शिवानी अभी भी छेरत के निजी अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। उधर पूरे दिन मृत बच्चों के घर पर सांत्वना देने के लिए लोग पहुंचते रहे।
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शनिवार की शाम करीब सात बजे गांव छेरत में एक प्लाट से मिट्टी निकालते समय ढाय धसक गई थी। इससे ऋतिक (10) और प्रियंका (10) की मिट्टी में दबने से मौत हो गई थी, जबकि ऋतिक की मां क्रांति देवी, मछला देवी और एक बच्ची शिवानी घायल हो गई थीं। दोनों मृत बच्चों के परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस अधिकारियों के समझाने पर वह मान गए थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस भिजवा दिया था। रात में दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस में ही रखे रहे।
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रविवार की सुबह परिजन ने पोस्टमार्टम कराने से फिर से मना कर दिया। सुबह 10 बजे दोनों के शव लेकर गांव छेरत आ गए। इस पर एसओ हेमेंद्र माही ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी तो तहसीलदार, नायाब तहसीलदार और लेखपाल भी गांव पहुंच गए। अधिकारियों ने पंचनामा भरवाकर शव परिजन के सुपुर्द कर दिया।
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वहीं हालत में सुधार होने और बेटे का अंतिम बार चेहरा देखने की क्रांति देवी की जिद पर निजी अस्पताल से क्रांति देवी और मछला देवी को छुट्टी दे दी गई। दोपहर में करीब 12 बजे दोनों बच्चों के शव को पास ही में अलग-अलग गड्ढे खोदकर दफन कर दिया गया। उधर घायल शिवानी अभी भी छेरत के निजी अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। उधर पूरे दिन मृत बच्चों के घर पर सांत्वना देने के लिए लोग पहुंचते रहे।