Aligarh: उत्पीड़न से परेशान दलित परिवार मकान बेचने को मजबूर, दरवाजों पर लगाए पोस्टर
थाना जवां प्रभारी ने बताया कि मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने मकान बेचने के पोस्टर अपने घरों पर लगा लिए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है।
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अलीगढ़ के गांव दाऊदपुर कोटा के दलित परिवार उत्पीड़न से परेशान होकर मकान बेचने को मजबूर हैं। लोगों ने मकानों के बाहर पलायन करने के लिए मकान बिकाऊ के पोस्टर लगा दिए हैं। लोगों का आरोप है कि गैर समुदाय के लोगों द्वारा उनके साथ आए दिन मारपीट तथा अन्य प्रकार से उत्पीड़न किया जाता है। इसके चलते वे पलायन के लिए मजबूर हैं। पिछले दिनों दोनों समुदायों में हुई मारपीट की घटना के बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
थाना जवां क्षेत्र के गांव दाऊदपुर कोटा में दो समुदायों में मारपीट की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। पिछले साल मोटरसाइकिल की चाबी जबरन निकालने को लेकर विवाद बढ़ गया था, जिसके बाद दोनों समुदायों में जमकर मारपीट हुई थी। कुछ दिन के लिए पुलिस भी तैनात रही है। इसके बाद भी छिटपुट घटनाएं हुईं। इसी महीने गांव निवासी दलित महिला जयवंती देवी के साथ बकरी भगाने को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट की गई।
इस मामले में थाना जवां में मुकदमा दर्ज कराया गया था। थाना जवां प्रभारी हेमंत मावी ने बताया कि मारपीट के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने मकान बेचने के पोस्टर अपने घरों पर लगा लिए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है।
गांव में हैं 20 दलित परिवार
दाऊदपुर कोटा मुस्लिम बाहुल्य गांव है। गांव में करीब 60 परिवार हिंदू हैं, जिनमें 20 परिवार दलित हैं। करीब 400 परिवार मुस्लिम हैं। जवां कसबे से गांव करीब 8 किलोमीटर दूर है।
वाहनों में तोड़फोड़ और घरों में फैंक रहे गंदगी
दाऊदपुर कोटा निवासी ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि घरों के बाहर खड़े वाहनों के शीशे पत्थर मारकर तोड़ दिए जाते हैं। अक्सर घरों पर गंदगी भी फेंकी जाती है। छोटी-छोटी बातों पर उनके परिवार के सदस्यों के साथ विवाद किया जाता है। गांव में उनके परिवारों की महिलाएं और बेटियां भी सुरक्षित नहीं है। इसलिए मकान बेचने को मजबूर हैं।