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साइबर ठगी : अलीगढ़ के कुछ वित्तीय संस्थान रडार पर

Wed, 17 Feb 2021 01:41 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 01:41 AM IST
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cyber fraud  : some financial institue on radar
प्रधानमंत्री बीमा योजना के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अलीगढ़ का साइबर सेल सक्रिय हो गया है। जिले में आनलाइन माध्यम से वित्तीय कारोबार करने वाले संस्थानों को रडार पर ले लिया गया है। साइबर सेल इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं वित्तीय कारोबार की आड़ में किसी तरह की धोखाधड़ी का नेटवर्क तो संचालित नहीं किया जा रहा है।
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सोमवार को महाराष्ट्र पुलिस ने छापा मारकर आगरा रोड से प्रधानमंत्री बीमा योजना के नाम पर देश भर में लाखों लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले नेटवर्क का खुलासा किया था। इस मामले में गिरोह के सरगना राष्ट्रीय लोक दल के नेता संजीव सूर्यवंशी और उसके साले को गिरफ्तार किया गया था। अलीगढ़ से यह ठगी कॉल सेंटर के माध्यम से की जा रही थी।
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थाना सासनी गेट के प्रभारी इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा ने बताया कि मामला सामने आने के बाद पुलिस को शुरुआत में दो-तीन तथ्य मिले हैं। पहली बात यह कि सरगना अलीगढ़ और उत्तर प्रदेश में सोशल मीडिया पर अपने विज्ञापन करने से बचता था, क्योंकि ऐसा करने पर वह लोगों की और पुलिस की पकड़ में आसानी से आ सकता था। उत्तर प्रदेश व अलीगढ़ में इस योजना का पीड़ित सामने आते तो पुलिस के लिए सरगना के कॉल सेंटर की ट्रेस करना आसान था। इसलिए संजीव सूर्यवंशी ने अपना नेटवर्क केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में फैला रखा था।
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दूसरी बात यह है कि सरगना ने ठगी के लिए मनी लॉंड्रिंग की जगह बीमा कराने का मॉडल अपनाया। इसमें आदमी प्रीमियम भरने के बाद बीमा की स्थिति आने पर ही क्लेम करता है। यानी कि इसमें प्रीमियम के माध्यम से दी गई रकम के संबंध में बीमा लेने वाला बाद में पूछताछ की स्थिति में ज्यादा नहीं होता है। खुलासे के बाद पुलिस के रडार पर अलीगढ़ में सक्रिय कुछ चिटफंड कंपनियां, निवेश आकर्षित करने वाले व्यक्ति संस्थान, वित्तीय योजनाओं को संचालित करने वाले संस्थान रडार पर आ गए हैं। अलीगढ़ का साइबर सेल उनकी निगरानी कर रहा है।
कॉल सेंटर में काम करने वाले भी निगाह में
इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ शर्मा ने बताया कि स्थानीय पुलिस इस बात का पता कर रही है कि इस कॉल सेंटर में कौन-कौन लोग काम करते थे, किसके नाम पर बिजली का कनेक्शन लिया गया था और इस नेटवर्क के तार किन राज्यों में किन लोगों से जुड़े थे? इन सभी के संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से संबंधित विभागों को पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई है। इसमें दो-तीन दिन का समय लग सकता है।
साइबर क्राइम के लंबित मामलों की सूची बनाने में जुटा सेल
आगरा रोड पर रालोद नेता के कार्यालय से संचालित होने वाले कॉल सेंटर से अंतरराज्यीय ठगी के गिरोह का मामला सामने आने के बाद अब अलीगढ़ का साइबर सेल साइबर क्राइम की लंबित शिकायतों की सूची बना रहा है। पुलिस के मुताबिक, इसमें देखा जा रहा है कि ठगी के ऐसे कितने मामले हैं जिसमें इसी पैटर्न पर ठगी की गई है।
इसके अलावा ऐसे मामलों की सूची अलग से बनाई जा रही है जिसमें बैंक की डिटेल किसी तरह हासिल करके खाते से पैसा उड़ा लिया गया है। ऐसे सभी मामलों की अलग-अलग सूची बनाई जा रही है जिससे ऐसे अपराधों को अंजाम देने वाले बदमाशों तक योजनाबद्ध तरीके से पहुंचा जा सके।

सरगना को छुड़ाने के लिए कई नेता थाने पहुंचे
साइबर ठगी को अंजाम देने वाले सरगना संजीव सूर्यवंशी को महाराष्ट्र पुलिस के साथ स्थानीय पुलिस जब गिरफ्तार करके थाने लाई तो उसे छुड़ाने के लिए राष्ट्रीय लोक दल के कई बड़े नेताओं के फोन आए। यही नहीं, कुछ नेता थाने तक चले आए। लेकिन जब उन्हें पूरे मामले का पता चला तो उन्होंने धीरे-धीरे अपने आप को सीमित कर लिया। पुलिस के मुताबिक कुछ नेता तो मोबाइल पर फोन करते करते ही अपनी गाड़ी में बैठ गए और फिर लौटकर नहीं आए।
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